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दूसरा पहलू: अत्याधुनिक विमान क्यों हो रहे क्रैश? हादसों के पीछे तकनीकी खामी या कुछ और...

Wed, 19 Feb 2025 06:09 AM IST
दीपक कुमार शर्मा क्रिस्टल झांग
क्रिस्टल झांग Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 19 Feb 2025 06:09 AM IST
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सार
यह तकनीक पायलटों को संभावित टकराव के प्रति सचेत करती है, ताकि पायलट विमान को ऊपर या नीचे कर या दिशा मोड़कर हादसे को टाल सकें। टीसीएएस तकनीक की कुछ सीमाएं भी हैं। लगभग 300 मीटर ऊंचाई से नीचे विमान के उड़ने पर टीसीएएस ठीक से काम नहीं करती। हादसे के वक्त यात्री विमान 90 व सैन्य विमान 60 मीटर की ऊंचाई पर थे।
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Why most modern planes crashing Is technical flaw behind accidents or something else
क्रिस्टल झांग और सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते माह अमेरिका में यात्री विमान और सेना के हेलिकॉप्टर के टकराने से 60 लोगों की मौत हो गई थी, तो इससे पहले दक्षिण कोरिया में एक यात्री विमान में सवार 181 लोगों में से दो को छोड़कर सभी की मौत हो गई। हाल ही में कनाडा के टोरंटो में हुए विमान हादसे में 18 लोग घायल हो गए। अमेरिका के पास विमान हादसे रोकने के लिए सबसे अत्याधुनिक तकनीक है, जिसे इस तरह से विकसित किया गया है कि वह पायलटों को हवा में विमान के टकराने की आशंका होने पर सूचित कर देती है। इस तकनीक को ट्रैफिक कॉलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (टीसीएएस) कहते हैं। टीसीएएस ट्रांसपोंडर से युक्त अन्य विमानों के लिए विमान के आसपास के हवाई क्षेत्र की निगरानी करती है। इसके उपकरण आने वाले इलेक्ट्रॉनिक संकेतों को सुनते हैं और उन पर प्रतिक्रिया देते हैं।



बाहरी एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम से स्वतंत्र रूप से संचालित इस प्रणाली को कभी-कभी एयरबोर्न कॉलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (एसीएएस) भी कहा जाता है, जो पायलटों को पास के विमानों और संभावित टकराव के प्रति तुरंत सचेत करती है, ताकि पायलट विमान को ऊपर या नीचे कर या फिर उसकी दिशा मोड़कर हादसे को टाल सकें। ये नई प्रणालियां एक-दूसरे से संवाद करने में भी सक्षम हैं। वर्ष 1974 में विकसित हुई यह तकनीक धीरे-धीरे उन्नत होती गई। व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले किसी भी विमान को शिकागो कन्वेंशन के तहत अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार, टीसीएएस से सुसज्जित होना चाहिए। लेकिन अमेरिकी सैन्य हेलिकॉप्टर इस नियम के तहत नहीं आते। इसलिए रोनाल्ड रीगन वाशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट पर टकराए सैन्य हेलिकॉप्टर में टीसीएएस प्रणाली नहीं थी।

 
टीसीएएस तकनीक की कुछ सीमाएं भी हैं। लगभग 300 मीटर ऊंचाई से नीचे विमान के उड़ने पर टीसीएएस ठीक से काम नहीं करती। बताया जाता है कि जब हादसा हुआ, तब अमेरिकी एयरलाइंस के विमान की अंतिम ऊंचाई करीब 90 मीटर और सैन्य हेलिकॉप्टर की ऊंचाई 60 मीटर के आसपास थी। इतनी कम ऊंचाई पर विमानों के आमने-सामने होने की स्थिति में उन्हें जमीन पर उतारना मुश्किल होता है। रोनाल्ड रीगन एयरपोर्ट अमेरिका का सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट है। फिलहाल जांच की जा रही है कि हादसा तकनीकी खामी की वजह से हुआ या किसी अन्य चूक की वजह से। -द कन्वर्सेशन से

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