टीम इंडिया के चयन की 5 चौंकाने वाली बातें
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मध्य प्रदेश के रीवा शहर की सिरमौर तहसील के एक छोटे से गांव के रहने वाले ईश्वर चंद पांडेय टीम इंडिया में नया चेहरा हैं। उनका चयन आगामी न्यूजीलैंड दौरे पर टेस्ट और वनडे दोनों ही टीमों में हुआ है। टीम इंडिया का यह 24 वर्षीय पेसर कीवियों की धरती पर छा जाने को तैयार है।
‘रेवांचल एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर छह फुट दो इंच लंबे इस गेंदबाज ने ‘अमर उजाला’ को बताया, ‘मेरी अच्छी गेंदबाजी का राज मेरी अच्छी लंबाई है। यह जेनेटिक है। हालांकि मैं अपने पिताजी से कमजोर हूं लेकिन दोनों की लंबाई अमूमन एक जैसी है। ईश्वर उस वक्त सुर्खियों में आए, जब वह 2012-13 रणजी ट्रॉफी सत्र में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने। इस दौरान उन्होंने 20.16 की औसत से कुल 48 विकेट झटके। मौजूदा रणजी सत्र में वह आठ मैचों में 30 विकेट झटक चुके हैं। इंदौर में रेलवे के खिलाफ 84 रन पर 8 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
रफ्तार की दूसरी धार होंगे वरुण एरोन
वरुण एरोन ने अपने पिछले चार वनडे दिसंबर 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीरीज में खेले थे। तब उन्होंने निरंतर 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर सभी को प्रभावित किया था। लेकिन इंजरी की वजह से वह 2011-12 में ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर रहे जबकि 2012 आईपीएल में उन्होंने वापसी की।
स्टुअर्ट बिन्नी को भी चयन का अंदाजा नहीं था
ज्यादा नहीं दो सत्र पहले तक स्टुअर्ट बिनी के बारे में यह कोई नहीं कहता था कि यह ऑलराउंडर भारतीय टीम में जगह बनाने में सक्षम है। लेकिन पिछले सत्र में दिखाए गए प्रदर्शन के चलते उन्होंने चयनकर्ताओं को अपने बारे में सोचने पर मजबूर किया।
यही कारण है कि दिल्ली के खिलाफ फिरोजशाह कोटला में टी के दौरान जब वह पवेलियन गए तो भारतीय टीम में चयन की खबर ने उन्हें भौंचक्का कर दिया। टी के समय वह 48 रनों पर बल्लेबाजी कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने चयन का जश्न मनाते हुए 88 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली। बिनी ने दिन का खेल खत्म होने के बाद खुद खुलासा किया जब उन्हें चयन का पता लगा तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ।
ओझा के परफारमेंस को किया नजरअंदाज
2013 में बेहतरीन रिकॉर्ड के बावजूद प्रज्ञान ओझा टेस्ट टीम का हिस्सा नहीं हैं। पिछली आठ पारियों में वह 18 विकेट झटक चुके हैं। पेस गेंदबाजों के लिए न्यूजीलैंड की परिस्थितियों अनकूल होती हैं इसीलिए चयनकर्ताओं ने उन्हें नजरअंदाज किया है। ओझा दक्षिण अफ्रीका में भी अंतिम एकादश का हिस्सा नहीं बन सके थे।
युवराज सिंह हुए टीम से बाहर
युवराज ने पिछला वनडे 11 दिसंबर 2013 को खेला था। बारिश की वजह से यह मैच बेनतीजा रहा था। पूरी सीरीज में दो मैचों की एक पारी में युवराज अपना खाता भी नहीं खोल सके। वहीं, अक्तूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में वह नाकाम रहे। उन्होंने चार पारियों में महज 19 रन बनाए।