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प्रेम की पगडंडी से हाइवे पर
योगेंद्र शर्मा
Updated Wed, 15 May 2013 09:45 PM IST
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हमारे जमाने में इश्क तीसरी कसम की बैलगाड़ी की चूं...चर्र वाली चाल चला करती थी। गाड़ीवान सजन रे झूठ मत बोलो खुदा के पास जाना है गाता था।
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कभी-कभी प्रेमिका का विवाह हो जाने के बाद प्रेमी को पता चलता था कि वह उससे कितना प्यार करता था। लेकिन तब तक दो-तीन बाल गोपाल मामा जी कहते उसके पैरों से लिपट जाते थे। आई लव यू बोलना तब यकीनन बहुत मुश्किल होता था।
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कभी लहना सिंह ने एक कुड़ी से पूछा था, तेरी कुड़माई हो गई क्या? और वह धत कहकर भाग गई थी। पर दो छोटी मुलाकातों में प्रेम का वह विरवा रोप गई थी कि सूबेदारनी की कही एक बात पर उसने जान निसार कर दी।
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कभी आशिक माशूका की पलकों की छांव के डेढ़ गुना आधे वर्ग सेंटीमीटर एरिया में रहने की गुजारिश करता, तो कभी आंचल, तो कभी जुल्फों की छांव में रहने देने की करबद्ध प्रार्थना करता, तो कभी जो तुमको हो पसंद वही बात करेंगे, वाली चमचागीरी की मुद्रा में आ जाता।
तब खूने जिगर से दिल के सफे पर प्रेमपत्र लिखे जाते थे, कबूतरों, छोटे बच्चों और नायिका की सहेली को कासिद बनाकर भेजे जाते थे। उस दौर में प्रेमपत्र के गलत हाथों में पड़ जाने पर प्रेमिका के पहलवान टाइप भाइयों द्वारा पिटाई की आशंका सदा बनी रहती थी।
तब की नायिकाएं चेहरा ही दिखाती थीं, शरीर का प्रदर्शन नहीं करती थीं, पुरुषों की कल्पना शक्ति पर उन्हें पूरा भरोसा था। वे पेड़ों के इर्द-गिर्द चक्कर काटते हुए गाती थीं। नायक भी उन्हीं पेड़ों के चक्कर में घनचक्कर बन जाता था।
लेकिन आज का आलम दूसरा है। एक बर्थडे पार्टी में एक युवती बर्थडे बॉय को बधाई दे रही थी, हैपी बर्थडे टू यू, मेनी गर्लफ्रैंड्स टू यू। प्रेमिका व्यक्तिगत से साझा जानकारी की जद में आ जाए, तो वह गर्लफ्रैंड कहलाती है। इसी तरह सार्वजनिक प्रेमी बॉयफ्रैंड बन जाता है।
प्रेमी-प्रेमिका यदि विवाह कर लें, तो रोमांस की हत्या हो जाती है। इसी कारण बुद्धिमान लोग आजकल लिव इन रिलेशनशिप प्रेफर करते हैं। बिन फेरे हम तेरे का युग है। कभी मां-बाप अपने बच्चों को ढूंढते थे, अब बच्चे मां-बाप को ढूंढेंगे, और दादा-दादी वृद्धाश्रम को।
आज बंदे के पास अच्छी डिग्री और अच्छी नौकरी हो, तो गर्लफ्रैंड्स की लाइन लग जाती है। साधो, यह एसएमएस, ई-मेल और ट्वीट का युग है। प्रेम गली कभी अति सांकरी थी, लेकिन अब वह नेशनल हाइवे बन गई है, वह भी फोर लेन वाली।