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WTC 2021-2023: विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल की दौड़ से लगभग बाहर हुई भारतीय टीम! जानिए कैसे
Fri, 14 Jan 2022 05:49 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, केपटाउन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 14 Jan 2022 05:49 PM IST
सार
डब्ल्यूटीसी के इस साइकिल में मैच जीतने के मामले में तो भारत आगे है, लेकिन उसने इसके लिए काफी मैच भी खेले हैं। ऐसे में जीत प्रतिशत 50 से कम है। आईसीसी के नए नियम के मुताबिक, ज्यादा टेस्ट जीतने से डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका पर फर्क नहीं पड़ता। अब फर्क जीत प्रतिशत से पड़ता है।
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भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका तीसरा टेस्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2-1 से सीरीज हारने के साथ ही भारतीय टीम के अगले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) के फाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को भी झटका लगा है। भारतीय टीम को केपटाउन में दक्षिण अफ्रीका के हाथों सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में टीम इंडिया चौथे से पांचवें स्थान पर लुढ़क गई है।
वहीं, दक्षिण अफ्रीका की टीम पांचवें से चौथे स्थान पर आ गई है। जुलाई 2021 से 2023 तक चलने वाले इस साइकिल में सात महीने से ज्यादा बीत चुके हैं। इस दौरान भारत और इंग्लैंड ने सबसे ज्यादा मैच खेले हैं। भारत ने नौ मैच खेले हैं और इसमें से चार में जीत हासिल की है। दो मैच ड्रॉ रहे हैं, जबकि 3 में टीम को हार मिली है।
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क्यों भारत फाइनल से हो सकता है बाहर?
भारतीय टीम को इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट और इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट खेलना है। इसमें से एक भी ड्रॉ या हार मिलने पर भारत पूरी तरह से बाहर हो जाएगा। श्रीलंकाई टीम के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज अगर भारत क्लीन स्वीप भी करता है तो जीत प्रतिशत कम ही रहेगा। इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट भारत उसकी जमीन पर खेलेगा। इससे पहले टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम सीमित ओवर का क्रिकेट खेलेगी। ऐसे में इंग्लैंड जाकर उसे इकलौते टेस्ट में हराना आसान नहीं होगा। ऑस्ट्रेलिया (4) और बांग्लादेश (2) के खिलाफ छह टेस्ट और होंगे। हालांकि, उनकी तारीखों का एलान नहीं हुआ है। इन दोनों सीरीज में से एक भी हारने पर टीम इंडिया का फाइनल में पहुंचना नामुमकिन होगा।
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वहीं, दक्षिण अफ्रीका की टीम पांचवें से चौथे स्थान पर आ गई है। जुलाई 2021 से 2023 तक चलने वाले इस साइकिल में सात महीने से ज्यादा बीत चुके हैं। इस दौरान भारत और इंग्लैंड ने सबसे ज्यादा मैच खेले हैं। भारत ने नौ मैच खेले हैं और इसमें से चार में जीत हासिल की है। दो मैच ड्रॉ रहे हैं, जबकि 3 में टीम को हार मिली है।
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जीत में आगे, जीत प्रतिशत में पीछे
डब्ल्यूटीसी के इस साइकिल में मैच जीतने के मामले में तो भारत आगे है, लेकिन उसने इसके लिए काफी मैच भी खेले हैं। ऐसे में जीत प्रतिशत 50 से कम है। आईसीसी के नए नियम के मुताबिक, ज्यादा टेस्ट जीतने से डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका पर फर्क नहीं पड़ता। अब फर्क जीत प्रतिशत से पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के नियम के अनुसार अंक तालिका में टीमों के स्थान का फैसला जीत प्रतिशत के आधार पर किया जाता है। यानी किसने कितने मैच खेले हैं और उसमें उसे कितनी जीत, हार और ड्रॉ मिली है।
किस आधार पर मिलते हैं प्वाइंट
आईसीसी के नियमों के अनुसार एक मैच जीतने पर विजेता टीम को 12 प्वाइंट मिलते हैं। वहीं मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को चार-चार प्वाइंट मिलते हैं और हारने वाली टीम को कोई प्वाइंट नहीं मिलता है। मैच टाई होने पर दोनों टीमों को छह-छह प्वाइंट्स मिलते हैं। वहीं प्वाइंट्स टेबल की रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि एक टीम ने हर मैच में कितने प्रतिशत प्वाइंट हासिल किए हैं। एक मैच में कुल 12 प्वाइंट्स ही होते हैं।
