भारतीय कप्तान विराट कोहली ने स्वीकार किया कि कुछ कमियां हैं लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला में 1-4 की हार को स्वीकार करना इतना मुश्किल नहीं है और उनकी टीम में आमूलचूल बदलाव लाने की जरूरत नहीं है।
आखिर क्यों सीरीज हारी टीम इंडिया, अब विराट कोहली ने खुद किया खुलासा
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इंग्लैंड में हार से विदेशी सरजमीं पर भारत के खराब रिकार्ड में और इजाफा हुआ है। इससे पहले भारत को इसी साल दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भी हार का समाना करना पड़ा था।
कोहली ने कहा, 'बिलकुल भी मुश्किल नहीं है (दक्षिण अफ्रीका और इंग्लैंड दौरे की हार को स्वीकार करना) क्योंकि मेरे लिए यह मायने रखता है कि आप किस रवैये के साथ क्रिकेट खेलते हो। चौथे मैच के बाद हमने कहा था कि हम हार नहीं मानेंगे और हमने नहीं मानी।'
टीम की जो कमजोरियां उजागर हुई उन पर बात करते हुए कोहली ने कहा कि इसमें सबसे महत्वपूर्ण यह है कि टीम मजबूत स्थितियों का फायदा उठाने में नाकाम रही।
कोहली ने कहा, 'हमने दबाव बनाया। हम बल्ले से पर्याप्त समय तक दबाव बनाने में नाकाम रहे और गेंद से भी। उन्होंने (इंग्लैंड ने) इन हालात का फायदा हमारी तुलना में बेहतर तरीके से उठाया।'
कोहली ने हालांकि स्वीकार किया कि उनकी टीम हालात का पूरी तरह से फायदा उठाने में नाकाम रही जबकि इंग्लैंड ने इनका पूरा फायदा उठाया।
उन्होंने कहा, 'आपको पता है कि इस श्रृंखला में हम हमेशा पीछे नहीं रहे और इस श्रृंखला में हमने वापसी की। हम इस श्रृंखला को ऐसी श्रृंखला के तौर पर नहीं देख रहे जहां हमें लगे कि हम विदेशी हालात में नहीं खेल सकते। लेकिन क्या हम महत्वपूर्ण लम्हों को विरोधी टीम से बेहतर तरीके से भुना सकते हैं। फिलहाल, नहीं, हम ऐसा नहीं कर पाए।'
कोहली ने कहा, 'हमारा लक्ष्य श्रृंखला जीतना था, कोई एक टेस्ट जीतकर खुश होना नहीं। श्रृंखला के नतीजे से निश्चित तौर पर हम खुश नहीं हैं लेकिन हम सही रवैये और प्रत्येक मैच में जीत की इच्छा के साथ खेले।'
कोहली ने श्रृंखला में सर्वाधिक रन बनाए लेकिन भारत को हार से नहीं बचा पाए। इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन के साथ संघर्ष पर कोहली ने इसे मजेदार बताया।
उन्होंने कहा, 'हमारे बीच कोई बहस नहीं हुई। पूरी श्रृंखला के दौरान अच्छा और प्रतिस्पर्धी माहौल रहा। कुछ शब्द बोले गए लेकिन ये व्यंग्यपूर्ण थे, गंभीर नहीं उसके जैसे खिलाड़ी हमेशा आपकी परीक्षा लेते हैं।'