Under19 World Cup: BCCI पर फिर उठे सवाल, सपोर्टिंग स्टाफ के बाद चयनकर्ताओं को किया नाराज
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अंडर-19 वर्ल्ड चैंपियन टीम के कोच राहुल द्रविड़ को सपोर्ट स्टाफ और टीम सदस्यों के मुकाबले भारी-भरकम कैश अवॉर्ड दिए जाने पहले ही सवाल खड़े हो चुके हैं। अब विश्व विजेता टीम को चयनित करने वाले चयनकर्ताओं को नजरअंदाज करने के मामले में बीसीसीआई सवालों के घेरे में आ गई है।
बोर्ड के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने सीओए से सवाल दाग दिया गया है कि वेंकटेश प्रसाद की अगुवाई वाली चयन समिति को भी कैश अवॉर्ड दिया जाना चाहिए। यही नहीं बोर्ड ने सीओए से सपोर्ट स्टाफ को 20 की बजाय 25 लाख रुपये का ईनाम दिए जाने को भी कहा है।
बोर्ड के पदाधिकारी का कहना है कि ऐसा नहीं है कि चयनकर्ताओं को उनकी मेहनत का ईनाम नहीं दिया जाता है। बीते वर्ष ही जब महिला टीम विश्व कप के फाइनल में पहुंची तो महिला चयनकर्ताओं को सीओए ने 15-15 लाख रुपये का ईनाम दिया।
यही नहीं एमएसके प्रसाद की अगुवाई वाली सीनियर चयन समिति को सीओए ने 15-15 लाख रुपये का कैश अवॉर्ड दिया। यह अवॉर्ड चयन समिति को टीम इंडिया की नंबर वन टेस्ट रैंकिंग और चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचने केलिए दिया गया था।
जब वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्राफी के फाइनल में पहुंचने पर चयनकर्ताओं को कैश अवॉर्ड मिल सकता है तो फिर जूनियर चयनकर्ताओं ने तो टीम को विश्व विजेता बनाकर दिखाया है। बावजूद इसके वेंकटेश प्रसाद, ज्ञानेंद्र पांडे और राकेश पारिख को उनके बेहतरीन चयन का ईनाम नहीं दिया गया।
सूत्र बताते हैं कि बोर्ड की ओर से सीओए को द्रविड, सपोर्ट स्टाफ और पूरी टीम के अलावा चयनकर्ताओं को भी कैश अवार्ड दिए जाने की सिफारिश की गई थी, लेकिन कैश अवॉर्ड की घोषणा चयनकर्ताओं को छोड़ बाकी सभी के लिए कर दी गई।
बोर्ड ने यह भी सिफारिश की है कि विश्व विजेता टीम के सपोर्ट स्टाफ को 20 की बजाय 25 लाख रुपये का कैश अवॉर्ड दिया जाए। यह उनके लिए सही ईनाम होगा। साथ ही चयनकर्ताओं को 15 से 20 लाख रुपये का कैश अवॉर्ड दिया जाना चाहिए।