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फिर निशाने पर धोनी की रणनीति
बंगलूरू/एजेंसी
Updated Thu, 27 Dec 2012 12:27 AM IST
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पहले टी-20 में पाकिस्तान के हाथों टीम इंडिया की हार के बाद भारतीय बल्लेबाजी और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा। पार्ट टाइम गेंदबाजों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा, रविंद्र जडेजा को आखिरी ओवर देना और स्पिनर आर. अश्विन को बाहर बैठाने पर धोनी काफी डिफेंसिव दिखे। दूसरी ओर, पाकिस्तानी टीम के कप्तान मोहम्मद हफीज भारत दौरे का आगाज जीत से करने के बाद बेहद खुश हैं। धोनी मैदान पर ‘जुआ’ खेलने के लेने जाने जाते हैं लेकिन उनके फैसले लगातार टीम की जीत की राह में रोड़ा बन रहे हैं।
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आठ बल्लेबाजों के साथ खेलने के बावजूद भारतीय टीम लड़ने लायक स्कोर भी नहीं बना सकी। धोनी ने भी बल्लेबाजों से सिर हार ठीकरा फोड़ा। उन्होंने कहा कि टीम का स्कोर कुछ कम रह गया। धोनी ने कहा, ‘यदि हमने कुछ और रन बनाए होते तो हम जीत सकते थे। मुझे लगता है कि 145 का स्कोर सुरक्षित स्कोर होता। हमें अच्छी शुरुआत मिली। ओपनरों ने बेहतरीन काम किया लेकिन उसके बाद हम विकेट गंवाते चले गए। हम 10 से 15 रन कम रह गए।’
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आखिरी ओवर में तेज गेंदबाज के न होने पर धोनी ने कहा कि पाकिस्तान अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर रहा था और हमें तेज गेंदबाज लगाने का जुआ खेलना पड़ा। धोनी ने साथ ही कहा कि ओस के कारण यहां कुछ समस्या हो रही थी और उनकी टीम को क्षेत्ररक्षण पर ध्यान देने की जरूरत थी।
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अश्विन पर डिफेंसिव
धोनी ने अश्विन को बाहर रखने के फैसले का बचाव किया है। वहीं, पाक कप्तान मोहम्मद हफीज ने कहा कि अश्विन के बाहर बैठने से उनकी टीम को फायदा पहुंचा। भारतीय टीम प्रबंधन ने इस मैच में अश्विन को बाहर कर आलराउंड रविंद्र जडेजा को अंतिम एकादश में उतारा था। धोनी ने कहा, ‘अश्विन हमारे प्रमुख गेंदबाजों में से एक हैं और वह पहले छह ओवर में अच्छी गेंदबाजी करते हैं लेकिन हमने तीन तेज गेंदबाज उतारे थे। ऐसे में हमने जडेजा को मौका दिया। पाकिस्तानी टीम में दाएं हाथ के कई बल्लेबाज थे। यदि हमें एक ऑफ स्पिनर की जरूरत पड़ती तो हम रोहित शर्मा और सुरेश रैना से काम चला लेते। यदि युवराज का दिन खराब रहता तो हमें एक लेफ्ट आर्म स्पिनर के विकल्प की जरूरत रहती इसलिए हमारे पास जडेजा को चुनने के सिवाय कोई चारा नहीं रह गया था।’
हफीज ने कहा, ‘अश्विन का बाहर रहना हमारे लिए फायदेमंद रहा है। हमारी योजना थी कि हम नई गेंद को निकाल लें और फिर उनके स्पिनरों पर प्रहार करें जो विश्व स्तरीय नहीं थे। हम जानते थे कि युवराज सिंह अच्छी फार्म में हैं लेकिन जब आपके पास एक विश्व स्तरीय स्पिनर न हो तो आपका स्पिन आक्रमण कमजोर पड़ जाता है।’
गलतफहमी से हुआ विवाद: धोनी
धोनी और पाक के कप्तान मोहम्मद हफीज ने पहले ट्वंटी-20 मैच के दौरान तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और बल्लेबाज कामरान अकमल के बीच हुई तकरार को मामूली बहस बताकर ज्यादा तूल नहीं दिया। मैच के दौरान दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त बहस हुई और दोनों ने एक-दूसरी की ओर अंगुली से इशारा भी किया। मैदानी अंपायरों और टीम इंडिया के अन्य खिलाड़ियों ने बीच-बचाव किया। धोनी ने कहा, ‘दोनों खिलाड़ियों के बीच कुछ गलतफहमी की वजह से यह विवाद हुआ। गेंदबाज ने कुछ कहा जबकि बल्लेबाज ने उसे कुछ और समझ लिया। लेकिन मैं इस बात से खुश हूं कि इशांत ने कामरान को कोई गाली नहीं दी।’ दूसरी ओर हफीज ने कहा, ‘हम यहां प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलने आए हैं और ऐसे वाकये होते रहते हैं। यह खेल का हिस्सा है।’