{"_id":"18f68cd141c388ee3ad0e764479afdec","slug":"let-s-write-a-book","type":"story","status":"publish","title_hn":"आओ कि कोई किताब लिखें","category":{"title":"Opinion","title_hn":"नज़रिया ","slug":"opinion"}}
आओ कि कोई किताब लिखें
सहीराम
Updated Sun, 11 May 2014 05:51 PM IST
विज्ञापन
अगर आप लेखक हैं, कविता, कहानी, उपन्यास वगैरह लिखते हैं, तो यह व्यंग्य आपके लिए नहीं है।
विज्ञापन
यह तो कोई फड़कती हुई-सी चीज लिखने का वक्त है। जी नहीं, हम भांग की पकौड़ी टाइप फड़कती हुई चीज की बात नहीं कर रहे। हम तो कोई ऐसी किताब लिखने की बात कर रहे हैं, जिसमें प्रधानमंत्री टाइप की कुछ बड़ी हस्तियों पर उंगली उठे। कुछ ऐसा मसाला हो कि टीवी पर चर्चा हो, अखबारों में जिस पर बहस चले। जिसमें अगर इस राजनीतिक पार्टी का फायदा हो, तो वह उसे उठाए-उठाए फिरे और जिस पार्टी का नुकसान हो, वह उसे कूड़े में फेंकने की बात करे। इस तरह किताब भी खूब बिके और लिखनेवाले का भी नाम हो।
वैसे भी अगर कहानी, उपन्यास लिखना है, तो अंग्रेजी में लिखिए। आजकल अंग्रेजी में कहानी और उपन्यास हिंदुस्तानी ही ज्यादा लिखते हैं। अंग्रेजी लेखन के सम्मानित पुरस्कार भी आजकल भारतीयों को ही मिलते हैं। इसलिए हिंदी वगैरह में लिखकर अपना खून जलाने का आज के दौर में कोई फायदा नहीं। पर यह व्यंग्य तो आपके लिए है ही नहीं।
विज्ञापन
यह तो उन लोगों के लिए है, जो कम से कम अफसर रहे हों। वैसे भी आजकल लेखन में अफसर लोग इतने आ गए हैं कि कलमघिस्सुओं के लिए जगह नहीं बची है। अफसर को छापने के लाभ भी बड़े ही होते हैं। तो जिन लोगों के लिए यह लेख लिखा जा रहा है, वे कम से कम ब्यूरोक्रेट तो अवश्य ही हों। उनके पास सरकार के अंदर के कुछ राज हों। अब राज सिर्फ सीआईडी टाइप के सीरियल में ही नहीं होते। राजनीति में उससे भी भयानक राज होते हैं। उन्हें खोलकर आप पैसे कमा सकते हैं।
विज्ञापन
वैसे तो रिटायर्ड ब्यूरोक्रेटों को खाने-कमाने के लिए अच्छी मालदार जगह पर बिठाने का काम सरकार का है। पर अगर ऐसा न हो पाए, तो पैसा इस तरह भी बनाया जा सकता है। तो किताब लिखिए और राज खोलिए सरकार के। इससे किताब तो हॉट केक की तरह बिकेगी ही, अगली सरकार में घुसने का आपका रास्ता भी साफ हो जाएगा।