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खाना खा और मस्त रह

Mon, 02 Sep 2013 07:50 PM IST
शरद उपाध्याय
शरद उपाध्याय Updated Mon, 02 Sep 2013 07:50 PM IST
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satire on food security

प्यारे मतदाता, आजकल तुम्हारे बहुत ही मजे चल रहे हैं। घूरे के भी ऐसे दिन फिरेंगे, मैंने नहीं सोचा था। पर इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं। भई तुम्हारे ही पुण्य काम आ रहे हैं। प्राचीनकाल से ही यह उक्ति बहुत प्रसिद्ध है कि दान से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। तुमने एक ‘मत’ का क्या दान किया, तुम्हारी फटी झोली पूरी तरह से भर गई।

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हे सुदामारूपी मतदाता, कृष्णरूपी सरकार ने तुम्हारी पोटली में एक मुट्ठी चिवड़ारूपी ‘मत’ देखकर तुम्हारी किस्मत ही बदल दी। अब तो तुम्हारा स्वरूप ही नहीं पहचान आता। बरसों पूर्व रोजी-रोटी के लिए अगाध परिश्रम से जो तुम्हारा स्वरूप निचुड़ गया था, वह इस ‘मत’ ने बदल दिया। कभी तू अत्यधिक परिश्रम के कारण लोगों की सहानुभूति का पात्र था। पर आज ‘परम आराम’ के कारण मेरी ईष्या का शिकार हो रहा है।
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'मत' दान के पुण्य कर्म के कारण तेरे जीवन में अनेक फल आ गए हैं। तुझे पता है कि रोजगार की अब कोई चिंता नहीं है। तेरे जीवन में मनरेगा योजना है, तुझे घर बैठे रोजगार मिलना तय है। बड़े-बूढ़ों की चिंता से भी तू मुक्त हो गया है, क्योंकि अब सरकार वृद्धावस्था पेंशन पर ज्यादा ध्यान दे रही है। तेरे खाने के लिए ‘अन्नपूर्णा’ योजना थी। पर अब तो तू बस मस्त रह, क्योंकि सरकार खाद्य सुरक्षा विधेयक लागू ही करने जा रही है। आराम से एक-दो रुपये किलो वाले गेहूं-चावल खा और खटिया पर पड़ा रह।
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तेरी किस्मत कितनी अच्छी है। अब तो तू ‘ऑनलाइन’ हो गया है। तेरे दोनों बच्चे इंटरनेट से जुड़ गए हैं। एक को सरकार ने लेपटॉप दे रखा है। तो दूसरा सरकार प्रदत्त टेबलेट पर लगा रहता है। शिक्षा के अधिकार के तहत तेरे बच्चे भी मुफ्त में स्कूल पढ़ आते हैं। यूनिफॉर्म और किताबें वहां से मिल ही जाती हैं। बच्चों के लिए दिन में खाना नहीं बनाना पड़ता। बिचारी सरकार ‘मिड डे मील’ तो दे ही रही है।


तेरे एक ‘मत’ दान से तुझे कितने पुण्य मिल गए। तेरे एक ‘मत’ दान के पीछे सरकार इतनी अभिभूत है कि वह कुछ सोच ही नहीं पा रही। रुपया गिर रहा है, नेता गिर रहे हैं, मूल्य गिर रहे हैं, पर वह एकटक तेरे ‘मत’ की ओर देख रही है। उसकी बला से इकोनोमी रसातल में चली जाए, पर वह तेरे ‘मत’ को कहीं नहीं जाने देगी। तू बस ‘मत’ दान कर और फिर देख सरकार तेरे खाते में किस तरह पुण्यों की लाइन लगाती है।

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