अब क्रिकेट में भी कोरोना की वजह से छंटनी, ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े चेहरे की ही गई नौकरी
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के सीईओ केविन रॉबर्ट्स ने मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया, जिनकी जगह T-20 वर्ल्ड कप के मुख्य कार्यकारी निक हॉकली को अंतरिम प्रभार दिया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब कोरोना वायरस महामारी के कारण बोर्ड आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के चेयरमैन अर्ल एडिंग्स ने लाइव स्ट्रीम के जरिए बताया कि पिछले कुछ महीने से परेशानी का सबब बने इस अड़चन के बाद बोर्ड को आगे बढ़ने के लिए ताजा नेतृत्व की जरूरत है। सीए ने एक बयान में कहा, 'सीए बोर्ड ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप के मुख्य कार्यकारी निक हॉकली तुरंत प्रभाव से अंतरिम मुख्य कार्यकारी होंगे।'
उन्होंने एक बयान में कहा, 'बाकी राष्ट्रीय खेलों की तरह क्रिकेट बदलाव के दौर से गुजर रहा है। हाल ही के महीनों में कोरोना महामारी ने अनिश्चितता पैदा कर दी है। पूरा क्रिकेट जगत इससे प्रभावित है और कुछ कड़े फैसले लेने पड़ रहे हैं। केविन ने अपने काम को बखूबी अंजाम दिया है। उन्होंने हमेशा खेल को सर्वोपरि रखा। हम उन्हें भविष्य के लिये शुभकामना देते हैं।'
लेकिन ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की माने तो CA काफी पहले से केविन रॉबर्ट्स पर इस्तीफे का दबाव बना रहा था। 'सिडनी मार्निंग हेराल्ड' ने कुछ दिन पहले खबर प्रकाशित की था कि रॉबर्ट्स का करार 2021 के अंत तक था, लेकिन उन्हें पहले ही रवाना कर दिया जाएगा, उन्होंने 20 महीने पहले जेम्स सदरलैंड की जगह ली थी।
सीईओ रॉबर्ट्स ऐसे समय पर टीम से जुड़े थे जब गेंद से छेड़खानी विवाद का साया क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया पर था। कोरोना वायरस महामारी के कारण क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया जबर्दस्त आर्थिक संकट से जूझ रहा है। इसने 200 से अधिक स्टाफ को जून के आखिर तक 20 प्रतिशत तनख्वाह पर रखा है।
भारतीय टीम अगर ऑस्ट्रेलिया का दौरा नहीं करती है तो उस नुकसान की भरपाई के लिए उसने पांच करोड़ डॉलर का ऋण ले रखा है। ऑस्ट्रेलिया को अक्टूबर-नवंबर में टी-20 विश्व कप की मेजबानी भी करनी है, लेकिन आईसीसी ने अभी उस पर आखिरी फैसला नहीं लिया है।
वित्तीय गड़बड़ी के लिए सिर्फ केविन रॉबर्ट्स को सजा नहीं देनी चाहिए
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर ऐलन बॉर्डर ने कहा कि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के वित्तीय संकट के लिए पद से हटे सीईओ केविन रॉबर्ट्स अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड पर भी जवाबदेही तय की जानी चाहिए। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब कोरोना वायरस महामारी के कारण बोर्ड आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा है।
बॉर्डर इस बात से भी खफा हैं कि ऑस्ट्रेलिया उस स्थिति में कैसे पहुंच गया जहां उसे लगभग 80 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाना पड़ा। इस पूरे मामले में सिर्फ एक आदमी पर गाज नहीं गिरनी चाहिए।
ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व कप्तान ने फॉक्स स्पोर्ट्स न्यूज से कहा, ‘आप सिर्फ केविन रॉबर्ट्स पर दोषारोपण नहीं कर सकते। निश्चित रूप से इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं, विशेष रूप से ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड के निदेशक। इस सब में उनकी जवाबदेही कहा है?’
उन्होंने खराब वित्तीय स्थिति का ठीकरा संचालन समिति पर फोड़ते हुए कहा, ‘लगभग दो साल पहले हमारे पास बैंक में सौ मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम थी, फिर अचानक हम इस साल अगस्त तक हमारी स्थिति ऐसी कैसे हो गई?’ उन्होंने कहा, ‘इसकी गाज सिर्फ सीईओ नहीं बल्कि दूसरे अधिकारियों पर भी गिरनी चाहिए।’