बीसीसीआई ने पाक अंपायर असद रऊफ पर लगाया बैन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईसीसी एलीट पैनल में शामिल और टेस्ट मैचों में अंपायरिंग कर चुके 59 साल के रऊफ पर आईपीएल के 2013 टूर्नामेंट के दौरान सट्टेबाजों से महंगे तोहफे स्वीकार करने और लीग के मैचों पर सट्टा लगाने का आरोप लगा था। रऊफ के भविष्य पर फैसला कई हफ्तों तक टालने के बाद बीसीसीआई अध्यक्ष शशांक मनोहर की अगुआई वाली समिति ने अंतत: इस अंपायर को प्रतिबंधित करने की घोषणा की।
साथ ही अंपायर रऊफ आईपीएल 2013 में आईपीएल में हुए स्पॉट फिक्सिंग मामले में मुंबई पुलिस की चार्जशीट में 'वांटेड' लोगों की सूची में शामिल थे। उन्होंने उस साल आईपीएल के दौरान अपने खिलाफ चार्जशीट दाखिल होने से पहले ही भारत छोड़ा था।
पाक के सफलतम अंपायरों में रहे रऊफ
बीसीसीआई की अनुशासन समिति ने शुक्रवार को असद रऊफ के खिलाफ फैसला सुना दिया। रऊफ को भ्रष्टाचार में शामिल होने और बोर्ड के भ्रष्टाचार रोधी संहिता के नियम 2.2.2, 2.3.2, 2.3.3 और 2.4.1 के तहत नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया।
रऊफ समिति से समक्ष पेश नहीं हुए, लेकिन उन्होंने अपना प्रारंभिक दस्तावेज 15 जनवरी को और फिर 8 फरवरी को अपने ऊपर लगे आरोपों पर लिखित में जवाब दिया। इसके साथ ही उन्होंने जांच अधिकारी की भी रिपोर्ट भेजा है। बावजूद इसके बोर्ड की समिति ने उन पर बैन लगा दिया। रऊफ ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के सभी आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि वह कभी भी किसी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं रहे हैं।
मुंबई पुलिस की जांच में स्पॉट फिक्सिंग में नाम आने के बाद 2013 में रऊफ को आईसीसी ने चैंपियंस ट्राफी से हटा दिया था। वह इस फिक्सिंग के आरोपों में घिरने वाले पहले अंपायर भी हैं।
बीसीसीआई की अनुशासन समिति में ज्योतिरादित्य सिंधिया और निरंजन शाह भी शामिल हैं। रऊफ के खिलाफ आरोप लगने के बाद पाकिस्तान ने उन्हें आईसीसी एलीट पैनल से हटा दिया था। बीसीसीआई ने कहा, "असद रऊफ को पांच साल तक अंपायरिंग या खेलने या किसी भी तरह से क्रिकेट में प्रतिनिधित्व करने या किसी भी तरह से बोर्ड और उससे मान्यता प्राप्त इकाइयों से जुड़ने से प्रतिबंधित किया जाता है। रऊफ समिति के समक्ष पेश नहीं हुए लेकिन उन्होंने शुरुआती जवाब 15 जनवरी 2016 को दिए और फिर आठ फरवरी 2016 को अपना लिखित जवाब भेजा।"
समिति ने जांच आयुक्त की रिपोर्ट और रऊफ के लिखित बयान पर विचार करने के बाद इस पाकिस्तानी को ‘बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी संहिता के नियम 2.2.2, 2.3.2, 2.3.3 और 2.4.1 के तहत कदाचार और भ्रष्टाचार’ का दोषी पाया है। रऊफ को इसके अलावा अंदरूनी जानकारी किसी साझा करने का दोषी भी पाया गया है। रऊफ के प्रतिबंध के साथ 2013 के प्रकरण और इसके बाद भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हुई बोर्ड की अनुशासनात्मक कार्रवाई खत्म हो गई है।
पिछले महीने हरियाणा के ऑफ स्पिनर अजित चंदीला पर आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण 2013 में उनकी संलिप्तता के लिए आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था जबकि मुंबई के बल्लेबाज हिकेन शाह को साथी खिलाड़ी से भ्रष्ट संपर्क करने के लिए पांच साल के लिए निलंबित किया गया था। चंदीला को राजस्थान रायल्स की ओर से खेलने के दौरान स्पॉट फिक्सिंग का दोषी पाया गया था।
रऊफ पाकिस्तान में प्रथम श्रेणी क्रिकेटर रह चुके हैं। वह अंतरराष्ट्रीय
स्तर में पहली बार 2000 में अंपायरिंग करने उतरे। इसके बाद 2005 में वह
टेस्ट मैचों में अंपायर के रूप में मैदान पर उतरे और फिर 2006 में एलिट
पैनल में शामिल हो गए। उन्होंने बतौर अंपायर में 48 टेस्टों में अंपायरिंग
की है जबकि वनडे और टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अंपायर के रूप में
उन्होंने क्रमशः 98 और 23 मैचों में अंपायरिंग की।