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भारत-वेस्टइंडीज: इस कैरिबियाई बल्लेबाज की हेडन से तुलना, नायर बोले- भारतीय गेंदबाजों का आसानी से कर रहे सामना
Thu, 15 Oct 2026 03:29 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Thu, 15 Oct 2026 03:29 PM IST
सार
अभिषेक नायर ने शाई होप की तुलना ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज मैथ्यू हेडन से करते हुए कहा कि कैरेबियाई बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों का आसानी से सामना कर रहे हैं। नायर ने होप के पावर और टच के संतुलन, तीनों फॉर्मेट में प्रदर्शन और कप्तानी-विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी में निरंतरता की तारीफ की।
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शाई होप
- फोटो : IANS
विस्तार
भारत के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने टीम इंडिया के खिलाफ शाई होप के शानदार प्रदर्शन की तुलना 2000 के दशक में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज मैथ्यू हेडन के प्रभाव से की है। उन्होंने होप की तारीफ करते हुए कहा कि वे मौजूदा दौरे पर वेस्टइंडीज की ओर से तीनों फॉर्मेट में बेहतरीन खेल दिखा रहे हैं, जिसमें उन्होंने कंट्रोल, पावर और परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की शानदार क्षमता दिखाई है।
तेज गति और बेहतरीन स्पिन का सामना करने के बावजूद, होप ने भारत के खिलाफ खूब रन बनाए हैं। उनकी खासियत यह है कि वह सिर्फ पावर-हिटिंग या सिर्फ टच-प्ले पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि जरूरत के हिसाब से अपना खेल बदल लेते हैं, जिससे उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाज के लिए मुश्किल हो जाता है।
नायर ने 'जियोस्टार' से बात करते हुए कहा, "मुझे याद है कि आखिरी बार 2000 के दशक में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई थी, तब मैथ्यू हेडन हमारे गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते थे। शाई होप भी बिल्कुल वैसा ही कर रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी कमाल की रही है, न सिर्फ इसलिए कि उन्होंने बहुत रन बनाए हैं, बल्कि इस वजह से भी कि उन्होंने यह रन किस तरह से बनाए हैं। आप उन्हें सिर्फ एक 'पावर प्लेयर' या सिर्फ 'टच प्लेयर' नहीं कह सकते। उन्होंने एक बेहतरीन संतुलन बना लिया है। वह गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल भी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पूरी ताकत लगाकर बड़े छक्के भी जड़ सकते हैं।"
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नायर ने बताया कि होप को किसी भी तरह की गेंदबाजी से कोई परेशानी नहीं हुई है। उन्होंने मयंक यादव की तेज गति का बखूबी सामना किया, और साथ ही कुलदीप यादव व अक्षर पटेल की गेंदों में किए गए बदलावों को भी अच्छे से समझा है। इस तरह उन्होंने भारत को लगातार दबाव बनाने का कोई मौका नहीं दिया है।
अभिषेक नायर ने आगे कहा, 'शाई होप ने तेज गेंदबाजों का भी शानदार सामना किया। मयंक यादव 145 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन होप ने उन्हें आसानी से खेला है। उन्होंने कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे स्पिनरों के खिलाफ भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। इस दौरे पर उन्होंने हर फॉर्मेट में भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। 200 के स्ट्राइक रेट से शतक लगाना उनकी क्षमता को दिखाता है।'
नायर ने कहा कि कप्तानी और विकेटकीपिंग जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बावजूद होप लगातार अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, किसी खिलाड़ी का विकेटकीपिंग करना, टीम की कप्तानी संभालना और फिर बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना बहुत कम देखने को मिलता है। होप का योगदान सिर्फ उनके रन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपनी नेतृत्व क्षमता और लगातार अच्छे प्रदर्शन से भी वेस्टइंडीज टीम के लिए बेहद अहम साबित हो रहे हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला शनिवार (17 अक्तूबर) को बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है।
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तेज गति और बेहतरीन स्पिन का सामना करने के बावजूद, होप ने भारत के खिलाफ खूब रन बनाए हैं। उनकी खासियत यह है कि वह सिर्फ पावर-हिटिंग या सिर्फ टच-प्ले पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि जरूरत के हिसाब से अपना खेल बदल लेते हैं, जिससे उन्हें रोकना किसी भी गेंदबाज के लिए मुश्किल हो जाता है।
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नायर ने 'जियोस्टार' से बात करते हुए कहा, "मुझे याद है कि आखिरी बार 2000 के दशक में जब ऑस्ट्रेलियाई टीम भारत आई थी, तब मैथ्यू हेडन हमारे गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते थे। शाई होप भी बिल्कुल वैसा ही कर रहे हैं। उनकी बल्लेबाजी कमाल की रही है, न सिर्फ इसलिए कि उन्होंने बहुत रन बनाए हैं, बल्कि इस वजह से भी कि उन्होंने यह रन किस तरह से बनाए हैं। आप उन्हें सिर्फ एक 'पावर प्लेयर' या सिर्फ 'टच प्लेयर' नहीं कह सकते। उन्होंने एक बेहतरीन संतुलन बना लिया है। वह गेंदबाजों की गति का इस्तेमाल भी कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर पूरी ताकत लगाकर बड़े छक्के भी जड़ सकते हैं।"
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नायर ने बताया कि होप को किसी भी तरह की गेंदबाजी से कोई परेशानी नहीं हुई है। उन्होंने मयंक यादव की तेज गति का बखूबी सामना किया, और साथ ही कुलदीप यादव व अक्षर पटेल की गेंदों में किए गए बदलावों को भी अच्छे से समझा है। इस तरह उन्होंने भारत को लगातार दबाव बनाने का कोई मौका नहीं दिया है।
अभिषेक नायर ने आगे कहा, 'शाई होप ने तेज गेंदबाजों का भी शानदार सामना किया। मयंक यादव 145 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, लेकिन होप ने उन्हें आसानी से खेला है। उन्होंने कुलदीप यादव और अक्षर पटेल जैसे स्पिनरों के खिलाफ भी बेहतरीन बल्लेबाजी की। इस दौरे पर उन्होंने हर फॉर्मेट में भारतीय गेंदबाजों पर दबाव बनाया है। 200 के स्ट्राइक रेट से शतक लगाना उनकी क्षमता को दिखाता है।'
नायर ने कहा कि कप्तानी और विकेटकीपिंग जैसी अतिरिक्त जिम्मेदारियों के बावजूद होप लगातार अपनी टीम के लिए मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके मुताबिक, किसी खिलाड़ी का विकेटकीपिंग करना, टीम की कप्तानी संभालना और फिर बल्ले से लगातार शानदार प्रदर्शन करना बहुत कम देखने को मिलता है। होप का योगदान सिर्फ उनके रन तक सीमित नहीं है, बल्कि वह अपनी नेतृत्व क्षमता और लगातार अच्छे प्रदर्शन से भी वेस्टइंडीज टीम के लिए बेहद अहम साबित हो रहे हैं। भारत और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला शनिवार (17 अक्तूबर) को बंगलूरू के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाना है।