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राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम
Updated Mon, 11 Feb 2013 09:07 AM IST
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वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने छोटे निवेशकों को शेयर बाजार के प्रति आकृष्ट करने और बजार में तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम की शुरुआत की है।
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यह योजना उन निवेशकों के लिए है, जिनकी वार्षिक आमदनी दस लाख रुपये से कम है और जिन्होंने अब तक शेयर बाजार में पैसा निवेश नहीं किया है। इसके तहत अधिकतम 50,000 रुपये तक का निवेश किया जा सकता है और उस पर आयकर कानून की धारा 80 के तहत 50 फीसदी की टैक्स छूट भी मिलेगी।
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यानी अगर किसी ने 50,000 रुपये का निवेश किया, तो उसे 25,000 रुपये की आय पर टैक्स से छूट मिलेगी। फिलहाल यह छूट शेयर बाजार में पहली बार निवेश करने वालों को ही मिलेगी, लेकिन इसके लिए डीमैट एकाउंट खोलना होगा।
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इस स्कीम के तहत निवेश की गई रकम का लॉक-इन पीरियड तीन वर्ष होगा, जिसमें से पहला वर्ष फिक्स्ड लॉक-इन पीरियड होगा एवं बाद के दो वर्ष फ्लेक्सिबल लॉक-इन पीरियड होंगे। यानी पहले वर्ष के दौरान निवेशक अपने शेयर बेच नहीं सकता, जबकि बाद के दो वर्ष के दौरान वह अपने शेयर बेच तो सकता है, लेकिन उसे दूसरा योग्य शेयर खरीदना पड़ेगा।
इस स्कीम के जरिये ईटीएफ, म्यूचुअल फंड, बीएसई और एनएसई की 100 सबसे बड़ी कंपनियों में निवेश होगा। इतना ही नहीं, सरकारी कंपनियों के शेयरों में पैसा लगाने पर भी इसका फायदा मिलेगा।
चूंकि शेयर बाजार में सीधे निवेश करने के लिए अनुभव जरूरी होता है, जो नए निवेशकों के पास नहीं होता, इसलिए इस स्कीम के तहत म्यूचुअल फंड के जरिये ही निवेश करना उचित रहेगा, क्योंकि तब फंड मैनेजर की सलाह एवं मार्गदर्शन भी मिलेगा।