पूर्व सलामी बल्लेबाज जाफर पर इस्लाम को बढ़ावा देने का आरोप, बचाव में उतरे पूर्व क्रिकेटर
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टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर के बचाव में कई पूर्व क्रिकेटर उतरे हैं। इस बीच भारत के पूर्व महान स्पिन गेंदबाज व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की क्रिकेट समिति के प्रमुख अनिल कुंबले ने जाफर का समर्थन करते हुए अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, 'आपके साथ हूं वसीम। आपने सही किया। दुर्भाग्यशाली खिलाड़ी हैं, जिन्हें आपके मेंटर नहीं होने की कमी खलेगी।'
With you Wasim. Did the right thing. Unfortunately it’s the players who’ll miss your mentor ship.
— Anil Kumble (@anilkumble1074) February 11, 2021
इरफान पठान ने ट्वीट किया, 'दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपको यह समझाना पड़ा।'
Unfortunate that you have to explain this.
— Irfan Pathan (@IrfanPathan) February 11, 2021
दरअसल, उत्तराखंड क्रिकेट संघ ने जाफर पर आरोप लगाया है कि राज्य की टीम के कोच के रूप में उन्होंने धर्म आधारित चयन करने का प्रयास किया। इसके बाद जाफर ने संघ के इन आरोपों को खारिज कर दिया। जाफर ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था, 'जो कम्युनल एंगल लगाया, वह बहुत दुखद है । उन्होंने आरोप लगाया कि मैं इकबाल अब्दुल्ला का समर्थन करता हूं और उसे कप्तान बनाना चाहता था जो सरासर गलत है।'
पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर जाफर ने दिया इस्तीफा
उन्होंने कहा, 'बायो बबल में मौलवी आए और हमने नमाज पढ़ी। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मौलवी, मौलाना जो भी देहरादून में शिविर के दौरान दो या तीन शुक्रवार को आए, उन्हें मैंने नहीं बुलाया था।' जाफर ने कहा, 'इकबाल अब्दुल्ला ने मेरी और मैनेजर की अनुमति जुमे की नमाज के लिए मांगी थी।' इस पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने ट्वीट करके कहा, 'कप्तानी के लिए जय बिस्टा के नाम की सिफारिश की थी, इकबाल की नहीं लेकिन सीएयू अधिकारियों ने इकबाल को पसंद किया।'
बता दें कि भारत के लिए 31 टेस्ट खेल चुके जाफर ने कहा था कि टीम में मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के सीएयू के सचिव माहिम वर्मा के आरोपों से उन्हें काफी तकलीफ पहुंची। जाफर ने चयन में दखल और चयनकर्ताओं और संघ के सचिव के पक्षपातपूर्ण रवैये को लेकर मंगलवार को इस्तीफा दे दिया था। जाफर को जून 2020 में उत्तराखंड का कोच बनाया गया था। उन्होंने एक साल का करार किया था। उत्तराखंड की टीम सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पांच में से एक ही मैच जीत सकी।
क्रिकेटर मनोज तिवारी ने की आवश्यक कार्रवाई की मांग
वहीं, इस बीच क्रिकेटर मनोज तिवारी ने ट्वीट कर कहा, 'मैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से अनुरोध करूंगा कि वे इस मुद्दे पर तुरंत ध्यान दें, जिसमें हमारे नेशनल हीरो वसीम भाई को क्रिकेट संघ में साम्प्रदायिक करार दिया गया था। इस पर आवश्यक कार्रवाई करें। एक उदाहरण सेट करने का समय आ गया है।'
I would request the Chief Minister of Uttarakhand (BJP) Mr.Trivendra Singh Rawat 2 intervene immediately nd take note of the issue in which our National hero Wasim bhai was branded as communal in the Cricket Association nd take necessary action.Time 2 Set an example #WasimJaffer pic.twitter.com/ZPcusxuo7v
— MANOJ TIWARY (@tiwarymanoj) February 11, 2021
मैनेजर की रिपोर्ट के आधार पर करेंगे कार्रवाई : वर्मा
उत्तराखंड क्रिकेट संघ (सीएयू) ने पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर के कोच रहते जैविक रूप से सुरक्षित माहौल (बायो बबल) के कथित उल्लंघन के मुद्दे पर सीनियर टीम के मैनेजर से रिपोर्ट मांगी है। वर्मा ने सीएयू की विज्ञप्ति में कहा, 'उत्तराखंड क्रिकेट संघ (सीएयू) वसीम जाफर से जुड़ी घटना की गंभीरता का संज्ञान लिया है और अपनी सीनियर टीम के मैनेजर नवनीत मिश्रा को इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।'
वर्मा ने कहा, 'मिश्रा के विस्तृत रिपोर्ट सौंपने के बाद ही हम भविष्य की कार्रवाई पर फैसला करेंगे। हम पहले ही मैनेजर से जैविक रूप से सुरक्षित माहौल के उल्लंघन पर पूछताछ कर रहे हैं और उल्लंघन के लिए दोषी किसी भी व्यक्ति/सहायक स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई करेंगे क्योंकि खिलाड़ियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है।'