डब्ल्यूटीसी के इस साइकिल में मैच जीतने के मामले में तो भारत आगे है, लेकिन उसने इसके लिए काफी मैच भी खेले हैं। ऐसे में जीत प्रतिशत 50 से कम है। आईसीसी के नए नियम के मुताबिक, ज्यादा टेस्ट जीतने से डब्ल्यूटीसी की अंक तालिका पर फर्क नहीं पड़ता। अब फर्क जीत प्रतिशत से पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के नियम के अनुसार अंक तालिका में टीमों के स्थान का फैसला जीत प्रतिशत के आधार पर किया जाता है। यानी किसने कितने मैच खेले हैं और उसमें उसे कितनी जीत, हार और ड्रॉ मिली है।
किस आधार पर मिलते हैं प्वाइंट
आईसीसी के नियमों के अनुसार एक मैच जीतने पर विजेता टीम को 12 प्वाइंट मिलते हैं। वहीं मैच ड्रॉ होने पर दोनों टीमों को चार-चार प्वाइंट मिलते हैं और हारने वाली टीम को कोई प्वाइंट नहीं मिलता है। मैच टाई होने पर दोनों टीमों को छह-छह प्वाइंट्स मिलते हैं। वहीं प्वाइंट्स टेबल की रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि एक टीम ने हर मैच में कितने प्रतिशत प्वाइंट हासिल किए हैं। एक मैच में कुल 12 प्वाइंट्स ही होते हैं।
| नतीजा | एक मैच में मिलने वाले अंक | मिलने वाला प्रतिशत |
| जीतने पर | 12 अंक मिलेंगे | 100 |
| टाई होने पर | 6 अंक मिलेंगे | 50 |
| ड्रॉ होने पर | 4 अंक मिलेंगे | 33.33 |
| हार जाने पर | 0 अंक मिलेंगे | 0 |
भारतीय टीम एक पायदान लुढ़की
टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप की तीसरी हार के साथ जीत प्रतिशत में पांचवें स्थान पर आ गई है। भारत के जीत का प्रतिशत 49.07 है। धीमी ओवर रेट के कारण टीम इंडिया को तीन अंकों का नुकसान भी हुआ है, जिसकी वजह से उसके अंक भी 53 हैं। वहीं, लगातार दो टेस्ट जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी पकड़ थोड़ी मजबूत की है। उसने अब तक तीन मैच खेले हैं और दो जीत के साथ उसके 24 अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका की जीत प्रतिशत 66.66 है। इसी वजह से टीम चौथे स्थान पर है।
एशेज सीरीज में लगातार तीन टेस्ट मैच जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई थी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट में ड्रॉ के बाद कंगारू टीम तीन जीत, 40 अंकों और 83.33 जीत प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर आ गई। पहले नंबर पर श्रीलंका की टीम है। श्रीलंका की टीम दो जीत, 24 अंकों और शत प्रतिशत जीत के रिकॉर्ड के साथ पहले स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान की टीम तीन जीत, एक हार, 36 अंकों और 75 फीसद जीत प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर है।
टीम इंडिया टेस्ट चैंपियनशिप की तीसरी हार के साथ जीत प्रतिशत में पांचवें स्थान पर आ गई है। भारत के जीत का प्रतिशत 49.07 है। धीमी ओवर रेट के कारण टीम इंडिया को तीन अंकों का नुकसान भी हुआ है, जिसकी वजह से उसके अंक भी 53 हैं। वहीं, लगातार दो टेस्ट जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में अपनी पकड़ थोड़ी मजबूत की है। उसने अब तक तीन मैच खेले हैं और दो जीत के साथ उसके 24 अंक हैं। दक्षिण अफ्रीका की जीत प्रतिशत 66.66 है। इसी वजह से टीम चौथे स्थान पर है।
श्रीलंका टॉप पर मौजूदSouth Africa – one series played, one series won in the WTC 2021-23 cycle 👏#WTC23 | https://t.co/Wbb1FE1P6t pic.twitter.com/mGMWhNNEIT
— ICC (@ICC) January 14, 2022
एशेज सीरीज में लगातार तीन टेस्ट मैच जीतकर ऑस्ट्रेलियाई टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की अंक तालिका में पहले स्थान पर पहुंच गई थी। लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ सिडनी टेस्ट में ड्रॉ के बाद कंगारू टीम तीन जीत, 40 अंकों और 83.33 जीत प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर आ गई। पहले नंबर पर श्रीलंका की टीम है। श्रीलंका की टीम दो जीत, 24 अंकों और शत प्रतिशत जीत के रिकॉर्ड के साथ पहले स्थान पर है। वहीं पाकिस्तान की टीम तीन जीत, एक हार, 36 अंकों और 75 फीसद जीत प्रतिशत के साथ तीसरे नंबर पर है।
क्यों भारत फाइनल से हो सकता है बाहर?
