{"_id":"66a059691f75b3de4a0d9556","slug":"union-budget-will-create-a-dynamic-and-inclusive-economic-environment-2024-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"अर्थशास्त्र: गतिशील और समावेशी आर्थिक वातावरण तैयार करेगा केंद्रीय बजट, नौजवानों के लिए रोजगार पर जोर","category":{"title":"Opinion","title_hn":"विचार","slug":"opinion"}}
अर्थशास्त्र: गतिशील और समावेशी आर्थिक वातावरण तैयार करेगा केंद्रीय बजट, नौजवानों के लिए रोजगार पर जोर
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
केंद्रीय बजट 2024-25
- फोटो :
अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
वित्त मंत्री ने अतीत में पेश किए बजटों में लगातार विकास और रोजगार सृजन के महत्व पर जोर दिया है। इस बार का बजट भी इन दोनों मोर्चों पर केंद्रित है। पहली बार नौकरी हासिल करने वाले को पहला वेतन सरकार सीधे उसके खाते में देगी। इससे करीब 2.10 करोड़ युवा लाभान्वित होंगे। इसमें नियोक्ता और कर्मचारी, दोनों को ही प्रोत्साहित करने पर ध्यान दिया गया है। ईपीएफओ का अंश देकर विनिर्माण क्षेत्र में औपचारिक रोजगार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसका 30 लाख युवाओं को फायदा होगा। दो वर्ष तक सभी औपचारिक क्षेत्रों के नियोक्ताओं को नए कर्मचारियों के ईपीएफओ में योगदान दिया जाएगा। इससे 50 लाख अतिरिक्त नौकरियां सृजित होंगी।
कामकाजी महिलाओं के समर्थन पर ध्यान देना भी महत्वपूर्ण है। कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल, क्रेच एवं उद्योगों के सहयोग से महिला विशिष्ट कार्यक्रमों के जरिये सरकार का उद्देश्य ज्यादा समावेशी कार्यबल तैयार करना है। एक हजार आईटीआई को अपग्रेड कर 20 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। एमएसएमई को वित्तीय, तकनीकी और विनियामक सहायता देने के लिए एक पैकेज पेश किया गया है।
विनिर्माण क्षेत्र में एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी की घोषणा की गई है। इससे एमएसएमई को बिना किसी जमानत या तीसरे पक्ष की गारंटी के प्लांट और मशीनरी में निवेश करने की अनुमति मिलेगी। सरकार 100 करोड़ रुपये तक के ऋण की गारंटी देगी। बुनियादी ढांचे में निवेश का अर्थव्यवस्था की मजबूती पर काफी प्रभाव पड़ता है। 11.11 लाख करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता के साथ सरकार का ध्यान शहरी विकास और कनेक्टिविटी पर है।
पूर्वी हिस्सों बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश को शामिल करते हुए पूर्वोदय योजना शुरू की गई है। कुल मिलाकर, बजट रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का समग्र दृष्टिकोण पेश करता है। कृषि, विनिर्माण, सेवाओं, बुनियादी ढांचे और नवाचार में प्रगति का लाभ उठाकर, सरकार का लक्ष्य एक गतिशील और समावेशी आर्थिक वातावरण तैयार करना है। (लेखक भारत में हुए जी-20 के शेरपा और नीति आयोग के पूर्व सीईओ रह चुके हैं।)