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आकाशगंगा: 100 अरब साल बाद खत्म हो जाएगी पृथ्वी, ब्रह्मांड के आखिरी शब्द क्या होंगे?
Sun, 08 Sep 2024 04:51 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
डेनिस ओवरबाय, विज्ञान लेखक एवं पत्रकार
डेनिस ओवरबाय, विज्ञान लेखक एवं पत्रकार
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sun, 08 Sep 2024 04:51 AM IST
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आकाशगंगा
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अमर उजाला
विस्तार
अंतरिक्ष विज्ञानी कहते हैं कि सौ अरब साल बाद पृथ्वी खत्म हो जाएगी। लेकिन भविष्य के उस आखिरी दिन, उस अंतिम व्यक्ति के दिमाग में आने वाला आखिरी विचार क्या होगा? क्या वह अंतिम विचार ज्ञान का गहन मोती होगा?
अंतरिक्ष विज्ञानियों का मानना है कि 100 अरब साल बाद पृथ्वी का अंत हो जाएगा। तो क्या अभी से घबराना जल्दबाजी होगी? बर्नार्ड कॉलेज की ब्रह्मांड विज्ञानी जन्ना लेविन ने जोनाथन हैल्परिन और ड्रू ताकाहाशी द्वारा निर्देशित नई नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंटरी ए ट्रिप टू इनफिनिटी (अनंत की एक यात्रा) के अंत में घोषणा की, 'मात्र एक अंतिम संवेदनशील प्राणी होगा, मात्र एक अंतिम विचार होगा।'
जब मैंने हाल ही में फिल्म प्रदर्शन के दौरान यह कथन सुना, तो मेरा दिल बैठ गया। यह सबसे दुखद, नितांत एकाकी विचार था। मुझे लगा कि हम भौतिकी और ब्रह्मांड के बारे में जो जानते हैं, यदि वह सच है, तो जीवन और बुद्धिमत्ता बर्बाद हो जाएगी। यह एक ऐसा पहलू था, जिसके बारे में मैंने पहले कभी नहीं सोचा था। भविष्य में किसी समय ब्रह्मांड में कहीं न कहीं एक आखिरी संवेदनशील प्राणी होगा और एक आखिरी विचार। और वह आखिरी शब्द, चाहे कितना भी गहन या दुनियावी क्यों न हो, आइंस्टीन और एल्विस, जीसस, बुद्ध, एरीथा और ईव की यादों के साथ मौन में विलीन हो जाएगा, जबकि भौतिक ब्रह्मांड के शेष हिस्से खरबों वर्षों तक एकाकी, मौन चलते रहेंगे। क्या वह अंतिम विचार ज्ञान का गहन मोती होगा? आखिर हम मनुष्य इस मुसीबत में फंस कैसे गए?
जैसा कि हम जानते हैं, ब्रह्मांड की उत्पत्ति 13.8 अरब साल पहले एक भयंकर विस्फोट (बिग बैंग) से हुई थी और तब से यह विस्तृत हो रहा है। खगोलविदों ने दशकों तक बहस की कि क्या यह हमेशा के लिए विस्तृत होता रहेगा या किसी दिन फिर से 'बड़ी दरार' में खत्म हो जाएगा। वर्ष 1998 में यह सब कुछ बदल गया, जब खगोलविदों ने पाया कि ब्रह्मांड का विस्तार तेजी से हो रहा है, जो अंतरिक्ष-समय (दिक्-काल) के ढांचे का हिस्सा बने गुरुत्वाकर्षण-विरोधी बल द्वारा बढ़ाया जा रहा है। ब्रह्मांड जितना बड़ा होता जाता है, यह 'डार्क एनर्जी' उसे उतनी ही जोर से अलग करती है। अगर यह डार्क एनर्जी प्रबल होती है, तो अंत में दूर की आकाशगंगाएं इतनी तेजी से दूर चली जाएंगी कि हम उन्हें नहीं देख पाएंगे। समय जितना बीतता जाएगा, ब्रह्मांड के बारे में हमारी जानकारी उतनी ही कम होती जाएगी। तारे मर जाएंगे और उनका पुनर्जन्म नहीं होगा।
इससे भी बुरी बात यह है कि चूंकि सोचने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, ब्रह्मांड में विचार के लिए पर्याप्त ऊर्जा नहीं होगी। अंत में केवल उप-परमाणु के कण ही होंगे, जो एक-दूसरे से दूर कई आकाशगंगाओं के बीच मौन अंधेरे में नाचते रहेंगे, ब्रह्मांड में प्रकाश या जीवन होने के खरबों वर्ष बाद। और फिर, अनगिनत खरबों युग बीत जाएंगे, जब वर्षों को गिनने का कोई तरीका नहीं रह जाएगा। ऐसे में हम अपनी तुच्छता पर न खीजें, यह मुश्किल है। जैसा कि हम जानते हैं कि ब्रह्मांड अब 14 अरब साल पुराना है, जो लंबा समय प्रतीत होता है, लेकिन यह आने वाले खरबों वर्षों के अंधकार का एक छोटा-सा हिस्सा है। यानी हमारे ब्रह्मांड में जो भी दिलचस्प चीजें घटित हुईं, वे सब एक क्षणिक चमक में घटित हुईं। एक आशाजनक शुरुआत, और फिर एक अनंत खाई। आप कह सकते हैं कि ब्रह्मांड के भविष्य का निर्धारण करना अभी बहुत जल्दी है।
भौतिकी में नई खोजें रास्ता प्रदान कर सकती हैं। हो सकता है कि डार्क एनर्जी स्थिर न हो; और ब्रह्मांड को फिर से संकुचित कर दे। लेकिन फिलहाल का ज्ञान तो यही कहता है कि अंतरिक्ष में भागने का कोई रास्ता नहीं है। आकाशगंगाएं खुद ब्लैक होल में समा जाएंगी। और अंततः ब्लैक होल उन सभी कणों और विकिरणों को छोड़ देंगे, जिन्हें उसने कणों और विकिरणों की एक पतली फुहार के रूप में कैद कर रखा है, और जो डार्क एनर्जी की तेज हवा में बिखर जाएंगे। जैसे कि बिग बैंग की प्रचंड ज्वाला से उभरने वाला पहला जीवित प्राणी कहीं न कहीं, कभी न कभी था, वैसे ही मरने वाला एक आखिरी प्राणी, एक आखिरी विचार होगा। एक आखिरी संवेदनशील प्राणी, जैसा कि डॉ. लेविन ने बताया। इस विचार ने मुझे रोक दिया। मेरे मन में कभी यह विचार नहीं आया था कि किसी व्यक्ति के पास अस्तित्व पर अंतिम शब्द होगा, शाप देने या आभारी होने का अंतिम मौका।
दुखद है कि कोई नहीं जान पाएगा कि किसने अंतिम शब्द कहा, या क्या सोचा या कहा। मुझे आश्चर्य हुआ कि यह कैसा होगा! संभवतः जैसे-जैसे सारी ऊर्जा क्षितिज के पार चली जाएगी, यह नींद में डूबने जैसा हो। या आइजैक असिमोव की क्लासिक कहानी द लास्ट क्वेश्चन में समय के अंत में कंप्यूटर अंततः ब्रह्मांड के रहस्य का पता लगाता है और घोषणा करता है, 'प्रकाश हो।' क्या यह स्ट्रिंग थ्योरी की प्रकृति के बारे में कोई ज्वलंत एहसास हो सकता है या ब्लैक होल के बारे में अंतिम रहस्य? मैं इसे खोना नहीं चाहता। मैं सोचना चाहता हूं कि मेरा अंतिम विचार प्रेम, कृतज्ञता, विस्मय या किसी प्रियजन के चेहरे के बारे में होगा, लेकिन मुझे चिंता है कि यह व्यर्थ ही होगा। समझदार लोग कह सकते हैं, जब मैं इस बारे में बात करता हूं, तो उन अरबों वर्षों के बारे में क्यों नहीं रोता, जो मेरे जन्म से पहले गुजर गए? शायद इसलिए, क्योंकि मुझे नहीं पता था कि मैं क्या खो रहा हूं, अब मेरे पास यह कल्पना करने के लिए पूरा जीवन है कि मैं क्या खोऊंगा।
अगर यह आपको चिंतित करता है, तो आइंस्टीन के समीकरणों से सीधे एक उत्साहजनक रूपक है: जब आप ब्लैक होल के अंदर होते हैं, तो बाहरी ब्रह्मांड से प्रकाश आता है, जो गति पकड़ता हुआ प्रतीत होता है, जबकि आप जमे हुए प्रतीत होते हैं। सिद्धांत रूप में, आप आकाशगंगा के पूरे भविष्य के इतिहास या यहां तक कि पूरे ब्रह्मांड को अपने पास से गुजरते हुए देख सकते हैं, जब आप केंद्र की ओर गिरते हैं। वह विलक्षणता, जहां स्थान और समय रुक जाते हैं, और आप मर जाते हैं। शायद मृत्यु भी ऐसी ही हो सकती है, समस्त अतीत और भविष्य का रहस्योद्घाटन करती हुई। एक तरह से, जब हम मरते हैं, तो भविष्य भी मर जाता है।
अधिकांश भौतिकविद और खगोलविद कहते हैं कि यह विचार राहत देने वाला है। भविष्य की मृत्यु उन्हें वर्तमान के जादू पर ध्यान केंद्रित करने के लिए स्वतंत्र करती है। प्रिंसटन के दिवंगत महान खगोल भौतिक विज्ञानी, दार्शनिक और ब्लैक होल प्रचारक जॉन आर्चीबाल्ड व्हीलर कहा करते थे कि अतीत और भविष्य काल्पनिक हैं, तथा वे केवल वर्तमान की कलाकृतियों और कल्पनाओं में ही हैं। इस दृष्टिकोण के अनुसार, ब्रह्मांड का अंत मुझ पर ही होता है, और इसलिए अंतिम निर्णय मेरा ही होगा। 'कुछ भी हमेशा के लिए नहीं रहता' यह कहावत शेयर बाजार और सितारों के साथ-साथ हमारे जीवन और बौद्ध रेत चित्रों पर भी लागू होती है। अनंत काल की एक झलक पूरे जीवनकाल को रोशन कर सकती है, शायद मेरे जीवन को भी। चाहे आने वाले अनंत युगों में कुछ भी हो, कम से कम हम यहां अनंत काल के उस क्षणिक चमकते हुए क्षण के लिए मौजूद थे, जब ब्रह्मांड जीवन और प्रकाश से भरा हुआ था। मेरी आकाशगंगा हमेशा मेरे पास रहेगी।