जांबाज दिल्ली के सामने लायंस को रोकने की चुनौती
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अनुभवी जहीर खान की अगुवाई और मेंटर राहुल द्रविड़ के मार्गदर्शन में युवा तुर्कों के जांबाज प्रदर्शन की बदौलत विजयरथ पर सवार दिल्ली डेयरडेविल्स की निगाहें मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 9 में अब जीत का ‘चौका’लगाने पर टिकीं हैं।
‘जांबाजों’ की दिल्ली के सामने बुधवार को अपने नाम के मुताबिक शेरदिल प्रदर्शन करने वाली गुजरात लॉयंस को दहाड़ने से रोकने की चुनौती होगी। दिल्ली के युवा जोश और अनुभवी ऑलराउंडरों से सजी गुजरात लॉयंस के बीच वाकई दिलचस्प मुकाबले के लिए मंच तैयार है।
सुरेश रैना की अगुवाई में गुजरात लॉयंस लगातार सबसे सधा हुआ प्रदर्शन कर जीत का ‘चौका’ लगा चुकी है। कप्तान रैना के साथ ब्रैंडन मैकलम, एरोन फिंच, डवेन स्मिथ और दिनेश कार्तिक जैसे गुजरात लॉयंस के शेरदिल बल्लेबाजों का दिल्ली के जांबाजों के गेंदबाजों के खिलाफ वाकई इम्तिहान होगा।
दिल्ली के कप्तान अनुभवी पेसर जहीर खान, मोहम्मद शमी और क्रिस मॉरिस के साथ पॉवर प्ले और डेथ ओवरों में और तुरुप के लेग स्पिनर अमित मिश्रा (चार मैच, सात विकेट) अपनी गुगली, टॉप स्पिन और फ्लिपर से खासतौर पर फिरोजशाह कोटला मैदान पर खासतौर पर मिडलओवरों में गुजरात लॉयंस के शेरों दहाड़ने से रोकने का दम रखते हैं। रात में गिरने वाले ओस को जेहन में रखते हुए टॉस जीतने वाली टीम के कप्तान पहले फील्डिंग करना ही पसंद करेंगे।
क्विंटन डी कॉक, संजू सैमसन और करुण नायर जैसे युवा तुर्कों के साथ दक्षिण अफ्रीका के ज्यां पॉल डुमिनी जैसे दिल्ली के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज रंग में हैं। खासतौर पर इस संस्करण में पहली सेंचुरी जड़ने वाले क्विंटन डी कॉक (4 मैच, 193 रन), संजू सैमसन (4 मैच, 117 रन) और ज्यां पॉल डुमिनी (3 मैच, दो नॉटआउट ,56 रन)।
डी कॉक और सैमसन में गुजरात लॉयंस के पेसर धवल कुलकर्णी और प्रवीण कुमार की गेंदों की पॉवर प्ले में धुनाई करने की क्षमता है। ये दोनों यदि ऐसा करने में कामयाब रहते हैं तो वे गुजरात लॉयंस के कप्तान सुरेश रैना को अपनी रणनीति में बदलाव कर अपने गति परिवर्तन खासतौर पर धीमी गेंद से विकेट चटकाने में माहिर डवेन ब्रावो (5 मैच,6 विकेट) और तुरुप के लेग स्पिनर प्रवीण तांबे को जल्दी मोर्चे पर लगाने पर मजबूर कर सकते हैं।
इससे डेथ ओवर में दिल्ली के बल्लेबाजों पर दबाव कम हो जाएगा। गुजरात लॉयंस के पास विकल्प के रूप में ऑलराउंडर जेम्स फॉकनर और दुनिया के सबसे तेज गेंदबाज डेल स्टेन जरूर हैं लेकिन टीम प्रयोग करने के मूड में नजर नहीं आती है।
मेंटर राहुल द्रविड़ के युवा तुर्कों पर भरोसे का असर
मेंटर राहुल द्रविड़ के युवा तुर्कों पर भरोसा का असर है कि ओपनर डी कॉक के साथ दिल्ली के शीर्ष क्रम में संजू सैमसन और करुण नायर भी बेखौफ होकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। बतौर ओपनर मयंक अग्रवाल और श्रेयास अय्यर की नाकामी के चलते दिल्ली के शीर्ष क्रम के लिए एक बड़ी पहेली क्विंटन डी कॉक के लिए सबसे बढ़िया सलामी जोड़ीदार की तलाश है।
दिल्ली के पास कॉक के साथ संजू सैमसन से पारी का आगाज कराने का विकल्प तो है ही वह भारत की अंडर-19 टीम के कप्तान विस्फोटक ऋषभ पंत को मौका देने की सोच सकती है। दिल्ली यदि कॉक के सलामी जोड़ीदार की पहेली को सुलझा लेता तो वह गुजरात के खिलाफ पॉवर प्ले में बड़ा स्कोर खड़ा कर सकती है।
मिडलऑर्डर में डुमिनी के साथ ऑलराउंडर कार्लोस ब्रैथवेट दक्षिण अफ्रीकी लेग स्पिनर ताहिर इमरान की बजाय दिल्ली के लिए बेहतर विकल्प हो सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकिब्रैथवेट अपनी मध्यम तेज गेंदबाजी से चार ओवर में विकेट चटकाने के साथ आखिर के पांच ओवर में तूफानी बल्लेबाजी से दिल्ली को बड़े स्कोर तक पहुंचाने का दम रखते हैं। पवन नेगी के रूप में भी दिल्ली के पास एक और बहुपयोगी ऑलराउंडर है।
इस लीग में खेल रहे दूसरे सबसे उम्रदराज लेग स्पिनर प्रवीण ताम्बे (4 मैच, 5 विकेट), ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा और कप्तान सुरेश रैना के साथ लेफ्ट आर्म स्पिनर शादाब जकाती के रूप में गुजरात के पास कई स्पिनरों को लेकर कई विकल्प जरूर हैं लेकिन दिल्ली के बल्लेबाजों में इनकी धुनाई करने का दम जरूर नजर आता है।
गुजरात के शीर्ष क्रम में एरोन फिंच(5 मैच, 91 रन), ब्रैंडन मैकलम (5 मैच, 115 रन), सुरेश रैना (5 मैच, 164 रन) तथा मध्यक्रम में दिनेश कार्तिक (5मैच , 108 रन) और डवेन ब्रावो जैसे बैटिंग ऑलराउंडर हैं।
दिल्ली के कप्तान जहीर खान (4 मैच, तीन विकेट) , मोहम्मद शमी (2मैच, 2 विकेट)और क्रिस मॉरिस (4 मैच, दो विकेट) जैसे पेसर पॉवरप्ले और डेथ ओवरों में तथा मिडलओवरों में स्पिन आक्रमण के तुरुप के इक्के लेग स्पिनर अमित मिश्रा (4 मैच, 7 विकेट) गुजरात लॉयंस के खिलाफ दिल्ली को जिताते हैं तो उसकी आगे की राह आसान हो जाएगी। दिल्ली को 30 अप्रैल को केकेआर और 5मई को राइजिंग पुणे सुपरजाइंटस से भिड़ना है।