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कोच्चि में भी होगा बल्लेबाजों का बोलबाला
कोच्चि/इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 12 Jan 2013 08:18 PM IST
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वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारत भले ही इंग्लैंड से हार गया लेकिन रनों से भरे राजकोट की पिच पर खेले गए इस मैच का दर्शकों ने जमकर लुत्फ उठाया। रनों की ऐसी ही बरसात सीरीज के दूसरे मैच में भी हो सकती है। क्यूरेटर वी आर विश्वनाथ की माने तो कोच्चि में 15 जनवरी को होने वाले दूसरे वनडे के लिए तैयार की गई पिच भी बल्लेबाजों के लिए मुफीद होगी।
बीसीसीआई की तकनीकी समिति के सदस्य और क्यूरेटर वी आर विश्वनाथ ने जवाहरलाल नेहरू अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच का निरीक्षण करने के बाद इस पर अपना संतोष व्यक्त किया। विश्वनाथ ने कहा, 'मैं पिच से पूरी तरह संतुष्ट हूं और यह अभी से खेलने के लिए तैयार है। पिच ठोस है और इस पर कुछ घास है। इसे देखने से लगता है कि यह बल्लेबाजों को मदद करेगी।'
केरल क्रिकेट संघ (केसीए) के क्यूरेटर पीपी रामचंद्रन भी पिच निरीक्षण के समय विश्वनाथ के साथ थे। उन्होंने भी विश्वनाथ के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा कि पिच बल्लेबाजों के लिए उपयुक्त रहेगी। भारत राजकोट में शुक्रवार को पहले वनडे में इंग्लैंड से मात्र नौ रन से हार गया था। पहला मैच हाई स्कोरिंग रहा था।
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इंग्लैंड ने 325 रन बनाए थे जबकि भारत ने 316 रन बनाए थे। दूसरे वनडे के लिए यहां सभी तैयारियां सुचारू रूप से चल रही हैं। इस शहर में पांच वर्षों के अंतराल के बाद यह पहला वनडे होगा। इस वनडे के लिए टिकटों की बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ के पार कर चुका है।
गेंदबाजों के लिए कब्रगाह
आंकड़ों के लिहाज से कोच्चि गेंदबाजों के लिए कब्रगाह रहा है। सचिन तेंदुलकर इस पिच पर सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने चार मैचों में सर्वाधिक दस विकेट झटके हैं। इसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 32 रन पर पांच विकेट शामिल है। जबकि दूसरे नंबर पर श्रीसंत और तीसरे नंबर पर जहीर खान हैं। श्रीसंत ने दो मैचों में कुल दो विकेट और जहीर ने तीन मैचों में चार विकेट झटके हैं। ये तीन इंग्लैंड के खिलाफ आगामी मैच में नहीं होंगे।
गेंदबाजों की पूरी नई पौध है, जिसे बल्लेबाजी के लिए मददगार पिच पर अपने हुनर को साबित करना है। बल्लेबाजी में राहुल द्रविड़ के नाम सबसे ज्यादा रन हैं। द्रविड़ ने यहां 5 मैचों में 223 रन बनाए हैं। मौजूदा बल्लेबाजों में युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी को ही इस पिच का खासा अनुभव है।
युवराज के तीन मैचों में 74 रन जबकि धोनी के इतने ही मैचों में 58 रन है। टीम इंडिया की बात करें तो इस पिच का सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड टीम इंडिया के नाम है। भारत ने 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट पर 309 रन बनाए थे, जिसमें भारत को 41 रन से जीत हासिल हुई थी। इस पिच पर इंग्लैंड का सर्वाधिक स्कोर 237 रन है। यह मैच 2006 में खेला गया था और इसमें भारत को चार विकेट से जीत मिली थी। तब भारत ने छह विकेट पर 238 रन बनाए थे।
हाउसफुल रहेगा स्टेडियम
केरल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव टीसी मैथ्यू ने कहा कि दूसरे वन-डे के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस वन-डे के लिए टिकटों की बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ पार कर चुका है और मैच के लिए स्टेडियम हाउसफुल रहेगा। सुरक्षा के लिए दो हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और खाने-पीने की चीजें को स्टेडियम में ले जाने से पहले उसकी स्वास्थ्य अधिकारी जांच करेंगे।
मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस मैच पर बारिश का साया भी नहीं है। काबिलेगौर है कि 2010 में यहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच बिना एक गेंद फेंके बारिश के कारण धुल गया था। वहीं, मैदान तैयार करने वाली मलेयशियाई कंपनी ग्रीनमिस्टिक ने कहा कि उनकी कंपनी ने मैदान पर अमेरिकी आर्गेनिक पेस्टीसाइड का इस्तेमाल किया है ताकि घास को ज्यादा हरा और मुलायम बनाया जा सके।
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बीसीसीआई की तकनीकी समिति के सदस्य और क्यूरेटर वी आर विश्वनाथ ने जवाहरलाल नेहरू अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच का निरीक्षण करने के बाद इस पर अपना संतोष व्यक्त किया। विश्वनाथ ने कहा, 'मैं पिच से पूरी तरह संतुष्ट हूं और यह अभी से खेलने के लिए तैयार है। पिच ठोस है और इस पर कुछ घास है। इसे देखने से लगता है कि यह बल्लेबाजों को मदद करेगी।'
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केरल क्रिकेट संघ (केसीए) के क्यूरेटर पीपी रामचंद्रन भी पिच निरीक्षण के समय विश्वनाथ के साथ थे। उन्होंने भी विश्वनाथ के दृष्टिकोण का समर्थन करते हुए कहा कि पिच बल्लेबाजों के लिए उपयुक्त रहेगी। भारत राजकोट में शुक्रवार को पहले वनडे में इंग्लैंड से मात्र नौ रन से हार गया था। पहला मैच हाई स्कोरिंग रहा था।
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इंग्लैंड ने 325 रन बनाए थे जबकि भारत ने 316 रन बनाए थे। दूसरे वनडे के लिए यहां सभी तैयारियां सुचारू रूप से चल रही हैं। इस शहर में पांच वर्षों के अंतराल के बाद यह पहला वनडे होगा। इस वनडे के लिए टिकटों की बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ के पार कर चुका है।
गेंदबाजों के लिए कब्रगाह
आंकड़ों के लिहाज से कोच्चि गेंदबाजों के लिए कब्रगाह रहा है। सचिन तेंदुलकर इस पिच पर सबसे सफल गेंदबाज रहे हैं। उन्होंने चार मैचों में सर्वाधिक दस विकेट झटके हैं। इसमें उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 32 रन पर पांच विकेट शामिल है। जबकि दूसरे नंबर पर श्रीसंत और तीसरे नंबर पर जहीर खान हैं। श्रीसंत ने दो मैचों में कुल दो विकेट और जहीर ने तीन मैचों में चार विकेट झटके हैं। ये तीन इंग्लैंड के खिलाफ आगामी मैच में नहीं होंगे।
गेंदबाजों की पूरी नई पौध है, जिसे बल्लेबाजी के लिए मददगार पिच पर अपने हुनर को साबित करना है। बल्लेबाजी में राहुल द्रविड़ के नाम सबसे ज्यादा रन हैं। द्रविड़ ने यहां 5 मैचों में 223 रन बनाए हैं। मौजूदा बल्लेबाजों में युवराज सिंह और महेंद्र सिंह धोनी को ही इस पिच का खासा अनुभव है।
युवराज के तीन मैचों में 74 रन जबकि धोनी के इतने ही मैचों में 58 रन है। टीम इंडिया की बात करें तो इस पिच का सर्वाधिक स्कोर का रिकॉर्ड टीम इंडिया के नाम है। भारत ने 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच विकेट पर 309 रन बनाए थे, जिसमें भारत को 41 रन से जीत हासिल हुई थी। इस पिच पर इंग्लैंड का सर्वाधिक स्कोर 237 रन है। यह मैच 2006 में खेला गया था और इसमें भारत को चार विकेट से जीत मिली थी। तब भारत ने छह विकेट पर 238 रन बनाए थे।
हाउसफुल रहेगा स्टेडियम
केरल क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव टीसी मैथ्यू ने कहा कि दूसरे वन-डे के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस वन-डे के लिए टिकटों की बिक्री का आंकड़ा एक करोड़ पार कर चुका है और मैच के लिए स्टेडियम हाउसफुल रहेगा। सुरक्षा के लिए दो हजार पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और खाने-पीने की चीजें को स्टेडियम में ले जाने से पहले उसकी स्वास्थ्य अधिकारी जांच करेंगे।
मौसम विभाग के सूत्रों के मुताबिक इस मैच पर बारिश का साया भी नहीं है। काबिलेगौर है कि 2010 में यहां भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच बिना एक गेंद फेंके बारिश के कारण धुल गया था। वहीं, मैदान तैयार करने वाली मलेयशियाई कंपनी ग्रीनमिस्टिक ने कहा कि उनकी कंपनी ने मैदान पर अमेरिकी आर्गेनिक पेस्टीसाइड का इस्तेमाल किया है ताकि घास को ज्यादा हरा और मुलायम बनाया जा सके।