हम पर कोई दबाव नहीं, फाइनल के बाद भी क्रिकेट मैच खेलने हैं- विराट कोहली
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जब आप इस तरह के टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचते हैं। आप यहां अपनी तकनीक पर काम नहीं करते हैं। ये इसपर निर्भर करता है कि आप खेल के बार में क्या सोचते हैं और किस तरह तैयारी करते हैं। बड़े मैचों में आपको खुद पर यकीन करना होता है, विपरीत परिस्थितियों में कुछ अलग या हटके सोचने की क्षमता से टीम के बाहर निकलने में मदद मिलती है। यदि तीन विकेट गिरने के बाद आप ये सोचें की मैं आउट हो जाउंगा तो आप आउट हो जाएंगे लेकिन यदि तीन विकेट गिरने के बाद यदि आप ये सोचते हैं कि मुझे काउंटर अटैक करना है तो टीम ट्रैक पर वापस आ जाती है। ऐसा आप करते हैं और ऐसा परिणाम आता है क्योंकि आपको इस बात का यकीन है। ये ऐसी चीज है जिस पर मैं काम करता हूं मैं खुद को मुश्किल परिस्थितियों में विजुअलाईज करता हूं और खुद को यकीन दिलाता हूं कि मैं टीम को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाल सकता हूं। ऐसा हर बार नहीं होता है लेकिन 10 में से 8 बार आपके पक्ष में नतीजे आते हैं क्योंकि आपको इसपर यकीन है। आप खुद को मानसिक स्तर पर किस तरह तैयार करते हैं। मैंने इसके लिए काम किया और मुझे सकारात्मक परिणाम मिले।
पुराने रिकॉर्ड्स में यकीन नहीं करता
विराट आपने जबसे बल्लेबाजी की कमान संभाली टीम इंडिया के नंबर एक बल्लेबाज बने। आईसीसी टूर्नामेंट में टीम इंडिया को दो मैच के अलावा हर बार पाकिस्तान के खिलाफ जीत हासिल हुई है। इसकी खास वजह क्या रही होगी?
देखिए हम तो हर मैच जो खेलते हैं जीतने के लिए खेलते हैं। स्टैटिक्स और रिकॉर्ड जो पहले हुए हैं हम उसमें यकीन नहीं करते। न हम उस चीज के बारे में कभी सोचते हैं।एक टीम के रूप में हमारा लक्ष्य ये रहता है कि हम अच्छा खेलें और परिणाम हमारी तरफ आए। हर टीम का यही इंटेनशन रहता है। आप किसी भी मैच में ये सोच के नहीं जा सकते कि पिछले मैच आप कितनी बार जीते हैं आप उस अपोजिशन से। इस गेम में मैं काफी बार कह चुका हूं कि किसी टीम के पास ये गारंटी नहीं है जीतने की। क्रिकेट ऐसा खेल है जिसमें उस दिन जो टीम अच्छा खेलेगी वह दूसरी टीम से अच्छा प्रदर्शन करेगी। उसके जीतने के चांसेस ज्यादा हो जाते हैं। मैं सोचता हूं उस चीज पर फोकस करना हमारे हाथ में है। हम वो करते हैं हम पुराने रिकॉर्ड्स पर और स्टैट्स पर ज्यादा ध्यान नहीं देते।
अपनी क्षमता में यकीन करना तैयारी का सबसे अच्छा तरीका
मोहम्मद आमिर, हाफिज और शोएब मलिक को छोड़कर पाकिस्तान के अधिकांश खिलाड़ी आपके लिए अनजान हैं, ऐसे में इन खिलाड़ियों को लेकर ज्यादा एनालिसिस नहीं होता है ऐसे में क्या आपको इनके खिलाफ खेलने में आसानी होती है।
ये हर खिलाड़ी पर व्यक्तिगत रूप से निर्भर करता है कि वह किस तरह मैच के लिए किसी खिलाड़ी के खिलाफ किस तरह तैयारी करता है। मैं किसी भी खिलाड़ी के वीडियो देखने में यकीन नहीं करता हूं। मेरा तैयारी का सबसे अच्छा तरीका अपनी क्षमता में यकीन करना है। मैं यह महसूस करता हूं कि यदि मैं तकनीकि रूप से सक्षम हूं तो मैं दुनिया के किसी भी गेंदबाज का सामना कर सकता हूं। इसे लेकर में कोई अतिरिक्त दबाव नहीं लेता हूं। मैं जो देखता हूं उन परिस्थितियों के आधार पर निर्णय लेता हूं। आप किसी खिलाड़ी के खिलाफ पहले खेले हैं या नहीं इससे किसी के प्रदर्शन की गारंटी नहीं हो सकती। यदि किसी टीम के खिलाफ आप खेल रहे हैं दो मैच में आपने अच्छे रन बनाए हैं तो भी आप तीसरे में सस्ते में आउट हो सकते हैं। यह उसपर निर्भर करता है आपको जो गेंद फेंकी गई है उस पर आप कैसे रिएक्ट करते हैं इस बात की परवाह किए बगैर कि आप किसी खिलाड़ी के खिलाफ पहले खेले हैं या नहीं। आपको उसके खिलाफ अटैक करने के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए हम इसी मांइडसेट के साथ इस प्रतियोगिता में उतरे हैं और आगे भी हम ऐसा ही करना चाहते हैं।
