फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Cricket ›   Cricket News ›   Batting side should be penalized 7 runs if rules Sachin tendulkar on Dead ball controversy

आखिर तेंदुलकर ने क्यों कहा- नियमों का उल्लघंन होने पर ठोका जाए 7 रन का जुर्माना

Mon, 27 May 2019 03:07 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला Published by: अंशुल तलमले Updated Mon, 27 May 2019 03:07 PM IST
विज्ञापन
Batting side should be penalized 7 runs if rules Sachin tendulkar on Dead ball controversy
सचिन तेंदुलकर - फोटो : ESPN

दुनिया के महान क्रिकेटरों में शुमार सचिन तेंडुलकर को लगता है कि गेंदबाजी करने वाली टीम की तरह बल्लेबाजी करने वाली टीम को भी मैच के दौरान खेल के नियमों का उल्लघंन करने के लिए 7 रन का जुर्माना लगाया जाना चाहिए।

विज्ञापन


मुंबई टी-20 लीग के यहां शनिवार को सेमीफाइनल में सोबो सुपरसोनिक्स और आकाश टाइगर्स मुंबई वेस्टर्न सबर्ब के बीच हुए अजीबोगरीब विवाद के बाद तेंडुलकर ने यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा, ‘जो भी मैंने देखा, वो मैंने पहली बार देखा है और फिर मैंने सोचना शुरू किया कि क्या किया जा सकता है और यह एक डेड बॉल नहीं हो सकती लेकिन नियम इस तरह के हैं कि जो कुछ भी हुआ, वो उस समय सही चीज थी।’
विज्ञापन


सचिन ने कहा, ‘मैं सोच रहा था कि बदलाव के लिए क्या किया जा सकता है जो आने वाले समय में लागू किया जा सकता है और मुझे लगता है कि अगर सर्कल के अंदर 3 फील्डर हैं तो अंपायर उन्हें कभी नहीं कहता कि आपको चौथा फील्डर रिंग में लगाने की जरूरत है और अगर नो बॉल होती है और इसके लिए फ्री हिट है। इसलिए फील्डिंग करने वाली टीम पर जुर्माना लगाया जाता है।’ 
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘जब बल्लेबाज अपने छोर पर नहीं पहुंचते तो बल्लेबाजी करने वाली टीम पर जुर्माना क्यों नहीं लगता? मुझे लगता है कि बल्लेबाजी करने वाली टीम को भी सजा मिलनी चाहिए और एक गेंद पर अधिकतम कितने रन बना सकता है, जो 7 रन हैं जिसमें एक पिछली नो बॉल और फ्री हिट पर रन हैं। इसलिए शायद यहां पर बल्लेबाजी करने वाली टीम पर 7 रन का जुर्माना लगना चाहिए।’ 

शनिवार को 15वें ओवर के अंत में सोबो सुपरसोनिक्स की टीम बिना विकेट गंवाए 158 रन पर थी जब हर्श टैंक को क्रैंप के कारण चिकित्सा लेनी पड़ी। इस ओवर की अंतिम गेंद पर जय बिष्टा ने एक रन लिया लेकिन अगले ओवर के शुरू होने पर किसी भी खिलाड़ी या अंपायर ने महसूस नहीं किया कि टैंक स्ट्राइक छोर पर थे, जय नहीं। गलत स्ट्राइक लेने के बाद टैंक पहली गेंद पर आउट हो गए। 


अंपायरों को महसूस हुआ कि बल्लेबाजों ने छोर नहीं बदला था तो उन्होंने इसे डेड बॉल करार कर दिया जिससे आकाश टाइगर्स की टीम को विकेट नहीं मिला जबकि गलती पूरी तरह से बल्लेबाजों की थी। तेंडुलकर ने कहा कि यह मैदान के बाहर के मैच अधिकारियों का काम था कि वे मैदानी अंपायरों को इस गलती का आभास कराते। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें क्रिकेट समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। क्रिकेट जगत की अन्य खबरें जैसे क्रिकेट मैच लाइव स्कोरकार्ड, टीम और प्लेयर्स की आईसीसी रैंकिंग आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed