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टिप्पणी: पुतिन के रूस में धोखे की माफी नहीं, दो महीने पहले ही तय हो गई थी प्रिगोझिन की नियति
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व्लादिमीर पुतिन, येवगेनी प्रिगोझिन
- फोटो :
निर्मलकांत/अमर उजाला
विस्तार
रूस के लोग अफवाहों और साजिशों में बहुत रुचि दिखाते हैं, क्योंकि उनका मानना है कि क्रेमलिन की तरफ से जो आधिकारिक खबर आती है, वह पक्षपातपूर्ण होती है। ऐसे में, एक विमान हादसे की खबर जैसे ही आई, जिसके यात्रियों में कुख्यात प्रिगोझिन भी थे, तो तत्काल साइबेरिया के जंगल में लगने वाली आग की तरह अफवाहें फैल गईं। संभव है, प्रिगोझिन उस विमान में न रहा हो और भूमिगत हो जाने के लिए उसने यह अफवाह फैलाई हो। या हो सकता है कि पुतिन ने प्रिगोझिन को किसी गोपनीय तहखाने में कैद कर रखा हो। मुमकिन है कि यूक्रेन के लोगों ने प्रिगोझिन का विमान ध्वस्त किया हो, क्योंकि प्रिगोझिन ने अपने लड़ाकों के साथ मिलकर यूक्रेन में भारी तबाही मचाई थी।
ठग से कैटरर, कैटरर से सिपहसालार, फिर पुतिन का नजदीकी आदमी बन जाने वाले प्रिगोझिन के लिए, जिसने रूस के सैन्य नेतृत्व से हिसाब चुकता करने के लिए जून में अपने वैगनर ग्रुप को मास्को पर चढ़ाई करने भेज दिया था, कोई भी काम असंभव नहीं था। ऐसे लोगों की भी लंबी सूची है, जो प्रिगोझिन की मौत चाहते थे। इनमें रूसी सैन्य नेतृत्व से लेकर यूक्रेन के लोग हैं, तो अफ्रीका और सीरिया के वे विद्रोही भी हैं, जिन्हें प्रिगोझिन ने अपने लड़ाकों के जरिये कुचल दिया था।
लेकिन पुतिन के रूस में दमन के सिलसिले को देखें, तो यह विमान हादसा ठीक वही है, जैसा कि इसे समझा जा रहा है : यानी एक निर्दयी शासक द्वारा एक असुविधाजनक प्रतिद्वंद्वी की हत्या। इसे बेशक कभी साबित नहीं किया जा सकेगा, संभव है कि पुतिन प्रिगोझिन को मरणोपरांत सम्मानित करें और उसे देशभक्त बताएं। शायद प्रिगोझिन की मौत के लिए पुतिन फासिस्ट यूक्रेन और धोखेबाज पश्चिम को जिम्मेदार ठहराएं। लेकिन फिलहाल तो तमाम उंगलियां पुतिन की ओर ही उठ रही हैं।
अलबत्ता तानाशाही की क्रूर तार्किकता में देखें, तो पुतिन के पास और कोई विकल्प भी नहीं था। हालांकि विगत जून में जब प्रिगोझिन ने रूसी सैन्य नेतृत्व को चुनौती देते हुए अपने लड़ाकों को मास्को की ओर दौड़ा दिया था, तब भी उसने खासकर पुतिन के प्रति निष्ठा जताने की कोशिश की थी। लेकिन वह घटना सीधे-सीधे पुतिन के शासन को खुली चुनौती थी। और पुतिन ने उस पर जो पहली प्रतिक्रिया दी थी, उसमें प्रिगोझिन का बेशक उल्लेख नहीं था, पर वह चेतावनी तो ही थी। उन्होंने कहा था कि बगावत की तैयारी करने वालों ने रूस को धोखा दिया। पुतिन के शब्दकोश में इसका अर्थ मृत्युदंड था, क्योंकि वही रूस हैं।
