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Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   ICC U-19 World Cup: 7 Unvaccinated India Players Were Denied Entry Into West Indies And Told To Go Back, Know Why

U19 World Cup: सात भारतीय क्रिकेटरों को वेस्टइंडीज में नहीं मिल रही थी एंट्री, फिर हुआ ये और चैंपियन बनी टीम इंडिया

Wed, 23 Feb 2022 09:02 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: स्वप्निल शशांक Updated Wed, 23 Feb 2022 09:02 AM IST
सार

यह मामला तब का है जब भारत की युवा टीम दुबई से एम्सटरडैम होते हुए वेस्टइंडीज के पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंची थी। बाएं हाथ के स्टार तेज गेंदबाज रवि कुमार और ओपनर अंगकृष रघुवंशी जैसे युवा स्टार खिलाड़ियों को वैक्सीन नहीं लगवाने पर भारत वापस जाने की हिदायत दी गई थी।

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ICC U-19 World Cup: 7 Unvaccinated India Players Were Denied Entry Into West Indies And Told To Go Back, Know Why
अंडर19 वर्ल्ड कप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कोरोना ने सिर्फ आम जिंदगी में नहीं, बल्कि खेलों को भी काफी नुकसान पहुंचाया। कई टूर्नामेंट्स रद्द कर दिए गए, वहीं कई को स्थगित कर दिया गया। क्रिकेट भी इससे नहीं बच पाया। हाल ही में हुए अंडर-19 विश्व कप में भारत के सात स्टार खिलाड़ियों को वेस्टइंडीज में एंट्री देने से मना कर दिया गया था और उन्हें एयरपोर्ट पर 24 घंटे से ज्यादा रोका गया। वहां की अथॉरिटी चाहती थी कि भारत सरकार इस मामले पर हस्तक्षेप करे और मामले को सुलझाए। हालांकि, बाद में ये मामला सुलझ गया और टीम इंडिया चैंपियन बनकर उभरी।
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रवि कुमार और अंगकृष जैसे खिलाड़ियों को रोका गया
यह मामला तब उठा था जब भारत की युवा टीम दुबई से एम्सटरडैम होते हुए वेस्टइंडीज के पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंची थी। बाएं हाथ के स्टार तेज गेंदबाज रवि कुमार और ओपनर अंगकृष रघुवंशी जैसे युवा स्टार खिलाड़ियों को वैक्सीन नहीं लगवाने पर भारत वापस जाने की हिदायत दी गई थी। इसके बाद टीम मैनेजर लोबजांग जी तेन्जिंग ने आईसीसी और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड में मौजूद अपने साथियों की मदद से टीम का बचाव किया। बाद में उन्होंने भारत और त्रिनिदाद सरकार की मदद से मामले को सुलझाया।
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टीम मैनेजर ने डरावने अनुभव के बारे में बताया
इस डरवाने अनुभव को याद करते हुए तेन्जिंग ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया- जब हम पोर्ट ऑफ स्पेन में लैंड किए थे, तो हमें गयाना तक के लिए चार्टर फ्लाइट लेनी थी। उस वक्त हमारे सात खिलाड़ियों को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया था, क्योंकि उन्होंने वैक्सीन की डोज नहीं ली थी। हमने वहां के अधिकारियों को बताया कि भारत में अभी 18 या इससे कम उम्र के लोगों को वैक्सीन देने की शुरुआत नहीं हुई है। इस पर जवाब देते हुए वहां के अधिकारियों ने अगली फ्लाइट पकड़कर वापस भारत लौटने को कहा।
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रातभर एयरपोर्ट के पास होटल में रुके थे खिलाड़ी
तेन्जिंग ने कहा- हमारे आसपास एयरपोर्ट के सिक्योरिट स्टाफ जमा हो गए थे और हमें लग रहा था यहां से भाग जाना चाहिए। जब यह बहस शुरू हुई, उस वक्त भारत के लिए मौजूद एकमात्र लुफ्थांसा फ्लाइट रवाना हो चुकी थी और अगली फ्लाइट तीन दिन बाद थी। इससे हमें समय मिल गया। मैंने बाकी खिलाड़ियों के साथ जाने की बजाय उन सात खिलाड़ियों के साथ रुकने का फैसला किया। हम उस रात वहीं एयरपोर्ट के पास शैडी होटल में रुके। इसके बाद आईसीसी और वहां की स्थानीय सरकार के हस्तक्षेप के बाद मामला सुलझ गया। यह डरवाना अनुभव था। 



टूर्नामेंट में पांच भारतीय खिलाड़ी कोरोना संक्रमित मिले
तेन्जिंग फिलहाल सिक्किम क्रिकेट एसोसिएशन के चीफ हैं। यह घटना जनवरी के पहले हफ्ते की है। तब भारत ने 15-18 साल के लोगों को वैक्सीन लगवान की मंजूरी दी ही थी। हालांकि, विश्व कप शुरू होने के बाद खिलाड़ियों को कठिनाई का सामना करना पड़ा था। भारतीय कप्तान यश ढुल और उपकप्तान शेख रशीद समेत पांच खिलाड़ी टूर्नामेंट में अपने पहले मैच के बाद कोरोना संक्रमित पाए गए थे। हालांकि, दो मैच के बाद ढुल और रशीद ने वापसी की और टीम को चैंपियन बनने में मदद की।

भारतीय खिलाड़ियों को क्यों हुआ था कोरोना?
तेन्जिंग ने खिलाड़ियों को कोरोना होने के पीछे वजह भी बताई। उन्होंने कहा- पूरी संभावना है कि यह बीमारी हमारे एसएलओ की वजह से आई। दुबई से फ्लाइट पकड़ने के दौरान वह कोरोना संक्रमित हुए थे। इसी से यह कैंप में फैल गया। आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट आने में 48 घंटे का वक्त लगता है और इससे परेशानी हुई। गयाना में जब खिलाड़ियों को कोरोना हुआ, वह समय भी काफी मुश्किलों भरा था।



वेस्टइंडीज में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर हुई लापरवाही
तेन्जिंग ने कहा- कोरोना के दौरान हमें मेडिकल सहायता या दवाई को लेकर मदद नहीं की गई। हमारे टीम फीजियो ने काफी मदद की और हमारा बचाव किया। जिस होटल में हम रुके थे, वहां, टीम के लिए अलग-अलग फ्लोर नहीं थे। हम दूसरे होटल गेस्ट की तरह एक ही फ्लोर पर रुके। आइसोलेशन पीरियड की जांच के लिए भी कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। होटल में पानी की भी समस्या थी और खिलाड़ियों को खाना खाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। 




भारत ने विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड को हराया था
तेन्जिंग ने कहा- हमारे लिए खुशी की बात यह थी कि आसपास ही भारतीय पकवानों का होटल था। मैं यह कह सकता हूं भारतीय स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन और बीसीसीआई जब किसी टूर्नामेंट की मेजबानी करता है, तो उनका बायो-बबल वेस्टइंडीज में हुए अंडर-19 विश्व कप के बायो-बबल से काफी बढ़िया होता है। भारतीय टीम ने अंडर-19 विश्व कप में कमाल का प्रदर्शन किया था और टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। अपने तीनों ग्रुप स्टेज मैच जीतने के बाद भारत ने क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश, सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया और फाइनल में इंग्लैंड को हराया था। 
 
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