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दूसरा पहलू: अंतरिक्ष में अकेलेपन को झेलना इतना भी आसान नहीं, सात महीने से फंसे हैं सुनीता-बुच विलमोर
Thu, 16 Jan 2025 05:23 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
ईडो मिजराही
ईडो मिजराही
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Thu, 16 Jan 2025 05:23 AM IST
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ईडो मिजराही, सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर
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अमर उजाला
विस्तार
अगर कोई अंतरिक्ष यात्री आठ दिन के अंतरिक्ष अभियान पर गया हो। किन्हीं वजहों से वह सात महीनों तक धरती पर न लौट सके, तो सामान्य व्यक्तियों के लिए इसकी कल्पना ही रोंगटे खड़े करने वाली होगी। लेकिन भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स व उनके साथी बुच विलमोर की बात ही अलग है। नासा के ये दोनों अंतरिक्ष यात्री 5 जून, 2024 को आठ दिन के अभियान पर अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए रवाना हुए थे। अंतरिक्ष यान में तकनीकी खराबी की वजह से वे पिछले सात महीनों से अंतरिक्ष में ही अटके हुए हैं। पिछले साल सितंबर में संवाददाता सम्मेलन के दौरान विलमोर ने कहा था कि वह अपनी छोटी बेटी की हाईस्कूल की परीक्षाओं की तैयारी को याद कर रहे हैं।
1986 में तत्कालीन सोवियत संघ ने अपने पहले मॉड्यूलर लो अर्थ ऑर्बिट अंतरिक्ष स्टेशन मीर का प्रक्षेपण किया, जिसके बाद अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष में लंबे समय तक रहना भी शुरू किया। लेकिन 1995 में मीर में रह रहे एक अंतरिक्ष यात्री ने अपनी मानसिक स्थिति को लेकर चेतावनी दी थी कि अगर उसका मिशन छह महीने और बढ़ा दिया गया, तो वह इसे सहन नहीं कर पाएगा। यही वह समय था, जब नासा बेहद शांत ढंग से मनोवैज्ञानिकों की एक यूनिट तैयार कर रहा था, जो लंबी अंतरिक्ष यात्राओं के दौरान यात्रियों को मानसिक तौर पर शांत रख सके।
2011 के करीब एक बार एक अंतरिक्ष यात्री की मां गुजर गईं, एक अन्य अभियान में अंतरिक्ष यात्री की भाभी की हत्या हो गई, तो जब सुनामी ने जापान को तबाह किया, तो वे दृश्य भी चालक दल के सदस्यों ने देखे। मनोवैज्ञानिक यूनिट ने इन तनावपूर्ण क्षणों को संभालने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों का भरोसा जीतना शुरू किया। यूनिट ने एक अंतरिक्ष यात्री को वह फिल्म भेजी, जिसमें वह बच्चे को जन्म दे चुकी थी, इसी तरह एक अंतरिक्ष यात्री और धरती पर मौजूद उसकी मंगेतर का विवाह भी संपन्न कराया। लेकिन मंगल मिशन की बात अलग होगी, जहां तक आने और जाने में ही तीन साल लगेंगे। इस दौरान संचार पूरी तरह से टूट भी सकता है। ऐसे में अब अंतरिक्ष यात्री भी वैसे चुने जा रहे हैं, जो लंबे समय तक अलगाव के मानसिक तनाव को झेल सकें। सुनीता विलियम्स व विलमोर जैसे अंतरिक्ष यात्री भी तेजी से स्थितियों से तालमेल बैठाना सीख रहे हैं। जैसा सुनीता विलियम्स एक वीडियो में कहती भी दिख रही हैं, ‘यही वह जगह है, जहां मुझे सबसे ज्यादा खुशी मिलती है।’ ©The New York Times 2025