फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   Views like buyer

हर निगाह खरीदार की तरह

Wed, 14 May 2014 07:34 PM IST
मुरली मनोहर श्रीवास्तव
मुरली मनोहर श्रीवास्तव Updated Wed, 14 May 2014 07:34 PM IST
विज्ञापन
Views like buyer

बधाई हो! अब हम दुनिया के तीसरे बड़े खरीदार देश हैं। कभी हम अमीर देशों से मदद मांगते थे। आज हम दुनिया के उन मुल्कों में हैं, जो कुछ भी खरीद सकते हैं। आज किसी मल्टीनेशनल कंपनी को डायमंड कलेक्शन, स्मार्ट फोन या गाड़ी लांच करनी हो, तो वह हमें इग्नोर नहीं कर सकती। वह अपने किसी प्रोडक्ट को यह कहकर डेवलप नहीं कर सकती कि नॉट फॉर ब्लडी इंडियन्स। आज किसी इंटरनेशनल फूड चेन को अपना नया मीनू लाना हो, तो उसे उसका इंडियन स्पाइसी टेस्टी वर्जन भी लाना होगा। हां, उसे हमारी तरह की जनता का ध्यान रखते हुए महंगे प्रोडक्ट का अफोर्डेबल वर्जन हैपी मीनू के तहत लांच करना होगा।

विज्ञापन


हमारी पर्चेजिंग पावर बढ़ रही है और हम उनके लिए ग्राहक बनते जा रहे हैं। हमें लगता है कि हमने सामान खरीदा, पर सच यह है कि उन्होंने हमें खरीद लिया है। हमारी आदतें और सोच उनके कोल्ड ड्रिंक्स, उनके फास्ट फूड और उनकी गाड़ी की गुलाम हो गई हैं।
विज्ञापन


जिसे हम मान समझ रहे हैं, वह वास्तव में अपमान है। सच तो यह है कि हमारी और कोई औकात बची ही नहीं है। जिसे देखिए, वह हमें खरीदार के नजरिये से देखता है। किसी शायर ने शायद हमारे इस हश्र के बारे में पहले से कह रखा है, उठती है हर निगाह खरीदार की तरह। चुनाव के समय नेता भी अपने मतदाता को इसी तरह देखते हैं-यह भीड़ जाएगी कहां, वायदे पर बिकेगी, दारू या गिफ्ट पर बिकेगी, सड़क, बिजली-पानी या विकास पर बिकेगी, और कुछ नहीं, तो मान-अपमान के इमोशनल सेंटिमेंट्स पर बिकेगी। जाति और धर्म पर तो न जाने कब से बिक रही है यह भीड़।
विज्ञापन
विज्ञापन


खरीदने वाले हमें पिज्जा और बर्गर से खरीद रहे हैं, रबड़ी और कुल्फी से खरीद रहे हैं, राशन और भाषण से खरीद रहे हैं। आजादी के पहले भी देखने वाले हमें खरीदार की तरह देखते थे और बाजारवाद के इस दौर में भी। वह दिन कब आएगा, जब देखने वाले हमें इन्सान की तरह देखेंगे! हमें संवेदनशील नागरिक बनना था, पर हम बाजार की ताकत बनकर खुश हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed