BCCI: 'बलि का बकरा बने अभिषेक नायर', सीनियर खिलाड़ी से सपोर्ट स्टाफ की हुई थी बहस? सूत्र ने उठाया राज से पर्दा
अभिषेक को आठ महीने पहले ही असिस्टेंट कोच नियुक्त किया गया था, जब गौतम गंभीर ने मुख्य कोच का पद संभाला था। हालांकि, अब उन्हें सहायक कोच की उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
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समाचार एजेंसी पीटीआई ने बीसीसीआई से जुड़े एक सूत्र के हवाले से बताया कि अभिषेक नायर को सहयोगी स्टाफ से हटाने की जानकारी पहले ही दे दी गई थी। सूत्र ने कहा- भारत की टेस्ट क्रिकेट में हाल की हार (न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) के बाद सहयोगी स्टाफ को लेकर मंथन चल रहा था लेकिन बीसीसीआई में यह भी महसूस हो रहा है कि सहयोगी स्टाफ के एक महत्वपूर्ण सदस्य और एक वरिष्ठ स्टार खिलाड़ी के बीच की लड़ाई में नायर बलि का बकरा बन गए।
आठ महीने पहले सहायक कोच बने थे अभिषेक नायर
अभिषेक को आठ महीने पहले ही असिस्टेंट कोच नियुक्त किया गया था, जब गौतम गंभीर ने मुख्य कोच का पद संभाला था। हालांकि, अब उन्हें सहायक कोच की उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है। उनके साथ फील्डिंग कोच टी. दिलीप और स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग कोच सोहम देसाई को भी बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा टीम में खिलाड़ियों का मसाज करने वाले एक स्टाफ को भी बर्खास्त किया गया है।
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि भारत के पहले स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग कोच एड्रियन ले रॉक्स के दूसरे कार्यकाल के लिए लौटने की संभावना है। विश्व कप 2003 के दौरान तत्कालीन सौरव गांगुली की अगुवाई वाली भारतीय टीम में एक नई फिटनेस संस्कृति की शुरुआत करने के लिए दक्षिण अफ्रीका के इस कोच को बहुत श्रेय दिया जाता है।
पीटीआई ने इस संबंद में जब सचिव देवजीत सैकिया से इस पर सवाल किया तो उन्होंने न तो इसकी पुष्टि की और न ही इनकार किया। उन्होंने कहा- कुछ चीजों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आपको कुछ दिनों में इस बारे में सूचित कर दिया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हार के बाद बीसीसीआई ने समीक्षा बैठक की थी, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे थे। बोर्ड के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा- बीसीसीआई ने समीक्षा बैठक की थी जिसमें सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला सहित बोर्ड के शीर्ष अधिकारी, भारतीय टीम से जुड़े महत्वपूर्ण सदस्य और राष्ट्रीय चयनकर्ता उपस्थित थे।
उन्होंने आगे कहा- इस बैठक में सहयोगी स्टाफ से एक वरिष्ठ सदस्य ने नायर की भूमिका को लेकर आशंका व्यक्त की थी और कहा था कि उनकी उपस्थिति से ड्रेसिंग रूम में विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। बीसीसीआई ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, लेकिन वे कोटक को ले आए। यह चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान नायर को किनारे करने का एक तरीका था।