28 साल बाद खुद को दोहराता इतिहास, पृथ्वी शॉ ने फिर दिलाई सचिन तेंदुलकर की याद
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कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता है। कुछ क्रिकेटप्रेमियों को पृथ्वी शॉ में सचिन तेंदुलकर नजर आता है। वही कद-काठी और बल्लेबाजी का अंदाज।
क्रिकेट का ककहरा भी दोनों ने एक ही शहर में सीखा। मुंबई की हवा ने इन्हें धारा के विपरित तैरने का हौसला दिया।
सचिन-पृथ्वी दोनों ने ही स्कूल क्रिकेट में कमाल कर दुनिया को अपना परिचय दिया। कई शॉट्स देखकर आप यकीन भी न कर पाएंगे कि हेलमेट के अंदर सचिन नहीं बल्कि पृथ्वी हैं।
अब इसे महज संयोग कहे या ऊपर वाले का कमाल, मैदान में धमाल मचाने के अंदाज से लेकर चोटिल होकर बाहर जाने तक पृथ्वी, सचिन की याद दिला ही देते हैं।
मार्च 1990 में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक मैच में सचिन जब चोटिल हुए तो उनके साथी खिलाड़ी और मौजूदा दौर के मशहूर कमेंटेटर विवेक राजदान गोद में उठाकर उन्हें फील्ड से बाहर लेकर गए थे।
अब शुकवार को ऑस्ट्रेलिया में एक अभ्यास मैच के दौरान पृथ्वी शॉ फिल्डिंग करते हुए ऐसे घायल हुए कि कराहते हुए टीम फिजियो पैट्रिक फरहार्ट की गोद में सवार होकर ही बाहर जाना पड़ा।