भारतीय टीम को इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट और इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट खेलना है। इसमें से एक भी ड्रॉ या हार मिलने पर भारत पूरी तरह से बाहर हो जाएगा। श्रीलंकाई टीम के खिलाफ दो मैचों की टेस्ट सीरीज अगर भारत क्लीन स्वीप भी करता है तो जीत प्रतिशत कम ही रहेगा। इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट भारत उसकी जमीन पर खेलेगा। इससे पहले टीम इंडिया दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टीम सीमित ओवर का क्रिकेट खेलेगी। ऐसे में इंग्लैंड जाकर उसे इकलौते टेस्ट में हराना आसान नहीं होगा। ऑस्ट्रेलिया (4) और बांग्लादेश (2) के खिलाफ छह टेस्ट और होंगे। हालांकि, उनकी तारीखों का एलान नहीं हुआ है। इन दोनों सीरीज में से एक भी हारने पर टीम इंडिया का फाइनल में पहुंचना नामुमकिन होगा।
पाकिस्तान-ऑस्ट्रेलिया की टीम का दावा सबसे मजबूत
पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की टीम का विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का दावा सबसे मजबूत है। पाकिस्तान की टीम अभी 75 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम को इस साल मार्च में तीन टेस्ट के लिए पाकिस्तान का दौरा करना है। इसके बाद पाकिस्तान टीम जुलाई में दो टेस्ट के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी। फिर अक्तूबर में न्यूजीलैंड को और नवंबर में इंग्लैंड को पाकिस्तान का दौरा करना है। अपने घरेलू मैदान पर पाकिस्तान की टीम खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए उसका फाइनल में पहुंचने का दावा सबसे मजबूत है।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 83.33 है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एशेज सीरीज का आखिरी मुकाबला चल रहा है। यह मैच अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम जीतती है तो उसके जीत प्रतिशत में इजाफा होगा और अंक तालिका में अपनी पकड़ मजबूत कर लेगी। इसके बाद टीम को मार्च में तीन मैचों की सीरीज के लिए पाकिस्तान का दौरा करना है। जून में टीम दो टेस्ट मैचों के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट खेलना है। ऐसे में कंगारू टीम के पास फाइनल में पहुंचने का शानदार मौका है।
पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया की टीम का विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का दावा सबसे मजबूत है। पाकिस्तान की टीम अभी 75 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर है। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की टीम को इस साल मार्च में तीन टेस्ट के लिए पाकिस्तान का दौरा करना है। इसके बाद पाकिस्तान टीम जुलाई में दो टेस्ट के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी। फिर अक्तूबर में न्यूजीलैंड को और नवंबर में इंग्लैंड को पाकिस्तान का दौरा करना है। अपने घरेलू मैदान पर पाकिस्तान की टीम खतरनाक साबित हो सकती है। इसलिए उसका फाइनल में पहुंचने का दावा सबसे मजबूत है।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया का जीत प्रतिशत 83.33 है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की एशेज सीरीज का आखिरी मुकाबला चल रहा है। यह मैच अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम जीतती है तो उसके जीत प्रतिशत में इजाफा होगा और अंक तालिका में अपनी पकड़ मजबूत कर लेगी। इसके बाद टीम को मार्च में तीन मैचों की सीरीज के लिए पाकिस्तान का दौरा करना है। जून में टीम दो टेस्ट मैचों के लिए श्रीलंका का दौरा करेगी। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया को घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज के खिलाफ दो टेस्ट और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट खेलना है। ऐसे में कंगारू टीम के पास फाइनल में पहुंचने का शानदार मौका है।
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