मुझे यकीन है कि ये एक बेहतरीन मैच होने जा रहा है
भारत और पाकिस्तान के बीच इस टूर्नामेंट में एजबैस्टन में खेले गए पहले मैच की तरह क्या इस मैच में भी कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। क्या पहले और फाइनल मैच में कोई संबंध है।
मैं टूर्नामेंट में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मैच का कोई रिलवेंस यहां नहीं देखता हूं क्योंकि आप ये नहीं कह सकते कि कोई टीम किस तरह टूर्नामेंट की शुरुआत करती है। कुछ टीमें बड़े विश्वास के साथ शुरुआत करती हैं उसके बाद बिखर जाती हैं। कुछ टीमों को शानदार शुरुआत नहीं मिलती है लेकिन वो बेहद शानदार तरीके से वापसी करती हैं जैसा कि पाकिस्तान ने किया है। हर कोई इस बात से वाकिफ है कि जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी इस टीम में हैं वो अपने दिन किसी टीम को मात दे सकते हैं। ऐसी क्षमता उनकी टीम में हैं। हम इस बात से बेहद अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसके साथ ही हम न तो उन्हें न तो ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे और न ही अपने प्रदर्शन पर घमंड कर रहे हैं। यहां अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखने और एक टीम के रूप में आप कैसा प्रदर्शन कर रहे हैं इसका संतुलन बनाए रखना जरुरी है। मुझे यकीन है कि ये एक बेहतरीन मैच होने जा रहा है। दोनों टीमें फाइनल में जीत हासिल करना चाहती हैं। दोनों ने यहां तक पहुंचने के लिए काफी मेहनत की है ऐसे में हर खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा। दोनों टीमों के 22 खिलाड़ी ऐसा करेंगे तो निश्चित तौर पर यह एक अच्छा मैच साबित होगा। इसलिए मैं इस मैच में और पहले मैच में कोई संबंध नहीं देख रहा हूं।
अंतिम समय में कोई बड़ा बदलाव करने की नहीं सोच रहे
हार्दिक पांड्या टीम को संतुलित करते हैं लेकिन दूसरी तरफ विपक्षी टीमें उनपर अटैक भी करती हैं। ऐसे में शमी को टीम में शामिल करने के बारे में आप क्या सोचते हैं?
हम टीम में ज्यादा बदलाव करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। मैं हार्दिक जैसे खिलाड़ी को टीम में रखने का समर्थन करूंगा जो आपकी टीम को बहुत संतुलित करता है। यहां की जैसी परिस्थितियां हैं वहां एक गेंदबाज के रूप में वो सफल साबित हो सकता है। उसकी बल्लेबाजी बेशकीमती है यदि आप लक्ष्य का पीछा कर रहे हैं और आपको 8 रन प्रति ओवर की दर से रन बनाने और आपके पास विकेट ज्यादा नहीं हैं वह ऐसा खिलाड़ी है जो ऐसी परिस्थिति में भी आपके लिए मैच जीत सकता है। उसे अपनी क्षमताओं में यकीन है और हमें उनपर यकीन है। वो जिस भी मैच में आपके लिए खेलेंगे उसमें मैच जिताऊ पारी खेल सकते हैं। वो एक बेहतरीन फील्डर हैं। आपके लिए एक खिलाड़ी में ऐसा पैकेज मिलना बहुत मुश्किल है। आपको ऐसे खिलाड़ी का नियमित रूप से समर्थन करना होगा ऐसे में आपको विपरीत परिस्थितियों में सार्थक परिणाम मिलेंगे। अब तक टूर्नामेंट में उसने अच्छा प्रदर्शन किया है। जब वह अच्छी गेंदबाजी करता है एक कप्तान के रूप में मुझे बहुत सुकून मिलता है। यदि वो 7 ओवर गेंदबाजी करे आपके लिए विकेट हासिल करे और अच्छी फील्डिंग करे। वो किसी भी पोजीशन पर बल्लेबाजी और फील्डिंग कर सकता है। ऐसे में अंतिम समय में हम कोई बड़ा बदलाव करने की नहीं सोच रहे हैं।
कैसे करेंगे दबाव का सामना
कल के मैच में करोड़ों लोगों की नजरें आपके हर कदम पर होंगी। ऐसे में आप इस दबाव का सामना कैसे करेंगे?
