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Chetan Sharma: हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय, मियांदाद से छक्का खाकर बदनाम हुए, जानें चेतन शर्मा की कहानी

Fri, 17 Feb 2023 01:20 PM IST
शक्तिराज सिंह स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शक्तिराज सिंह Updated Fri, 17 Feb 2023 01:20 PM IST
सार

1987 विश्व कप में हैट्रिक लेकर चर्चा में आए चेतन शर्मा को मिंयादाद के खिलाफ आखिरी गेंद में छक्का खाने के कारण आलोचना भी झेलनी पड़ी थी। वहीं, चयनकर्ता के रूप में वह लगातार दूसरी बार अपना कार्यकाल नहीं पूरा कर पाए हैं। 
 

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Chetan Sharma Journey from First Indian to take hat trick to BCCI Chief selector and miandad controversy
चेतन शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

चेतन शर्मा ने भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चनयकर्ता के पद से इस्तीफा दे दिया है। एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में उन्होंने कई खुलासे किए थे। इसके बाद वह विवादों में चल रहे थे और अब उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है। चेतन शर्मा लगातार दूसरी बार भारतीय क्रिकेट टीम की चनय समिति के अध्यक्ष चुने गए थे, लेकिन लगातार दूसरी बार ही वह मुख्य चनयकर्ता के रूप में अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं। उनका दूसरा कार्यकाल सिर्फ 42 दिन के अंदर ही खत्म हो गया। वहीं, पहले कार्यकाल में चेतन के साथ पूरी चयन समिति को ही बर्खाश्त कर दिया गया था। 
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एक क्रिकेटर के रूप में चेतन शर्मा का करियर कई तरह के उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। यहां हम एक तेज गेंदबाज से लेकर मुख्य चनयकर्ता तक उनके अब तक के सफर के बारे में बता रहे हैं। 
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चेतन शर्मा ने 1983 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सीरीज में भारत के लिए पहला मैच खेला था। इस मुकाबले में उन्होंने तीन विकेट लिए थे, लेकिन नौ ओवर में ही उन्होंने 60 रन लुटा दिए थे और काफी महंगे साबित हुए थे। इसके बाद उन्होंने 1984 में पाकिस्तान के खिलाफ अपने टेस्ट करियर की शुरुआत की। इस समय उनकी उम्र सिर्फ 18 साल थी। पांच साल के टेस्ट करियर में उन्होंने 23 मैच खेले और 61 विकेट अपने नाम किए। वहीं, वनडे में उनका करियर लगभग 11 साल तक चला और 65 वनडे में उन्होंने 67 विकेट हासिल किए। बल्ले के साथ भी उन्होंने कई मौकों पर योगदान दिया। वनडे में उनके नाम एक शतक और टेस्ट में एक अर्धशतक भी है। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट 1989 और आखिरी वनडे 1994 में खेला। इस बीच उन्होंने कई उतार-चढ़ाव देखे। 
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चेतन शर्मा - फोटो : सोशल मीडिया
हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय 
चेतन शर्मा ने 1987 विश्व कप में न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार तीन गेंदों पर विकेट लिए थे और एक साथ कई रिकॉर्ड अपने नाम किए थे। वह विश्व कप में हैट्रिक लेने वाले पहले गेंदबाज थे और भारत के लिए हैट्रिक लेने वाले पहले खिलाड़ी भी थे। यह क्रिकेट इतिहास की पहली हैट्रिक थी, जिसमें सभी खिलाड़ी बोल्ड हुए थे। चेतन ने न्यूजीलैंड के केन रदरफोर्ड, विकेटकीपर इयान स्मिथ एवं इवान चैटफील्ड को क्लीन बोल्ड किया था। 

आखिरी गेंद पर छक्का खाकर आलोचना झेली
1986 में ऑस्ट्रल-एशिया कप के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान के 246 रन का लक्ष्य रखा था। सुनील गावस्कर ने 92, कृष्णामचारी श्रीकांत ने 75 और दिलीप वेंगसरकर ने 50 रन की पारी खेली थी। इसके जवाब में पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी नहीं थी। नौ रन के स्कोर पर पहला विकेट गिरा और 181 के स्कोर पर आधी टीम पवेलियन लौट गई। 241 रन के स्कोर पर पाकिस्तान का नौवां विकेट गिर गया, लेकिन जावेद मियांदाद शतक लगाकर खेल रहे थे। पाकिस्तान को जीत के लिए अभी भी जीत के लिए पांच रन की जरूरत थी। चेतन शर्मा गेंदबाजी के लिए आए और मैच की आखिरी गेंद पर जावेद मिंयादाद ने छक्का लगाकर पाकिस्तान को जीत दिलाई दी। इसके साथ ही मिंयादाद पाकिस्तान के हीरो बन गए, लेकिन चेतन शर्मा को खासी आलोचना झेलनी पड़ी थी।

Chetan Sharma Journey from First Indian to take hat trick to BCCI Chief selector and miandad controversy
चेतन शर्मा - फोटो : Social media
घरेलू क्रिकेट में बंगाल के लिए किया कमाल
चेतन शर्मा ने अपने रणजी करियर की शुरुआत हरियाणा के लिए की थी, लेकिन 1993 में वह बंगाल के लिए खेलने लगे और 1996/97 में अपने करियर के अंत तक इसी टीम के साथ रहे। उन्होंने प्रथम श्रेणी 121 मैचों में 433 विकेट लिए और 35.03 के औसत से 3714 रन भी बनाए, जिसमें तीन शतक और 21 अर्धशतक शामिल थे।

एक खिलाड़ी के रूप में अपना करियर खत्म करने के बाद चेतन शर्मा ने कमेंटेटर के रूप में अपनी पहचान बनाई और लंबे समय तक यह काम किया। साल 2009 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर फरीदाबाद से चुनाव भी लड़ा। 

चयनकर्ता के रूप में कैसा रहा करियर
दिसंबर 2020 में चेतन शर्मा को पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य चयनकर्ता बनाया गया था। चेतन की अगुआई वाली चनय समिति में अबे कुरुविला, देबाशीष मोहंती, सुनील जोशी और हरविंदर सिंह भी शामिल थे। एक सीनियर राष्ट्रीय चनयकर्ता का कार्यकाल आमतौर पर एक साल का होता है और इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है, लेकिन चेतन शर्मा को 11 महीने के अंदर ही उनके पद से हटा दिया गया। हालांकि, वह अंतरिम चयनकर्ता के रूप में काम करते रहे। सात जवनरी 2023 को बीसीसीआई ने नई चयन समिति का एलान किया और चेतन शर्मा को फिर से मुख्य चयनकर्ता चुना गया। हालांकि, इस बार उन्हें 42 दिन के अंदर ही इस्तीफा देना पड़ा है। 

अब विवादों में फंसने के बाद उनके लिए बीसीसीआई में किसी भी बड़े पद पर काम करना आसान नहीं होगा। हालांकि, कमेंटेटर के रूप में वह फिर से वापसी कर सकते हैं।
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