विज्ञापन
विज्ञापन

सिकुड़ते ग्लेशियरों की चिंता : 200 वर्षों में हमारे सभी ग्लेशियरों की स्थिति ऐसी ही होने की आशंका है

देविंदर शर्मा Updated Mon, 29 Jul 2019 03:37 AM IST
ग्लेशियर
ग्लेशियर - फोटो : a
ख़बर सुनें
iएक मृत ग्लेशियर के लिए एक गीत। आइसलैंड के वैज्ञानिक ठीक ऐसा ही कर रहे हैं। राइस विश्वविद्यालय और आइसलैंड के वैज्ञानिकों ने आगामी 18  अगस्त को उस पहले ग्लेशियर के लिए, जिसे ओके ग्लेशियर कहा जाता है, एक स्मारक बनाने की योजना बनाई है, जो पश्चिमी आइसलैंड में खो गया है।
विज्ञापन
स्मारक की पट्टिका पर यह मार्मिक संदेश है- ओके एक ग्लेशियर के रूप में अपनी पहचान खोने वाला आइसलैंड का पहला ग्लेशियर है। अगले दो सौ वर्षों में हमारे सभी ग्लेशियरों की स्थिति ऐसी ही होने की आशंका है। यह स्मारक इस बात की स्वीकारोक्ति है कि हम जानते हैं कि क्या हो रहा है और क्या किए जाने की जरूरत है। 

आइसलैंड का ओके भले ही गायब होने वाला पहला ग्लेशियर है, लेकिन निश्चित रूप से यह आखिरी नहीं होगा। तीस वर्ष बाद 2050 में इस संदेश को पढ़ने वाले अनेक लोग ग्लेशियरों के गायब होने के लिए मौजूदा पीढ़ी को शाप देंगे। वे निश्चित रूप से जानेंगे कि हमने क्या गलत किया।

मुझे लगता है कि हमारे मृत होते ग्लेशियरों के लिए भी स्मारक बनाना एक उत्कृष्ट विचार है। लेकिन अगर ऐसा होता है, तो अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, नेपाल, भूटान और चीन तक फैली हिमालय पर्वत शृंखला स्मारकों से पट जाएगी। पानी की मीनार माना जाने वाला हिमालय पृथ्वी के ताजा पानी का करीब चालीस फीसदी हिस्सा वहन करता है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम का अनुमान है कि 50 हजार से ज्यादा ग्लेशियर तेजी से सिकुड़ रहे हैं। जिस गति से ये ग्लेशियर गायब हो रहे हैं, वह ऊंची पर्वत शृंखला के दोनों ओर रहने वाले लगभग 1.3 अरब लोगों के लिए विनाशकारी साबित होगा।
विज्ञापन
आगे पढ़ें

विज्ञापन

Recommended

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019
Astrology Services

महालक्ष्मी मंदिर, मुंबई में कराएं दिवाली लक्ष्मी पूजा : 27-अक्टूबर-2019

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Opinion

गरीबी उन्मूलन का प्रयोगधर्मी नजरिया

भले ही आप बनर्जी, डुफ्लो और क्रेमर के नुस्खे से सहमत हों या नहीं, उन्हें नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा ने दिखाया है कि कैसे गरीबों के सामने आने वाली चुनौतियों को हल किया जाए, जिनमें से लाखों लोग इस देश में रहते हैं।

15 अक्टूबर 2019

विज्ञापन

मध्य-प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने कैलाश विजयवर्गीय और हेमा मालिनी पर दिया बेतुका बयान

मध्य-प्रदेश सरकार में मंत्री पीसी शर्मा ने सड़कों के बहाने कैलाश विजयवर्गीय और भाजपा सांसद हेमा मालिनी को लेकर बेतुका बयान दिया है।

15 अक्टूबर 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree