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जनता की उम्मीदों का प्रदेश, जहां विविधता दिखाई देती है

Thu, 19 Sep 2019 05:09 AM IST
योगी आदित्यनाथ योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ Published by: योगी आदित्यनाथ Updated Thu, 19 Sep 2019 05:09 AM IST
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State of public expectations
हाई-वे - फोटो : a

उत्तर प्रदेश विशाल आबादी का प्रदेश है। पूरे भारत में जो सांस्कृतिक, सामाजिक और भौगोलिक विविधता दिखाई देती है, उत्तर प्रदेश उसी का प्रतिरूप है। प्रदेश में बेहतर सरकार देना, खुद में एक चुनौती रही है। प्रदेश की पूर्व जातिवादी सरकारों के परिप्रेक्ष्य में, स्वार्थ-केंद्रित राजनीति को परमार्थ की दिशा में मोड़ना एक दुरूह कार्य था। लेकिन, जनसेवक के रूप में, बीते तीस महीने के कार्यकाल का जब मैं आत्म-अवलोकन करता हूं, तो संतोष का अनुभव होता है। आम आदमी की उम्मीदों का प्रदेश बनाने की ओर हमारी सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। पटरी से उतरी प्रदेश की व्यवस्था दोबारा पटरी पर आ गई है। विकास तेजी से कदम बढ़ा रहा है। जनता के बीच अरसे बाद यह संदेश गया कि पारदर्शी व्यवस्था क्या होती है, जाति, मत-मजहब से परे रहकर प्रदेश के विकास की नींव मजबूती के साथ रखी जा चुकी है।


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19 मार्च, 2017 को प्रदेश में जनोन्मुखी सरकार ने काम संभाला था। यह कांटों का ताज था। लोकतांत्रिक व्यवस्था के आवरण में निरंकुश परिवारवाद की राजशाही से जनता त्रस्त थी। जगजाहिर है कि 2003 से 2017 तक प्रदेश, विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह कट चुका था। जनता बार-बार व्यवस्था बदल रही थी, लेकिन हर व्यवस्था अंततः उसके लिए छलना साबित हो रही थी। 2014 में देश की बागडोर जब नरेंद्र मोदी ने संभाली, तो प्रदेश की जनता का ध्यान विकल्प के रूप में भाजपा की तरफ गया और उसने अपना एकतरफा विश्वास व्यक्त करते हुए तीन चौथाई से अधिक प्रचंड बहुमत का समर्थन दिया। सिर्फ ढाई साल पूरे होने पर ही यह कहा जा सकता है कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को उत्तर प्रदेश सरकार से जो अपेक्षाएं थी, उन पर प्रदेश सरकार खरी उतरी है। इसका प्रमाण जनता ने लोकसभा में दे दिया है, जातिवादी जुमलों और भ्रष्टाचार-कदाचार को सरकार का पर्याय बना देने वाले राजनीतिक दल औंधे मुंह गिर गए। जनता ने अंततः सुशासन और विकास को ही वरीयता दी।

सरकार ने अराजकता को खत्म कर अपराधमुक्त, अन्यायमुक्त वातावरण बनाने के लिए कानून-व्यवस्था पर जीरो टॉलरेन्स की नीति अपनाई। नतीजा, कानून का राज स्थापित हुआ। परंपरागत पुलिस के श्रेष्ठ तत्वों को कायम रखते हुए तकनीक के साथ प्रदेश पुलिस को पारदर्शी, भ्रष्टाचारमुक्त एवं जनसुलभ बनाया। आज सोशल मीडिया पर जनशिकायतों का त्वरित निस्तारण करते हुए ऐप के माध्यम से समस्त नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रयागराज कुंभ-2019 के कुशल आयोजन ने विश्व स्तर पर सरकार एवं पुलिस की साख को बढ़ाया है।

कानून-व्यवस्था का सीधा रिश्ता औद्योगिक निवेश से होता है। वर्षों की बदतर कानून व्यवस्था के चलते प्रदेश में उद्योग अंतिम सांसें गिन रहे थे। भाजपा सरकार बनी, तो निवेशकों का ध्यान वर्षों बाद उत्तर प्रदेश पर गया। इन्वेस्टर्स समिट में देश के सभी बड़े औद्योगिक घरानों ने न केवल रुचि दिखाई, बल्कि 4.68 लाख करोड़ रुपये के निवेश के प्रस्ताव भी हस्ताक्षरित किए। सरकार की योजना 25 लाख नौजवानों को पांच साल में आर्थिक स्वावलंबन और रोजगार से जोड़ने की है।

दुनिया की सबसे उर्वरा भूमि एवं जल संसाधन की दृष्टि से धनी उत्तर प्रदेश में कृषि निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार ने सत्ता संभालते ही लघु व सीमांत किसानों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफ कर दिए, जिससे ऋण के मकड़जाल में फंसे किसानों ने राहत की सांस ली। प्रधानमंत्री के किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने के लक्ष्य के लिए कृषि क्षेत्र को वरीयता प्रदान की गई। प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ, जब दैवीय आपदा प्रभावित किसानों को 24 से 48 घंटे के अंदर क्षति की भरपाई उनके बैंक खाते में सीधे राशि स्थानांतरित कर की गई। ढाई वर्षों में रिकॉर्ड गन्ना का उत्पादन हुआ, गन्ना किसानों को 73 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भी भुगतान किया गया। वर्तमान सरकार ने पहले ही वर्ष खरीद को बिचौलियों से मुक्त कराते हुए चार गुना अधिक गेहूं खरीद कर तीन दिन में सीधे किसान के बैंक खाते में पैसा स्थानांतरित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लागू होते ही चिह्नित किसानों को तत्काल लाभ दिया गया।

पिछली सरकार ने द्वेषवश केंद्र सरकार की आम जनता के लिए बेहद लाभपरक योजना, शौचालय निर्माण व प्रधानमंत्री आवास को महत्व नहीं दिया। लेकिन, वर्तमान सरकार ने 2.60 करोड़ से अधिक शौचालय बनाकर प्रदेश को ओडीएफ घोषित करा एक कीर्तिमान बना दिया। आधारभूत संरचनाओं के विकास की दृष्टि से सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे से पूरे प्रदेश को जोड़ने का काम कर रही है। सरकार इंटर स्टेट कनेक्टिवेटी को फोर लेन करने, हर जिला मुख्यालय को फोर लेन, तहसील एवं विकास खंड मुख्यालयों को टू-लेन की कनेक्टिविटी से जोड़ने तथा ग्रामीण सड़कों के सुदृढ़ीकरण की व्यापक कार्य योजना पर कार्य कर रही है।

आम जनता के जीवन को आसान बनाने के लिए कन्या सुमंगला, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह, किसान एवं सर्वहित बीमा योजना, युवा स्वरोजगार योजना, व्यापारी दुर्घटना बीमा, सुपोषण घर, पर्यटन संवर्द्धन, हेल्प लाइन, मुख्यमंत्री गौ संवर्धन सरीखी तमाम योजनाओं को धरातल पर लाया गया। ई-पास मशीनों के माध्यम से 15 करोड़ यूनिट अनाज वितरण से राशन दुकानों के भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया गया।

पर्यावरण के दृष्टिकोण से जल संरक्षण पर काफी काम किए गए। विलुप्त नदियों को पुनर्जीवित करने की दिशा में, पीलीभीत में गोमती, गोरखपुर में आमी, चित्रकूट की मंदाकिनी, ललितपुर की औडी, आजमगढ़ की तमसा, उन्नाव की सई, बस्ती की मनोरमा, वाराणसी की वरुणा, सहारनपुर की पांवधोई नदियों को या तो पुनर्जीवित किया गया अथवा किया जा रहा है। प्रदेश में भी जल शक्ति मंत्रालय अस्तित्व में आ गया है, इस मंत्रालय में सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभागों को समेकित कर बेहतर सिंचाई एवं पेयजल की सुविधाएं मुहैया हों, इसके लिए भी प्रदेश सरकार नई सोच और नई ऊर्जा के साथ कार्य कर रही है। सारी कामयाबियों का श्रेय जनता-जनार्दन के विश्वास को है। उन्होंने ही चुनौतियों से जूझने की शक्ति दी, सामर्थ्य दिया, प्रेरणा दी। यह विश्वास कायम रहे, यह सरकार आपकी है, आपकी सेवा में जुटी रहेगी। भरोसा दिलाते हैं कि आपकी उम्मीदों का प्रदेश बनाकर रहेंगे।

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