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पेन मसाला
नई दिल्ली
Updated Mon, 28 Jan 2013 09:55 AM IST
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पिछले दिनों अमेरिका से भारत आया म्यूजिक बैंड पेन मसाला सुर्खियों में है। पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा तैयार इस बैंड की खासियत है, इसके संगीत की शैली। गाने के संगीत के लिए यह बैंड किसी वाद्य यंत्र का सहारा नहीं लेता, बल्कि अपने कंठ से ही विभिन्न वाद्य यंत्रों की ध्वनि निकालता है।
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यह दुनिया का पहला एकैपेला (बिना किसी वाद्य यंत्र के गले से संगीत की प्रस्तुति) बैंड है, जो हिंदी में गीत गाता है। इस बैंड की शुरुआत 1996 में पेनसिलवानिया यूनिवर्सिटी के चार दोस्तों ने मिलकर की थी।
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उन लोगों का उद्देश्य था कि हिंदुस्तानी संगीत के विभिन्न रूपों को पश्चिमी संगीत के साथ मिलाकर एक बैंड की शुरुआत की जाए। इसी सोच के साथ पेन-मसाला म्यूजिक बैंड की शुरुआत हुई। अब तक इस बैंड के सात अलबम निकल चुके हैं। दिलचस्प है कि पेनसिलवानिया यूनिवर्सिटी के नाम पर ही इसका नाम रखा गया है।
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इस बैंड की खास बात यह है कि इसके किसी भी सदस्य ने संगीत की औपचारिक शिक्षा नहीं ली है। पढ़ाई के बीच में ही समय निकालकर वे रियाज करते हैं। कुछ समय पहले इस बैंड ने संगीतकार ए आर रहमान और गायिका सुनिधि चौहान के साथ भी काम किया और बॉलीवुड की फिल्मों में काम करने की इच्छा जताई।
अमेरिका, ब्रिटेन, भारत सहित दुनिया के कई देशों में अपना कार्यक्रम पेश कर चुके इस बैंड में कोई लड़की नहीं है। जैसे ही कोई सदस्य पेनसिलवानिया यूनिवर्सिटी की डिग्री पा लेता है, तो उसे हटाकर यूनिवर्सिटी के नए छात्र को बैंड में शामिल किया जाता है। बराक ओबामा, बान की मून, सचिन तेंदुलकर, फारूक अब्दुल्ला और मुकेश अंबानी जैसे लोग इस बैंड के प्रशंसकों में शामिल हैं।