पर्यटन बढ़ाने के नुस्खे
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खबर यह है कि अपने यहां पर्यटकों की संख्या बहुत घट गई है। हालांकि हमने विकास में तेजी लाने के लिए एक नई सरकार बनाई है, इसलिए ऐसी बातें करना ठीक नहीं। पर पर्यटक घटने की बात सच है। दिल्ली में एयरपोर्ट के आसपास के किफायती होटल खाली बताए जा रहे हैं। पर्यटन व्यवसाय वाले इसके लिए 'लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं', टाइप के निगेटिव प्रचार को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। आमिर खान भी मददगार साबित नहीं हो रहे। ऐसे में गोवा के एक विधायक ने बढ़िया नुस्खा पेश किया है। उनका सुझाव है कि गोवा में एक पेड बिकिनी बीच बनना चाहिए। गोवा के नेताओं में ध्यान खींचू बयान देने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। पर इस बयान में दम है।
पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिशों में नए नुस्खे सामने आते रहते हैं। जैसे कारगिल युद्ध के बाद आइडिया आया कि कारगिल को युद्ध पर्यटन केंद्र बना दिया जाए, जहां गाइड टूरिस्टों को दिखाएं कि देखिए, यह है टाइगर हिल। यह है वह पहाड़ी, जहां हमारे जवानों ने कुर्बानियां दीं। इस पहाड़ी को कब्जे में लेनेवालों को वीर चक्र मिला था और इस पहाड़ी पर शहीद होनेवाले को परमवीर चक्र। ऐसा ही आइडिया चंबल के बीहड़ों को लेकर आया था कि पर्यटकों को बताया जाए कि यह डाकू मलखान सिंह का इलाका था और यह मोहर सिंह का, यह फूलन देवी का इलाका था, यह मानसिंह का। पता नहीं, इन नुस्खों ने काम किया या नहीं, पर पेड बिकिनी बीच का आइडिया जोरदार है।
अभी तक हम प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में पेड सीटों के बारे में सुनते आए थे। प्राइवेट अस्पतालों में पेड ओपीडी के बारे में सुनते आए थे। खुशी की बात है कि अब पेड बिकिनी बीच भी होगा। वैसे तो गोवा जाने वाले पर्यटक हमेशा बिकिनी जनित शक के दायरे में रहते हैं। पर पेड बिकिनी बीच का आइडिया शानदार है। इससे पर्यटकों की आमद भी बढ़ेगी और सरकार का राजस्व भी। जब हमें अमेरिका बनना ही है, तो क्यों न शुरुआत यहीं से की जाए। अब सिर्फ अतिथि देवो भवः से काम नहीं चलने वाला।