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सार्थक सिनेमा से पहचान

Sat, 31 Aug 2013 02:19 AM IST
अभिषेक सक्सेना
अभिषेक सक्सेना Updated Sat, 31 Aug 2013 02:19 AM IST
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recognition from meaningfull cinema

दो सौ करोड़ के मुनाफे के लक्ष्य के पीछे भागते फिल्म उद्योग में कुछ चेहरे ऐसे भी हैं, जो सार्थक सिनेमा के जरिये अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। सुजित सरकार ऐसा ही एक चेहरा है। वह मानते हैं कि हर फिल्म असल में एक कहानी होती है और कहानी कहने के कई ढंग या विधाएं हो सकती हैं। इन विधाओं को लेकर नए प्रयोग करना ही सुजित का शगल है। यहां और विक्की डोनर के बाद मद्रास कैफे, उनकी इसी प्रयोगधर्मी सोच की अगली कड़ी है।

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सुजित सरकार पहली बार सुर्खियों में तब आए, जब 2005 में यहां फिल्म के लिए उन्हें ओसियंस सिनेफैन फेस्टिवल ऑफ एशियन ऐंड अरब सिनेमा में इंडियन कंपटीशन स्पेशल ज्यूरी अवॉर्ड दिया गया था। उनकी इस फिल्म को समीक्षकों की सराहना तो मिली, लेकिन यह बॉक्स ऑफिस का दिल नहीं जीत पाई। इस दौरान उनके पास कई फिल्में बनाने के प्रस्ताव आए। लेकिन सार्थक सिनेमा को लेकर अपनी जिद के चलते ही उन्होंने फिजूल की फिल्मों पर काम करने से मना कर दिया। यह उनके लिए कठिन समय था। लेकिन उन्होंने अपने हौसले पस्त नहीं होने दिए।
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रचनात्मक व्यक्ति की खासियत होती है कि वह खाली नहीं बैठ सकता। निर्देशन को लेकर अपने जुनून के चलते इस दौरान उन्होंने अपनी सिनेमाई रचनात्मकता को प्रदर्शित करने के लिए टेलीविजन विज्ञापनों को माध्यम बनाया। सफोला, रिलायंस 2जी, अप्सरा पेंसिल, फेयर ऐंड लवली और दूसरे बहुत से ब्रांडों के विज्ञापनों में उन्होंने बतौर निर्देशक अपने जौहर दिखाए। इसके अलावा उन्होंने अपराजिता तुमी जैसी एक स्वतंत्र फिल्म भी बनाई, जो सुनील गंगोपाध्याय की विख्यात पुस्तक, दुई नारी हाथे तरोबारी पर आधारित है। इसके बाद उन्होंने विक्की डोनर बनाई। सुजित को इस बात का श्रेय मिलना चाहिए कि उन्होंने स्पर्म डोनेशन जैसे एक ऐसे विषय पर फिल्म बनाने की हिम्मत दिखाई, जिस पर अब तक समाज में खुलकर बात तक नहीं होती थी।
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सुजित को जानने वालों की मानें, तो वह एक ऐसे व्यक्ति हैं, जिसने रुकना सीखा ही नहीं। इसका सुबूत तब मिला, जब कश्मीर, स्पर्म डोनेशन और आतंकवाद जैसे संवेदनशील मुद्दों पर फिल्में बना लेने के बाद उन्होंने एक और बेहद संवेदनशील मुद्दे पर फिल्म बनाने की इच्छा जाहिर की। अब वह कांस्टीपेशन यानी कब्ज पर फिल्म बनाना चाहते हैं।
Abhisek saxena- अभिषेक सक्सेना

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