कंदील की हत्या और जागता पाकिस्तान
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सोशल मीडिया की सनसनी कंदील बलोच की उसके भाइयों द्वारा गला घोंटकर मार दिए जाने के छह दिन बाद आहत पाकिस्तान को तब कुछ राहत मिली, जब संसद के दोनों सदनों के सदस्यों की एक समिति ने ऑनर किलिंग से निपटने और बलात्कार के दोषियों की सजा बढ़ाने वाले दो विधेयकों को मंजूरी दे दी। हालांकि कई लोगों ने इसे देर से उठाया गया कदम बताया। दक्षिणपंथी पार्टियां ने भी, जो आम तौर पर महिलाओं के अधिकारों और सुरक्षा से संबंधित विधेयकों पर आपत्ति जताते हैं, आसानी से अपनी सहमति दे दी। मुल्क को जगाने और पाकिस्तान में ऑनर किलिंग में से ऑनर जैसा शब्द खत्म करने की कोशिश के लिए एक खूबसूरत, युवा, स्वतंत्र और मजबूत इरादों वाली लड़की को अपनी जान गंवानी पड़ी।
अतीत में मजहब, संस्कृति और मुल्क के कानून ने ऑनर किलिंग को बहुत हल्के में लिया। यही वजह रही कि बहुत-सी स्त्रियों की हत्या हुई और उनके हत्यारे खुलेआम घूम रहे हैं। पर जब नया कानून लागू हो जाएगा, तब कंदील बलोच की हत्या में शामिल उसका भाई या परिवार के सदस्य को कंदील के परिवार से माफी मांगने की इजाजत नहीं मिलेगी।
पाकिस्तान में बलात्कार के मामले में भी सजा की दर बहुत कम है, क्योंकि मुल्क का मौजूदा कानून परिस्थिजन्य साक्ष्यों पर निर्भर है और फॉरेंसिक जांच का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन नया कानून डीएनए टेस्ट पर आधारित होगा। बलात्कार-विरोधी विधेयक में कथित पीड़िता और आरोपी, दोनों के डीएनए टेस्ट का प्रावधान पहली बार जोड़ा गया है। बच्चियों, मानसिक एवं शारीरिक रूप से बीमार महिलाओं के साथ बलात्कार करने वाले को मृत्युदंड दिया जाएगा।
पाकिस्तान में पाखंड का बोलबाला हमेशा से रहा है। वह कंदील बलोच ही थी, जिसने इस अवरोध को तोड़ा और 'सम्मान' को ठोकर लगाई। उसने कई बार मीडिया से कहा था कि मुझे डर है कि कहीं मेरा भाई मुझे मार न दें। उसने सरकार से सुरक्षा की मांग की थी, पर किसी ने उस पर ध्यान नहीं दिया। ऐसा भी वक्त आया, जब कंदील ने समाज के कुछ पाखंडी मुल्लाओं की करतूत को उजागर करने का फैसला किया। वह पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ के सदस्य मौलवी अब्दुल कवी से रमजान के दौरान मिलने गई। इस मुलाकात से संबंधित जो तस्वीर उसने पोस्ट की, उससे साफ था कि कवी सोशल मीडिया की इस सनसनी का सान्निध्य पाकर खुश थे। उसमें एक अद्भुत तस्वीर है, जिसमें कंदील मौलवी साहब की टोपी लेकर अपने सिर पर रख रही है और पृष्ठभूमि में मौलवी साहब दिख रहे हैं। यह तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो गई। नतीजतन मौलवी साहब को सरकारी नौकरी गंवानी पड़ी। ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि कंदील की हत्या के पीछे कवी का हाथ है, हालांकि जांच अभी चल रही है।
कंदील एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती थी और उसकी कमाई से ही पूरे परिवार का गुजर-बसर चलता था, जिसमें उसका भाई भी शामिल था। उसके भाई को अचानक लगने लगा कि सोशल मीडिया पर उसकी बहन द्वारा पोस्ट की गई उत्तेजक तस्वीरों से उसे शर्म आती थी। लेकिन इतने वर्षों से बहन से पैसे लेकर ड्रग्स का सेवन करने पर उसे कोई समस्या नहीं थी। उंबर खैरी ने लिखा है, कंदील की दुखद मौत के बावजूद उसकी महत्वाकांक्षा और उसके साहस की तारीफ करनी होगी।
लेखिका पाकिस्तान की वरिष्ठ पत्रकार हैं