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अजहर पर आजीवन पाबंदी गैरकानूनीः हाईकोर्ट
नई दिल्ली/एजेंसी
Updated Thu, 08 Nov 2012 04:04 PM IST
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टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन ने आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अपने ऊपर लगे आजीवन प्रतिबंध को गैरकानूनी ठहराने के फैसले का स्वागत किया है। अदालत के फैसले के बाद अजहर ने पत्रकारों को बताया कि मुझे नहीं लगता कि मैं आगे क्रिकेट खेल पाऊंगा। मेरी किस्मत में 99 टेस्ट मैच खेलना लिखा था और वही हुआ। अदालत के फैसले या पाबंदी से जुड़े किसी मुद्दे पर मेरी बीसीसीआई से कोई बातचीत नहीं हुई है।
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अजहर ने कहा, 'मेरी इच्छा है कि मैं क्रिकेट के लिए कुछ करूं। हाईकोर्ट के फैसले से खुशी हुई है और वैसे भी सब्र का फल मीठा होता है। जो हुआ वह गलत हुआ लेकिन मैं किसी पर ऊंगली नहीं उठाऊंगा। मुरादाबाद के लोगों ने मुझे सांसद चुनकर पहले ही फैसला सुना दिया था और अब अदालत के फैसले से मुझे काफी राहत मिली है'।
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इससे पहले आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने टीम इंडिया के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरूद्दीन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को गैरकानूनी करार दिया। बीसीसीआई ने मैच फिक्सिंग के आरोप में अहजरूद्दीन पर आजीवन पाबंदी लगाई थी। इसके बाद अजहर ने 27 अगस्त 2001 को सिटी सिविल कोर्ट और बीसीसीआई के फैसले के खिलाफ आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।
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हाईकोर्ट ने बीसीसीआई को अपने निर्णय पर फिर से विचार करने के लिए कहा है। मैच फिक्सिंग में कथित संलिप्तता के कारण अजहरूद्दीन पर लगे इस प्रतिबंध को गैरकानूनी बताते हुए अदालत ने बोर्ड से इसे हटाने के लिए भी कहा। माना जा रहा है कि बीसीसीआई इस मामले में कोर्ट के फैसले के बाद आपात बैठक बुला सकता है। इसमें बोर्ड अदालत के निर्णय को मान सकता है या इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है।
अदालत का कहना था कि बीसीसीआई द्वारा मोहम्मद अहजरूद्दीन पर आजीवन प्रतिबंध लगाना गलत था। गौरतलब है कि 2006 में बीसीसीआई ने मैच फिक्सिंग मामले में कुछ खिलाड़ियों पर से पाबंदी हटाने का संकेत दिया था। बाद में आईसीसी के दखल के बाद यह फैसला वापस ले लिया गया। आईसीसी का कहना था कि किसी खिलाड़ी पर से पाबंदी हटाने का अधिकार केवल उसके पास है।
15 जून 2000 को दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हैंसी क्रोनिए ने अजहर पर मैच फिक्सिंग का आरोप लगाया था। 20 जुलाई 2000 को अजहर के घर पर छापे पड़े थे। इसके बाद 2000 में बीसीसीआई ने अजहरूद्दीन पर पाबंदी लगा दी थी।