पिछले कुछ सालों से में इसतरह के दबाव का सामना कर रहा हूं कल के लिए कुछ नया नहीं है। ईमानदारी से कहूं तो जब आप मैदान में उतरते हैं तो आप इस बारे में कुछ नहीं सोचते। मुझे मालूम है कि लोगों को आपसे आशाएं हैं। ऐसे लोग हैं जो चाहते हैं कि जब भी हम खेलें मैं और मेरी टीम अच्छा करे। लेकिन एक खिलाड़ी और व्यक्ति के रूप में मैं ये समझता हूं कि ये संभव नहीं है। ऐसे में आपको ये समझना जरूरी है कि खेल में ऐसा हो भी सकता है और नहीं भी। आपको हकीकत के करीब रहना चाहिए आपको किसी गलतफहमी के साथ नहीं जीना चाहिए। जहां आप सोचना बंद करते हैं लोग वहां से सोचना शुरू करते हैं। ऐसे में आप अगर उस बारे में सोचते हैं तो मैदान पर अच्छा नहीं कर पाएंगे। ये भारतीय क्रिकेटर होने का एक हिस्सा है। जब आप कुछ साल अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो लोगों की आपसे आशाएं बढ़ जाती हैं। आपको इससे निपटने के लिए रास्ते ढूंढने पड़ते हैं आप इसे नजरअंदाज भी नहीं कर सकते आपको इसमें संतुलन बनाना पड़ेगा और मैदान में क्या करने की जरूरत है उसपर फोकस करना होगा। मुझे लगता है कि मैं अबतक संतुलन बनाने में कामयाब रहा हूं और कल भी अच्छा रहूंगा।
खिलाड़यों के कितना काम आता है क्रंच मैच खेलने का अनुभव
साल 2015, 2016 और 2017 में हमारी टीम ने कई बड़े मैच खेले, हमारी टीम के कई खिलाड़ियों ने आईपीएल के फाइनल खेले। फाइनल या क्रंच मैच खेलने का अनुभव खिलाड़यों के कितना काम आता है।
ये एक क्रिकेट मैच है तो उसको उसी तरीके से खेलेंगे। टूर्नामेंट तो कभी न कभी खत्म होगा ही। अगर हम ज्यादा बैठ के सोचेंगे कि फाइनल है और जीतना ही है ट्रॉफी ऑन द लाइन है। इसीलिए लोग अच्छा कर पाते हैं क्योंकि लोग उन चीजों के बारे में ज्यादा नहीं सोचते हैं। जो ज्यादा एक्साइटेड या नर्वस हो जाते हैं वो बड़े गेम्स में परफॉर्म नहीं कर पाते हैं। एक टीम में आप कामनेस बनाकर रखते हैं ड्रेसिंग रूम में और माहौल अच्छा होगा तो मैं नहीं सोचता कि उस तरफ दिमाग जाता भी है टीम में किसी का भी दिमाग उस तरफ नहीं जा रहा है। लोग सिर्फ मौका मिलने का इंतजार कर रहे हैं कि जाएं और अच्छी क्रिकेट खेलें और टीम को मैच जिताएं। वो जीतने के लिए हमें समझ है कि हमें कंपोजर के साथ खेलना ही होगा। अगर बाद का या रिजल्ट का या परफॉर्मेंस का सोचेंगे तो डिस्ट्रैक्शन होगा तो आपका डिसीजन मेकिंग खराब हो सकता है। तो मुझे नहीं लगता कि हम वैसा सोचे हैं अभी तक और न ही हम कल के लिए सोचने वाले हैं। हमारे लिए यह एक क्रिकेट मैच है अभी तक हमने जैसी कंसिस्टेंट क्रिकेट खेली है कोशिश करेंगे कि वैसा ही दोबारा करें।