इस सूरज से कुछ मत मांगो

जयकृष्ण राय तुषार Updated Sun, 04 Nov 2012 12:02 PM IST
Poetry of jaikrishn rai tushar
क्रांति करो
अब चुप मत बैठो
राजा नहीं बदलने वाला।
आग हुई
चूल्हे की ठंडी
अदहन नहीं उबलने वाला।
महंगाई के
रक्तबीज अब
दिखा रहे हैं दिन में तारे,
चुप बैठे हैं
सुविधा भोगी
जन के जनप्रतिनिधि बेचारे,
कैलेन्डर की
तिथियों से अब
मौसम नहीं बदलने वाला।
कुछ ही दिन में
कंकड़-पत्थर
मुंह के लिए निवाले होंगे,
जो बोलेगा
उसके मुंह पर
कम्पनियों के ताले होंगे,
भ्रष्टाचारी
केंचुल पहने
अजगर हमें निगलने वाला।
हर दिन
उल्का पिंड गिराते
आसमान से हम क्या पाते?
आंधी वाली
सुबहें आतीं
चक्रवात खपरैल उड़ाते,
इस सूरज से
कुछ मत मांगो
शाम हुई यह ढलने वाला।

Spotlight

Most Read

Opinion

क्या अमेरिका का मन बदलेगा

डोनाल्ड ट्रंप को शायद इसका एहसास नहीं है कि यह बीती सदी के नब्बे का दशक नहीं है, और पाकिस्तान ने काफी रास्ता तय कर लिया है। पाकिस्तान को धमकाने से काम नहीं चलने वाला।

19 जनवरी 2018

Related Videos

केजरीवाल के सियासी करियर का "काला दिन" समेत शाम की 10 बड़ी खबरें

अमर उजाला टीवी पर देश-दुनिया की राजनीति, खेल, क्राइम, सिनेमा, फैशन और धर्म से जुड़ी खबरें दिन में चार बार LIVE देख सकते हैं, हमारे LIVE बुलेटिन्स हैं - यूपी न्यूज सुबह 7 बजे, न्यूज ऑवर दोपहर 1 बजे, यूपी न्यूज शाम 7 बजे

19 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper