इंग्लैंड क्रिकेट टीम ने मंगलवार देर शाम रनों का तूफान लाते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे क्रिकेट का नया इतिहास रच दिया। नॉटिंघम में खेले गए तीसरे वनडे मैच में इंग्लिश टीम ने 481 रन बनाते हुए रिकॉर्ड बुक तहस-नहस कर दिया। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर ऑस्ट्रेलिया के नए कप्तान टीम पैन ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया। जिसे इंग्लिश टीम ने पूरी तरह गलत साबित कर दिया।
इंग्लैंड ने बनाया वन-डे इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ठोक डाले ताबड़तोड़ 481 रन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
याद हो कि इससे पहले भी यह रिकॉर्ड इंग्लैंड के ही नाम था जो उन्होंने 2016 में पाकिस्तान के खिलाफ 3 विकेट पर 444 रन बनाकर हासिल किया था। पहले सलामी बल्लेबाज जेसन रॉय और जॉनी बेयरस्टो ने ताबड़तोड़ शुरुआत करते हुए 159 रन की साझेदारी की। फ्लैट पिच और छोटी बाउंड्री लाइन का फायदा उठाते हुए दोनों के बीच पहले विकेट के लिए 159 रन की साझेदारी हुई।
61 गेंदों पर 82 रन की तेज पारी खेलकर रॉय आउट हुए, इसके बाद मैदान पर एंट्री होती है एलेक्स हेल्स की। हेल्स ने बेयरेस्टो के साथ मिलकर कंगारू गेंदबाजों का बुखार उतार दिया। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 151 रनों की साझेदारी कर टीम को 35वें ओवर में 300 के पार पहुंचा दिया। एशटन एगर की गेंद पर आउट होने से पहले बेयरस्टो 92 गेंदों में 15 चौके और 5 छक्को की मदद से 139 रन ठोक चुके थे।
बेयरस्टो के आउट होने के बाद बटलर (11) भी चलते बने। मगर आज कप्तान मोर्गन तेज शुरुआत को पहाड़ जैसे स्कोर में बदलने ही आए थे। 6 छक्के और 3 चौको की मदद से मोर्गन ने सिर्फ 30 गेंदों पर 67 रन बना दिए। इस दौरान मोर्गन ने अपने नाम दो खास रिकॉर्ड दर्ज कराए।
टीम का चौथा विकेट हेल्स के रूप में गिरा। वह 92 गेंदों पर 147 रन बनाकर हेल्स रिचर्ड्सन का शिकार हुए। पांच मैचों की वनडे श्रंखला का यह तीसरा मैच था, बता दें कि ऑस्ट्रेलिया पहले ही दोनों वन-डे हार चुका है।