फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Columns ›   Opinion ›   pain of neta

नेता का दर्द

Wed, 11 Dec 2013 07:14 PM IST
अशोक गौतम
अशोक गौतम Updated Wed, 11 Dec 2013 07:14 PM IST
विज्ञापन
pain of neta

यार, मेरा बंदा होने के बाद भी मेरे साथ इतना बड़ा धोखा? खैर, वैसे तो यह संसार चला ही धोखे पर है। हम सभी इस संसार में आकर सभी को धोखे के सिवाय देते ही क्या हैं? पत्नी आज अपना धर्म निभाते हुए पति को धोखा दे रही है, तो पति आदर्शों को पूजता, अपना पति धर्म निभाता बड़े निर्वेद भाव से पत्नी को धोखा दे रहा है। भगवान भक्त को धोखे में रखे है, तो भक्त भगवान को!

विज्ञापन


कुल मिलाकर इस संसार को धोखा ही चला रहा है। आज तक तो मैं यही सोचता रहा कि मैं खुद को धोखा दे सकता हूं, पर तू मुझे चुनाव में तो दूर, सपने में भी धोखा नहीं देगा! पर तूने धोखा दिया, तो दिया!
विज्ञापन


हे इस देश के वोटर, मुझमें आत्मा न होने के बाद भी आज मैं आत्ममंथन के बाद इस नतीजे पर पहुंचा हूं कि अबके चुनाव में मेरी सबसे बड़ी गलती यही रही कि मैंने पिछले चुनावों की तरह अबके भी तुझ पर आंखें मूंद कर भरोसा कर लिया। मुझे अबके भी लगा कि तू जिसका नमक खाता है, उसी के गुण गाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेरी सोच के मुंह पर अबके कालिख पुती, तो कोई गम नहीं, पर गम है, तो बस इसी बात का कि अबके तूने जिसका नमक खाना, उसके ही गुण गाना की कहावत के मुंह पर भी कालिख पोत दी। आने वाले चुनावों में अब शायद ही कोई नेता तुझ पर विश्वास करे। तूने अबके मुझ जैसों को, जो गर्म दूध भी मजे से पी जाया करते थे, फ्रिज वाली छाछ भी फूंक-फूंककर पीना सिखा दिया!

खुदा कसम यार, तूने अबकी बार ऐसा कमाल का काम किया कि दिन में भी कुर्सी के सपने लेता-लेता मैं ऐसा चित्त हुआ कि उठने लायक ही न रहा! सरकार चलाने का दम भरने वाला तेरी वजह से आज खुद चलने लायक भी न रहा। वाह रे वोटर, शराब मेरी पी और नशे में वोट उसे दे दिया! मेरे ही दिए तवे पर, मेरे ही दिए गैस चूल्हे पर, मेरी ही दी परात में आटा गूंथ, मेरे ही नाम का फुलका खाया और पेट भर जाने के बाद वोट उसे दिया! मेरी ही दी दाल के लिए मेरा ही दिया प्रेशर कुकर चढ़ाया और वोट उसे दिया! आखिर कसम खाकर भी वोट किसी दूसरे को देना तूने सीखा कहां से?


लगता है, अबके तुझे किसी ने बहला-फुसला दिया। लगता है, तू अबके गलत लोगों की संगति का शिकार हो गया। चल अबके तो तूने जो किया, सो किया, पर ईश्वर तुझे अगले चुनाव में सद्बुद्धि प्रदान करे। तू जिसका माल खाए, उसी को वोट दे!

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed