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इतिहास का सबसे बड़ा अमीर: गोल्डन किंग सुल्तान मूसा जैसा कोई नहीं… संपत्ति का अनुमान लगाना असंभव

Sun, 01 Dec 2024 06:25 AM IST
Anshuman Tiwari अंशुमान तिवारी
Updated Sun, 01 Dec 2024 06:25 AM IST
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सार
शेयर बाजार को बिसूरने वाले कहते हैं कि मौजूदा अमीरों की सूची नकली है, जो उन शेयरों की काल्पनिक कीमत के आधार पर तय होती है, जिनकी बिक्री कभी नहीं होगी। तो फिर सवाल यह कि असली धनवान कौन हुआ? क्या था कोई असली अमीर दुनिया में? यकीनन था दुनिया में एक ऐसा महाधनवान, जिसके बराबर समृद्ध किसी भी कालखंड में कोई दूसरा नहीं हुआ।
 
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Sultan Musa Egypt Economy prosperity and current Rich people list having Bernard Arnault on top
सुल्तान मूसा जैसा कोई नहीं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दुनिया के अमीरों की सूची में खलबली मची ही रहती है। जैसे, 2024 की सूची में मशहूर लग्जरी ब्रांड लुइ वितों के मालिक बर्नार्ड अर्नाल्ट पहले नंबर पर आ गए। एलन मस्क दूसरे नंबर पर हैं, क्योंकि उनके स्टॉक की कीमत में उतार-चढ़ाव हो रहा है। इधर, अक्तूबर की भारतीय फेहरिस्त में मुकेश अंबानी पहले नंबर पर आ गए और गौतम अदाणी दूसरे पर। ध्यान दीजिए कि यह अमीरी शेयर बाजार के सूचकांक के साथ घटती-बढ़ती रहती है। शेयर बाजार को बिसूरने वाले कहते हैं कि यह रिच लिस्ट नकली है, जो उन शेयरों की काल्पनिक कीमत के आधार पर तय होती है, जिनकी बिक्री कभी नहीं होगी। तो फिर सवाल यह कि असली धनवान कौन हुआ? क्या था कोई असली अमीर दुनिया में? यकीनन था दुनिया में एक ऐसा महाधनवान, जिसके बराबर समृद्ध इतिहास के किसी भी कालखंड में कोई दूसरा नहीं हुआ। इस शख्स की संपत्ति के स्तर तक पहुंचना असंभव है। हैरत यह कि जिस अमीर से हम मिलेंगे, वह दुनिया के सबसे गरीब इलाके से आता था।


ताजा इतिहास के सबसे धनवान
आइए टाइम मशीन में, आपको मिलवाते हैं ताजा इतिहास के सबसे बड़े धनवान से...हम 14वीं सदी के अफ्रीका की तरफ उड़ान भर रहे हैं। यात्रा जरा लंबी है, तो आइए कुछ पहेलियां बुझाते हैं। क्या कोई राजा या सुल्तान अपनी एक तीर्थयात्रा से किसी अर्थव्यवस्था को ध्वस्त कर सकता है? क्या उसकी खैरात बडे़-बडे़ देशों के बाजारों के धुर्रे उड़ा सकती है? हम जानते हैं कि आपकी उत्सुकता अंतरिक्ष को छू रही है, इधर हमारी टाइम मशीन पश्चिम अफ्रीका की जमीन पर उतरने वाली है। यह चौदहवीं सदी है। हम टिंबकटू आ गए हैं।


यह माली सल्तनत की राजधानी है। 21वीं सदी के नक्शे में यह सल्तनत माली, सेनेगल, गांबिया, नाइजर, नाइजीरिया, चाड, मॉरीटीनिया और बर्किना फासो देशों में बिखर जाएगी, मगर आज तो यह दुनिया का सबसे रोमांचक इलाका है। टिंबकटू में किसी से पूछ लीजिए, वह आपको तत्काल बता देगा कि माली के सुल्तान अबू बकर द्वितीय एक समुद्री यात्रा पर गए, तो फिर लौटे नहीं। उनकी जगह अब तख्त पर बैठे हैं, सुल्तान मेंसा मूसा। इन्हीं से मिलने हम 700 साल पीछे आए हैं। यह चौदहवीं सदी का चौथा दशक है। टिंबकटू आपको अपनी समृद्धि से चौंका रहा होगा।

मेंसा मूसा ने 1312 में माली की सल्तनत संभाली। माली अतीत से ही समृद्ध था। पुराने अफ्रीका के सबसे बडे़ सोना भंडार इसकी जमीन के नीचे थे। इसी सोने का लालच पुर्तगाली, डच और ब्रिटिश को यहां खींच लाया, मगर वह सौ साल आगे की बात है। मेंसा मूसा को जमीन के नीचे भरपूर सोना मिला था, ऊपर मिले नमक के पहाड़ और हाथी दांत। पूरी दुनिया को इसी की जरूरत है। मूसा ने कारोबार को बढ़ावा दिया। व्यापार के नए केंद्र बनवाए, रास्ते खोले और माली रियासत अब गिनी व आइवरी कोस्ट तक फैल गई है। मेंसा ने करीब 24 शहर जीते, जिनमें टिंबकटू भी है। मेंसा मूसा की सुल्तानी में माली की सल्तनत अफ्रीका की सबसे समृद्ध रियासत और टिंबकटू सबसे भव्य शहर बन गया। तैयार हो जाइए एक दशक और पीछे चलने के लिए। टाइम मशीन अब ऊंटों के साथ चलेगी। हम 1324 में हैं, मूसा को राज करते हुए करीब 17 साल हो चुके हैं। माली सबसे अमीर रियासत है, पर दुनिया में इसकी खास पहचान नहीं है। सुल्तान मेंसा मूसा माली को मशहूर करना चाहते हैं।

पता चला है कि सुल्तान मेंसा मूसा ने हज यात्रा पर मक्का जाने का फैसला किया है। सफर बड़ा कठिन होने वाला है, इसलिए अनोखी तैयारी की गई है। मक्का के लिए सुल्तान के कारवां में 60,000 लोग शामिल हैं। एक पूरा शहर मूसा के साथ यात्रा पर निकला है। लाव-लश्कर में पूरा दरबार, सिपाही, मनोरंजन करने वाले, व्यापारी, ऊंट चलाने वाले और 12,000 गुलाम हैं। भोजन के लिए बकरी और भेड़ों का एक पूरा रेवड़ साथ चल रहा है। हम 21वीं सदी से आए हैं, तो समझ सकते हैं कि यह यात्रा कितना बड़ा आयोजन है। इस यात्रा के चर्चे हर तरफ हैं। इसमें गुलामों से दरबारी तक सोने की कढ़ाई से सजे पर्शियन सिल्क के कपडे़ पहने हैं। सौ ऊंटों का काफिला भी साथ में है, जिन पर सोना लदा है।

कारवां के साथ हमारी टाइम मशीन मिस्र के काहिरा में प्रवेश कर रही है। मेंसा मूसा काहिरा पहुंचे, तो पूरा शहर सकते में आ गया। मूसा सोने से बाजार में खरीदारी और खैरात बांटने का, दोनों काम कर रहे हैं। उन्होंने इतना सोना बांटा कि पश्चिम एशिया-अफ्रीका की अर्थव्यवस्था ही बैठ गई है। वह अपनी तारीफ में गीत लिखने वालों पर इस तरह सोना लुटा रहे हैं कि अरब के लोग हैरत में हैं। इस वजह से अफ्रीका के पूर्वी बाजारों में सोने की कीमत इस कदर टूटी कि अगले दस साल बढ़ नहीं पाएगी।

टाइम मशीन पर आपकी सीट पॉकेट में अमेरिकी कंपनी स्मार्ट असेट डॉट कॉम का आकलन रखा है। इसे पढ़िए, तो पता लगेगा कि मूसा के हज से इस इलाके में सोने की ऐसी भरमार हुई कि पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्था को करीब 1.5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। सोना लुटाते और लोकप्रियता जुटाते मूसा ने हज यात्रा पूरी कर ली है। अब वापसी की तैयारी है। मूसा को पता चल गया है कि उनके सोने ने मिस्र और पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्था ध्वस्त कर दी है। वापसी में मूसा ने काहिरा में ही पड़ाव डाला है, ताकि डूबी अर्थव्यवस्था को उबारा जा सके। बाजारों में खबर है कि सुल्तान मूसा मिस्र के कारोबारियों को यह सुविधा दे रहे हैं कि वह सोना उधार के तौर पर माली रियासत को दे दें, ताकि बाजार में मांग और आपूर्ति का संतुलन बन सके।

माली रियासत के किस्से यूरोप से एशिया तक फैलने लगे हैं। मूसा का कारवां टिंबकटू लौट रहा है। 1337 में 57 साल की उम्र में मेंसा मूसा फानी दुनिया से रुखसत हो चुके हैं, मगर उन्होंने टिंबकटू को अफ्रीका का एल डोराडो (सोने की नगरी) बनाने की तैयारी कर ली थी। मक्का से लौटते हुए मेंसा मूसा अपने साथ विद्वानों, कवियों और कलाकारों को लाए, जिन्हें मोटी पगार दी गई। इनमें एक वास्तुशास्त्री अबू हक साहेली भी था, जिसने टिंबकटू की मशहूर देजिनजरबर मस्जिद बनाई है। मूसा ने टिंबकटू में स्कूल और कला केंद्र स्थापित किए। साहित्य रचना और शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। टिंबकटू शिक्षा का बड़ा केंद्र बन गया, जहां दूर-दूर से लोग पढ़ने के लिए आते थे।

चौदहवीं सदी समाप्ति की ओर है। मूसा के वारिस साम्राज्य संभाल नहीं सके। माली की रियासत ढह गई है। सूबों ने आजादी हासिल कर ली। अलबत्ता अब तक मेंसा मूसा और उनका माली दुनिया के नक्शे पर उभर आया है। 1375 के रोमन के कैटलन एटलस में एक अफ्रीकी सुल्तान को दिखाया गया, जो टिंबकटू में सोने के सिंहासन पर बैठा है। उसके हाथ में सोने का टुकड़ा है। यह मेंसा मूसा हैं, दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति। यूरोप को अफ्रीकी सोने की खबर लग गई है। और वह देखिए, पुर्तगाली नाविक जिल एंस ने अटलांटिक महासागर के खतरनाक अबू खत्तर इलाके को पार कर पश्चिम अफ्रीका के तट पर लंगर डाल दिया है। टाइम मशीन वापसी यात्रा पर है, हम पुराने माली और आज के पश्चिम अफ्रीका के ऊपर उड़ रहे हैं।

यहां से आज भी सोना निकल रहा है, अलबत्ता इस सवाल का जवाब आज भी नहीं मिला है कि मेंसा मूसा कितने अमीर थे। अफ्रीकी और यूरोपीय इतिहासकार कहते हैं कि मूसा की संपत्ति का अनुमान लगाना असंभव है। अमीरों की सूची में रोमन किंग ऑगस्टस सीजर, मुगल बादशाह अकबर, शेंजांग चीन के सम्राट झाओ झू को शामिल किया जाता है, मगर यह सब मेंसा मूसा के सामने कहीं नहीं ठहरते। मेंसा मूसा गोल्डन किंग थे, उनके जैसा कोई नहीं हुआ। फिर मिलते हैं, अगले सफर पर...
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