फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   Whoever got, got delayed

जिसे भी मिला, देर से मिला

Thu, 04 Jun 2015 07:38 PM IST
प्रकाश पुरोहित
प्रकाश पुरोहित Updated Thu, 04 Jun 2015 07:38 PM IST
विज्ञापन
Whoever got, got delayed

पुरस्कारों के साथ यही शिकायत रहती है कि वह कभी सही आदमी को नहीं मिलता, और अगर मिल भी जाए, तो सही समय पर नहीं मिलता। भले यह बात पुरस्कार हासिल करने वाले को न अखर रही हो, मगर प्रतिक्रियावादी तो पहली बात यही कहते हैं कि पुरस्कार मिला, यह तो ठीक है, मगर यह बहुत देर से मिला। अगर आप उनसे पूछ लें कि पुरस्कार आखिर कब मिल जाना चाहिए था, तब इनके पास कोई जवाब नहीं होगा। तब वे यह कहकर ही पिंड छुड़ा लेंगे कि इतनी देर से तो नहीं मिलना चाहिए था। जीते-जी मिलने वाले पुरस्कारों की यही फजीहत है कि ये कभी किसी को समय पर नहीं मिलते हैं। यहां तक कि लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड भी लोग चाहते हैं कि खेलने-खाने की उम्र में ही उन्हें दे दिया जाए।

विज्ञापन


किसी ने ठीक से लिखना भी शुरू नहीं किया है, अगर उसे भी पुरस्कार दे दिया जाए, तो ये चुप नहीं रहने वाले और यही कहेंगे कि देर से मिला पुरस्कार है। तो क्या, जब मां की गोद में खेल रहे थे, तभी पुरस्कार दे दिया जाता, तो सही समय पर मिलता! ऐसे भी हादसे हुए हैं कि लेने वाले ने तो कोई शिकायत नहीं की, मगर जिन्हें मिलने की उम्मीद थी, वे यह कहने से बाज नहीं आते हैं कि देर से मिला। अब पुरस्कार पाने वाला तो इसी ऊहापोह में रहता है कि पाने की खुशी मनाए या देर से पाने का रंज करे।
विज्ञापन


यहां अच्छे और बुरे काम की कोई बात नहीं करता है। हो सकता है, उम्र के पकने पर जो अनुभव की फसल आई है, उसी के नतीजे में पुरस्कार मिला है, मगर यहां भी वही अपनी डेढ़ टांग कि पुरस्कार देर से मिला। अगर आम को श्रेष्ठ आम का पुरस्कार मिल जाए, तो दुखी होने वाले यहां भी कह दें कि यह पुरस्कार तो उसे बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था। तो क्या कैरी को श्रेष्ठ आम का इनाम दे दिया जाए? कहीं इस स्थायी शिकायत का मतलब यह तो नहीं है कि लोग कम उम्र में ही पुरस्कार से लद जाएं, ताकि पके हुए लोगों के लिए रास्ता खुला रहे। यदि आज उन्हें नहीं मिला होता, तो अपना नंबर पक्का था।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed