{"_id":"98e90122bb2adb783c6a359dd135b92a","slug":"need-to-fiscal-balance-in-budget-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"बजट में वित्तीय संतुलन भी जरूरी","category":{"title":"Opinion","title_hn":"नज़रिया ","slug":"opinion"}}
बजट में वित्तीय संतुलन भी जरूरी
सिद्धार्थ बिड़ला
Updated Tue, 17 Feb 2015 07:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार उच्च आर्थिक विकास की नींव रखने के लिए तेजी से प्रगतिशील कदम उठा रही है, जो नागरिकों के बेहतर जीवन के लिए बहुत जरूरी है। कुछ बड़े आर्थिक सुधार का काम धीरे-धीरे चल रहा है, पर सबसे जरूरी विकास को गति पकड़ने में समय लगेगा। आगामी बजट से विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को भारी उम्मीदें हैं। हालांकि उम्मीदों को संयमित रखना होगा, क्योंकि अर्थव्यवस्था को उच्च विकास पथ पर लाने के लिए जिन गहरे संरचनात्मक सुधारों की आवश्यकता है, वह रातोंरात नहीं हो सकता है।
विज्ञापन
वित्त मंत्री को राजकोषीय घाटे से संबंधित वित्तीय जवाबदेही एवं बजट प्रबंधन के लक्ष्यों का पालन करने और पूंजीगत व्यय में ज्यादा संसाधन खर्च करने में कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय घाटे को घटाकर अभी जीडीपी का 3.6 फीसदी और अगले दो वर्षों में तीन फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है। दोनों चीजें जरूरी हैं, क्योंकि वित्तीय घाटा कम होने से जहां वैश्विक निवेशकों में सकारात्मक संदेश जाएगा, वहीं पूंजीगत व्यय विकास को आगे बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण है। अच्छी बात है कि अभी कच्चे तेल का मूल्य कम है, जिससे सब्सिडी बिल कम होगा और बुनियादी ढांचों के क्षेत्र में उत्पादक व्यय के विस्तार का मौका मिलेगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, व्यय प्रबंधन आयोग ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में प्रशासनिक खर्च एवं बजटीय आवंटन के प्रभावी खर्च में कटौती का सुझाव दिया है। बजट में इनमें से कुछ सुझावों को लागू किया जा सकता है।
विज्ञापन
राजस्व जुटाना भी मुश्किल है, जिसमें नाजुक संतुलन की जरूरत है। प्रभावी जीएसटी ढांचा उद्योग के लिए लाभप्रद होने के साथ दीर्घकालीन अर्थों में सरकार के लिए अधिक राजस्व जुटाने में भी सहायक हो सकता है। कर आधार का दायरा बढ़ाना भी राजस्व जुटाने का एक अन्य विकल्प है। मौजूदा कर बोझ को बढ़ाए बिना कर आधार का दायरा बढ़ाने के लिए व्यापक राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है। उद्योगों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए गलत शुल्क ढांचे एवं अन्य कर विकृतियों का समाधान जरूरी है।
विज्ञापन
सरलीकृत एवं उम्मीद के मुताबिक कर व्यवस्था की दिशा में पहलकदमी स्वागतयोग्य है। व्यापक निवेश आकर्षित करने के लिए इसमें तेजी लाने की जरूरत है। राजस्व का आकलन वास्तविकता के आधार पर करना होगा और अधिकारियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। ज्यादा राजस्व जुटाने के लिए आक्रामकता जरूरी है, पर ध्यान रखना होगा कि इससे कोई नई समस्या न खड़ी हो। यदि लिखित कानून ही नैतिक व्यवहारों को सुनिश्चित करता, तो विदेशी विनिमय नियामक कानून के तहत हमें किसी समस्या का कभी सामना नहीं करना पड़ता, जैसा कि वास्तव में करना पड़ता है। उपभोक्ताओं की भावनाओं को ऊपर उठाने, मांग बढ़ाने और व्यापक बचत एवं निवेश के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें पर्याप्त कर राहत देना जरूरी है।
इसी तरह मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाना और शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बजट आवंटन बढ़ाकर सामाजिक-आर्थिक विकास एजेंडे को आगे बढ़ाना भी जरूरी है। बजट तभी उम्मीदों पर खरा उतर सकता है, जब यह ठोस वित्तीय रूपरेखा और उपभोक्ताओं की भावनाओं को ऊपर उठाने, निवेशकों का विश्वास जीतने और उद्योग जगत के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के गंभीर उपाय का संकेत दे।
लेखक फिक्की के पूर्व अध्यक्ष