विद्रोह की उस घटना के बाद पुतिन ने उसी चालाकी का परिचय दिया, जिसके जरिये वह पिछले 20 साल से सत्ता में हैं। उन्होंने प्रिगोझिन को बेलारूस जाने के लिए कहा, उस पर लगाए गए तमाम आरोप उन्होंने वापस ले लिए, क्रेमलिन में उसे बातचीत के लिए बुलाया, जो तीन घंटे चली, फिर प्रिगोझिन को रूस में कहीं भी आने-जाने की अनुमति दे दी।
प्रिगोझिन ने समझ लिया कि उसे माफ कर दिया गया है। उसने दावा किया कि सेंट पीट्सबर्ग में हुए रूस-अफ्रीका शिखर सम्मेलन में वह मौजूद था, हालांकि इसका कोई सबूत नहीं मिला। फिर विमान हादसे से दो दिन पहले उसने वैगनर ग्रुप के लिए एक भर्ती अभियान का वीडियो जारी किया, जिसकी शूटिंग कथित रूप से अफ्रीका में हुई थी, और जिसमें एक मैदान में प्रिगोझिन पूरी सैन्य वर्दी में दिखाई पड़े थे।
प्रिगोझिन के प्रति कथित सदाशयता का परिचय देने के बाद पुतिन ने पिछले बुधवार को-जब वैगनर ग्रुप के विद्रोह के ठीक दो महीने पूरे हो रहे थे-पहला कदम उठाया, जब उन्होंने यूक्रेन में रूसी सैन्य कार्रवाई से जुड़े पूर्व सैन्य कमांडर जनरल सर्गेई सुरोविकिन को पदावनत कर दिया। हालांकि विद्रोह के बाद से ही सर्गेई को सार्वजनिक तौर पर देखा नहीं जा रहा था। और उसी शाम को छह बजे प्रिगोझिन का विमान ध्वस्त हो गया।
वस्तुत: प्रिगोझिन की नियति दो महीने पहले ही तय हो गई थी। विमान के ध्वस्त होने की जो भी वजह हो, पुतिन के चापलूसों और दोस्तों को इसका संदेश बखूबी समझ में आ गया होगा : कोई चाहे कितनी भी चापलूसी कर ले; प्रिगोझिन जिसके उस्ताद थे, या क्रेमलिन के प्रति निष्ठा का किसी का इतिहास कितना भी पुराना क्यों न हो, पुतिन को चुनौती देने वाले बच नहीं पाएंगे।
यह पहले ही स्पष्ट था कि पुतिन के रूस में विश्वासघात की माफी नहीं है। रूसी जासूसी एजेंसी केजीबी से अलग होने वाले एलेक्सांद्र लितविनेन्को की जान रेडियोधर्मी पोलोनियम से ली गई थी, तो दूसरे को नोविचोक नर्व एजेंट के जरिये मारने की कोशिश हुई थी। ऐसे ही पुतिन के सबसे बड़े विरोधी अलेक्साई नवलनी को जहर देकर मारने की कोशिश हुई और कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इन सबसे यही साबित होता है कि रूस में किसी भी तरह के विरोध को सहन नहीं किया जा सकता। यूक्रेन पर हमले के बाद तो; जो सीधे-सीधे पुतिन की प्रतिष्ठा से जुड़ा है, और जिसमें रूस को भारी नुकसान हुआ है, रूस में सत्ता के प्रति निष्ठा की अपेक्षा और भी ज्यादा है।
हो सकता है, आने वाले दिनों में विमान दुर्घटना का दूसरा कारण सामने आए, और पता चले कि इसमें पुतिन का हाथ नहीं था। उससे यही साबित होगा कि प्रिगोझिन को निशाना बनाने वाला पुतिन से ज्यादा होशियार निकला।
Wagner chief Yevgeny Prigozhin