कोहली के बाद धोनी संग 'जुगलबंदी'; कोच कुंबले की अगली 'परीक्षा'
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टेस्ट सीरीज के बाद अब टी-20 सीरीज। टीम इंडिया के नए कोच बने अनिल कुंबले के लिए अगली परीक्षा अब धोनी के साथ है। वह टेस्ट कप्तान विराट कोहली के साथ पहली परीक्षा में 100 फीसदी परिणाम के साथ पास हो गए थे।
कोच के रूप में कुंबले की पहली चुनौती विदेशी दौरे से शुरू हुई। कोहली की कप्तानी और कुंबले की कोचिंग में टीम इंडिया को कैरेबियाई धरती पर वेस्टइंडीज टीम के साथ 4 मैचों की सीरीज खेलनी थी जिसमें भारत 2-0 से विजयी रहा। एक मैच बारिश की भेंट चढ़ गया वरना भारत न सिर्फ वो मैच जीत जाता बल्कि टेस्ट रैंकिंग में नंबर का ताज भी बचा लेते लेकिन बारिश ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।
वैसे तो पहले से तय कार्यक्रम के आधार पर कुंबले की धोनी के रूप में अगली परीक्षा में काफी समय था, लेकिन इसी महीने की शुरुआत में बीसीसीआई ने अमेरिका में दो मैचों की टी-20 सीरीज का ऐलान कर इस परीक्षा का समय भी अगस्त में तय कर दिया।
एक साथ टीम इंडिया के लिए खेल चुके हैं कुंबले और धोनी
कोहली और कुंबले की जुगलबंदी थोड़ी आसान थी क्योंकि टेस्ट के लिए वेस्टइंडीज टीम इंडिया से कहीं कमजोर टीम थी और सीरीज में जीत लगभग तय मानी जा रही थी, लेकिन टी-20 में यह स्थिति नहीं है। कुंबले और धोनी को 2 बार की वर्ल्ड चैंपियन कैरेबियाई टीम पर लगाम लगाने के लिए खास योजना बनानी पड़ेगी।
यह वही कैरेबियाई टीम है जिसने मार्च में टीम इंडिया को टी-20 का वर्ल्ड चैंपियन बनने से रोका था। वेस्टइंडीज ने तब सेमीफाइनल में भारत को अंतिम समय में हराया और फिर वर्ल्ड कप पर भी कब्जा जामा लिया। वेस्टइंडीज टी-20 में बेहद मजबूत टीम आंकी जाती है उसकी टीम में कई विस्फोटक बल्लेबाज होने के साथ-साथ दुनिया के शीर्ष गेंदबाज भी हैं।
खुद कुंबले ने कोहली के साथ को शानदार और स्वीट कहा। अब वह धोनी के साथ भी कुछ इसी तरह से संबंध चाहते हैं।
अमेरिका में क्रिकेट फायदे का सौदा रहेगाः धोनी
भारतीय टीम के सीमित ओवरों के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट अमेरिका के लिए स्पेशल मार्केट बन सकता है और उन्हें कोई वजह नजर नहीं आती कि यहां क्रिकेट क्यों सफल नहीं हो सकता।
वेस्टइंडीज के खिलाफ टी-20 मुकाबले की पूर्व संध्या पर धोनी ने कहा कि जहां तक बात सुविधाओं की है तो यहां उपलब्ध सुविधाएं उतनी ही अच्छी हैं जितनी दुनिया में कहीं और हो सकती है। यह जरूर है कि स्टेडियम उतने बड़े नहीं हैं लेकिन जहां तक खेलने के मैदान की बात है तो यह उपयुक्त है।
लंबे विश्राम के बाद टीम में लौटे धोनी की नजर में अमेरिका में क्रिकेट खेल के लिए फायदे का सौदा है और यहां रह रहे भारतीयों के लिए अपने पसंदीदा खेल के नजारे का बेहतरीन मौका है। भारतीय क्रिकेट टीम पहली बार अमेरिकी धरती पर खेलेगी। धोनी को यह भी उम्मीद है कि अमेरिका में भारत को वेस्टइंडीज के मुकाबले दर्शकों का अच्छा समर्थन मिलेगा।
धोनी ने कहा, "अमेरिका में क्रिकेट एक नया उद्यम है लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यहां टी-20 लीग हो चुकी है। यहां ढांचागत सुविधाएं अच्छी हैं। कुल मिलाकर बड़ा मौका है। प्रसारण का समय भी अच्छा है। पहले अमेरिका के लोग भारतीय टीम का समर्थन करने के लिए वेस्टइंडीज पहुंचते थे लेकिन अब उन्हें अपने मैदानों में ही टीम इंडिया को खेलते देखने का आनंद मिलेगा। विंडीज की टीम सीमित ओवरों में बेहतरीन है क्योंकि टीम के संयोजन में संतुलन है। यह सीरीज काफी रोमांचक रहेगी।"