एक भाई का कत्ल
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रोप का एक छोटा सा, मगर खूबसूरत देश तुर्की। काला सागर और भूमध्य सागर के बीच बसे प्राचीन अनातोलिया का हिस्सा रहे इस देश की सबसे बड़ी त्रासदी यही रही है कि इसकी जड़ें तो एशियाई महाद्वीप में गहरे तक धंसी हुई हैं, मगर इसकी शाखाएं भूमध्य सागर के उस पार तक यूरोप में फल-फूल रही हैं। यही वजह है कि इस देश में यूरोपीय स्वच्छंदता भले ही हो, मगर उनमें एशियाई संस्कृति की चमक कहीं भी फीकी नहीं पड़ी है। एक समय डगमगाती अर्थव्यवस्था की वजह से इसे अक्सर चुटकी लेने के अंदाज में यूरोप का बीमार देश कहा जाता था। मगर, ऐतिहासिक विरासत को संजोए रखने वाले इस देश ने अपनी लड़खड़ाहट को हावी नहीं होने दिया और यूरोपीय मानकों के मुताबिक कदम-दर-कदम चलते हुए अक्सर लड़खड़ाने के बावजूद अपने पांव मजबूती से विश्व बाजार में टिकाए रखे।
मुस्लिम देशों के परंपरागत समाजों के विपरीत कमाल पाशा के नेतृत्व में इस देश ने अपने लिए आधुनिकता के सारे दरवाजे खोल लिए थे। जिस वजह से आज इसके प्राचीन शहर इस्तांबुल में तुर्की सभ्यता और संस्कृति में आधुनिकता और परंपरा का खूबसूरत मेल नजर आता है।
इस्तांबुल को पुराने जमाने में कंस्तुनतुनिया भी कहा जाता था। आज यहां आधुनिक स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, फ्लाईओवर, शॉपिंग मॉल जैसे विकास के तमाम ढांचे नजर आते हैं। हालांकि, इसी विकास के अपशिष्ट के तौर पर जुआखोरी, शराब के अड्डे, वेश्यालय, मादक पदार्थों की तस्करी जैसे तमाम अपराध भी फल-फूल रहे हैं। शायद वैश्विक विकास की यह एक कड़वी सच्चाई भी है। जो ऐसे शहरों की अंधेरी और तंग गलियों में पनपती ही हैं। तुर्की के बेहद लोकप्रिय युवा लेखक बारिश एम. का उपन्यास ‘एक भाई का कत्ल’ ऐसे ही विकास की आड़ में बजबजाते अपराध की पृष्ठभूमि पर रचा गया शानदार कथानक है, जो मूलरूप में ‘द ब्रदर्स ब्लड’ के नाम से प्रकाशित हुआ था। इसका बेहतरीन अनुवाद शुचिता मीतल ने किया है।
बारिश के अपने पिछले उपन्यासों ‘द कॉवर्ड एंड द बीस्ट’, ‘मर्देरांस सीक्रेट्स’ की ही तरह इस किताब में भी पल-पल बदलने वाली घटनाएं और रोचक मोड़ हैं। सनसनीखेज और रोमांचक बन पडे़ इस उपन्यास के तकरीबन हर पन्ने खून के छींटों से रंगे पडे़ हैं, जो अपराध की दहशतगर्द दुनिया के कड़वे सच को उजागर करते हैं। कथानक के जरिये लावारिस बच्चों को अपराधी बनाने की ट्रेनिंग देने वाले गिरोह के खतरनाक मंसूबों को सामने लाया गया है।
ऑटोमन और बैजंटाइन साम्राज्य के खंडहरों पर बसे नए तुर्की के इस शहर के कथानक के लिए अखबारों और चैनलों की कुछ रिपोर्ट्स को भी आधार बनाया गया है, जो इसकी विश्वसनीयता को और बढ़ाते ही हैं। हालांकि, उपन्यासों में इस तरह के संदर्भ देने का चलन कम ही है। फिर भी उपन्यासकार बारिश की यह कोशिश इसकी पठनीयता को और बढ़ाती ही है। इसकी रोचकता और प्रवाह में कहीं कोई कमी नहीं आई है। इस थ्रिलर उपन्यास के जरिये आधुनिक तुर्की की बेहिसाब विसंगतियों पर भी रोशनी डाली गई है, जो इंसानी सभ्यता के विकास पर सवाल खडे़ करती है।