'पंत ने भले ही विकेटकीपर का नया रिकॉर्ड बनाया हो, पर उनमें अभी भी है कुछ तकनीकी खामियां'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषभ पंत ने भले ही ऑस्ट्रेलिया में एक टेस्ट में 11 कैच लेकर भारतीय विकेटकीपर का नया रिकॉर्ड बनाया हो, लेकिन टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर फारुख इंजीनियर ने कहा कि दिल्ली के इस युवा खिलाड़ी की विकेटकीपिंग में कुछ तकनीकी खामियां हैं। हालांकि, इंजीनियर ने पंत की बल्लेबाजी प्रदर्शन की प्रशंसा की। इंजीनियर ने कहा कि पंत को देखकर उन्हें अपनी जवानी के दिन याद आ गए।
इंजीनियर ने क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित एक कार्यक्रम के इतर कहा, उनका तरीका एम एस धोनी जैसा ही है, लेकिन इस समय उनकी इतनी तारीफ मत कीजिए। उन्हें प्रोत्साहित कीजिए, लेकिन वह तकनीकी रूप से गलत है।
बाएं हाथ के बल्लेबाज पंत ने ऑस्ट्रेलिया में सिडनी में ड्रॉ हुए अंतिम टेस्ट में एक शानदार शतक भी जड़ा जिससे वह ऐसा करने वाली पहले भारतीय विकेटकीपर बन गए और एडिलेड में पहले मैच में उन्होंने विकेट के पीछे रिकॉर्ड संख्या में कैच लिए। पंत की बल्लेबाजी से इंजीनियर इतने प्रभावित हैं कि वह इस बात से हैरान हैं कि भारतीय चयनकर्ता इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप के लिए वे धोनी को लेकर पंत को कैसे छोड़ सकते हैं।
अश्विन की आलोचना को लेकर भज्जी पर भड़के
पूर्व विकेटकीपर फारुख इंजीनियर ने रविचंद्रन अश्विन के ऑस्ट्रेलिया पर हाल में मिली टेस्ट सीरीज में जीत के दौरान प्रदर्शन की आलोचनात्मक टिप्पणी करने के लिए पूर्व टेस्ट ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह की आलोचना की। इंजीनियर ने क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में लीजेंड्स क्लब द्वारा आयोजित 'टाक शो' के दौरान कहा, क्या आपने अश्विन के बारे में हरभजन की टिप्पणी पढ़ी, वह वहां सही नहीं था। पहला स्पिनर और दूसरा स्पिनर क्या है? स्पिनर स्पिनर ही है।
इंजीनियर ने कहा, अश्विन बेहतरीन गेंदबाज हैं। मुझे ऐसा लगा कि वह (हरभजन) अश्विन की आलोचना कर रहे थे आप सार्वजनिक तौर पर इस तरह की बातें नहीं कर सकते, विशेषकर तब जब किसी ऑफ स्पिनर ने आपकी जगह ली हो। यह ऐसा ही है जैसे धोनी युवा विकेटकीपर पंत की आलोचना करें। यह क्रिकेट नहीं है।
हरभजन ने मीडिया में कहा था कि अश्विन ऐसे समय में चोटिल हुए जब टीम को उनकी जरूरत थी और सिडनी में अंतिम टेस्ट में मौका दिए जाने वाले कुलदीप यादव ने इतनी अच्छी गेंदबाजी की कि उन्हें अब कहीं भी टेस्ट में नंबर एक स्पिनर समझा जाना चाहिए। रविंद्र जडेजा ने अंतिम दो टेस्ट में अपनी बाएं हाथ की स्पिन से अच्छी गेंदबाजी की।