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आपके यहां तो आयकर का छापा पड़े

Mon, 19 Nov 2012 10:07 PM IST
अरविंद तिवारी
अरविंद तिवारी Updated Mon, 19 Nov 2012 10:07 PM IST
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you have an income tax raid

लोग कह रहे हैं कि नई भूमिका वालों को बधाई दो। दो राज्यों में पार्टी हराने वालों को बधाई दो। मैं नहीं दे रहा। मैं दीपावली के हैंग ओवर से उसी तरह मुक्त नहीं हो पा रहा हूं, जैसे सबसे पुरानी पार्टी पुराने नेताओं से मुक्त नहीं हो पा रही है। दीपावली पर बधाई देकर मेरी जिंदगी बाधित हो गई है। लक्ष्मी के इंतजार में कई रातों का रतजगा करने के बाद मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि इस देश का उल्लू इतना भी उल्लू नहीं है कि लक्ष्मी जी को पीठ पर बैठाकर मेरी झोंपड़ी में ले आए।

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लक्ष्मी जी का दौरा उनका पी.एस. निर्धारित करता है, जिसमें उनके ड्राइवर (उल्लू) का हस्तक्षेप रहता है। आजकल के ड्राइवर इतने होशियार हो गए हैं कि वे राजमार्ग छोड़कर मेरे जैसे गली-कूंचे में रहने वाले के यहां लक्ष्मी का दौरा सैटल ही होने नहीं देते। इसलिए चुनाव के बाद देश और भूकंप के बाद किसी शहर की जो हालत होती है, वही हालत दीपावली के बाद मेरे घर की हो गई है। बुझे हुए दीए, कुम्हलाई हुई मालाएं और मोबाइल में पड़े बधाई संदेश मेरी बरबादी की कहानी कह रहे हैं। दरअसल व्यंग्यकार अगर सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ले, तो वह और ज्यादा शरारती हो जाता है।
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इस बार हमने अत्यन्त संक्षिप्त एसएमएस के जरिये दीपावली के बधाई संदेश मित्रों को भेजा था। संदेश था, लक्ष्मी जी की कृपा से इस बार आपके यहां आयकर का छापा पड़े। मेरी तरह कड़की में जी रहे एक व्यंग्यकार ने पलटकर फोन किया, मित्र, तुम्हारे मुंह में घी-शक्कर। कम-से-कम तुमने तो मुझे इस लायक समझा कि मेरे यहां आयकर का छापा पड़े। मेरे पड़ोसी तो मुझसे पांच सौ का छुट्टा मांगने में भी संकोच करते हैं।
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एक पुराने अधिकारी मित्र को जब मेरा आयकर छापे वाला संदेश मिला, तो वह आग बबूला हो गया। दरअसल ऐन दीवाली से पहले उसका तबादला ऐसे पद पर हो गया, जिसमें ऊपरी आमदनी की कोई गुंजाइश नहीं थी। मेरा यही संदेश जब एक सत्ताधारी एमएलए के पास पहुंचा, तो उसने फोन पर कहा, मित्र, आजकल तुम विपक्ष की भूमिका में क्यों हो। तुम्हारा कोई काम हो, तो बताओ। ऐसे ऊटपटांग संदेश मुझे तो मत भेजो।


तो भाई साहब, हमने तय कर लिया है कि आगे से कभी न तो धूमधाम से दीपावली मनाएंगे और न किसी को बधाई देंगे। हमें मालूम है कि जब तक उल्लू लक्ष्मी जी के साथ है, मेरे घर अभाव ही रहेगा। 

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