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`कराची, यू आर किलिंग मी'

Sun, 01 Jun 2014 12:24 AM IST
देव प्रकाश चौधरी
देव प्रकाश चौधरी Updated Sun, 01 Jun 2014 12:24 AM IST
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karachi you're killing me

`कराची, यू आर किलिंग मी' एक ऐसा उपन्यास है, जिसमें 20 साल की एक लड़की एक बड़े, लेकिन बिखर रहे शहर में जीवन-यापन करती हुई, अपने सपनों के साथ जीती हुई प्यार पाने की कोशिश करती हुई दिखती है।

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सबा इम्तियाज

एक बिखरते हुए शहर में सपने जिंदा रखने की कोशिश करती हुई एक लड़की की कहानी को युवा पाकिस्तानी पत्रकार सबा इम्तियाज ने अपने पहले उपन्यास 'कराची, यू आर किलिंग मी' में जगह दी है।
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कहानी की मुख्य किरदार आयशा खान एक पत्रकार है, जो कराची में रहती है। उसकी अपनी महत्वाकांक्षाएं हैं। सपने हैं। उम्मीदे हैं। लेकिन, कराची शहर का जो दर्द है, उसमें आयशा कभी खुद पर, तो कभी हालात को लेकर खीजती है। वह पाकिस्तान में होने वाली आतंकी घटनाओं से लेकर फैशन शो तक, हर तरह की खबरों की रिपोर्टिंग करती है, लेकिन वह कराची से खुद को अलग करने के लिए बेचैन है। कराची के वर्तमान हालात को देखते हुए वह जल्द से जल्द उसे छोड़कर किसी विदेशी मीडिया संस्था से जुड़ जाना चाहती है। इसके लिए वह हाथ-पांव मार रही है, लेकिन कामयाबी नहीं मिलती, तो वह खीजती है। उसकी खीज तब और बढ़ जाती है, जब वह देखती है कि दुबई में काम कर रहा उसका दोस्त साद, जो कि बैंकर है, ऐश की जिंदगी जी रहा है। वह अच्छा-खासा कमा लेता है और आए दिन पार्टी करता है। कराची में उसकी एक करीबी दोस्त है जारा, जो अक्सर गपशप में लगी रहती है।
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जारा की खुशी भी आयशा को आश्चर्य की तरह लगती है कि आखिर कोई कराची में कैसे खुश रह सकता है। धीरे-धीरे आयशा खुद को हालात का शिकार मान लेती है। उसे अपनी जिंदगी अंधेरे में डूबी मालूम पड़ती है। आयशा की कहानी तब बदलती है, जब उसकी मुलाकात अमेरिकी पत्रकार जेम्स से होती है। प्रभावी शख्सियत वाला जेम्स आयशा के लिए अपनी दीवानगी का इजहार तो करता है, लेकिन उसे हकीकत में बदलना शायद दोनों के लिए मुमकिन नहीं।

जिन्होंने न्यूज चैनल या अखबार में काम किया है, उनको तो यह किताब बिल्कुल उसी पुरानी जींस की माफिक लगेगी, जिसे पहनकर सुकून का अहसास होता है। दिन भर चाय की चुस्कियों के साथ डेडलाइन पर काम पूरा करने की मशक्कत और बाइलाइन की मारामारी, सिगरेट के कश के साथ बम ब्लास्ट साइट की धूल साफ किए बिना फैशन शो कवर करने निकल पड़ना, रिपोर्ट्स  के बीच क्रेडिट लूटने की होड़ - जैसे मामले उन्हें अपनी निजी जिंदगी के हिस्से ही लगेंगे। सबा कहती हैं, `इस किताब में मैंने जो भी मुद्दे उठाए हैं, उन पर पहले से ही कई किताबें और रिपोर्ताज आ चुके हैं। इसीलिए मुझे पता था कि कहानियां पढ़कर किसी को कोई धक्का या सदमा नहीं लगेगा।’

यह किताब पाकिस्तान के अंदरूनी हालात का सच भी बयां करती है, क्योंकि लेखिका ने पाकिस्तान के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को करीब से देखा है। किताब में एक तरफ बम धमाकों का जिक्र है, तो वहीं दूसरी तरफ फैशन शो में अपने पहनावे और जेवरों की शान दिखाती सोशलाइट महिलाओं के लंच की रिपोर्टिंग हो रही है। ऐसा लगता है हिंदुस्तान के किसी बड़े शहर की ही कहानी हो। हालांकि चिली चिप्स, मुरे बियर, बन कबाब जैसे शब्द आहिस्ता-आहिस्ता यह बात भी जाहिर करते हैं कि बात कराची की गलियों की हो रही है, जहां गैंगवार साधारण सी बात है और जहां गिरोह के सरगना भी आईफोन लेकर घूमते हैं।

सबा की भाषा-शैली रोचक है और हास्य-व्यंग्य उनके यहां स्वाभाविक ढंग से आता है। पाकिस्तान के एक राष्ट्रीय अखबार में काम करने के तरीके, राजनीतिक रैली, साहित्यिक गोष्ठियां, फैशन वीक के सोशलाइट इन सभी को लेखिका ने दिलचस्प अंदाज से पेश किया है। पूरे उपन्यास में देश की राजनैतिक स्थिति पर एक किस्म की चिंता भी झलकती है, इसलिए इसे महज एक युवा महिला की जिंदगी से जुड़ी एक हल्की-फुल्की किताब या फिर हास्य-व्यंग्य से ओत-प्रोत कहानी मान लेना उचित नहीं होगा। पाकिस्तानी प्रेस क्लब की दीवारों पर नवाज शरीफ, झड़ते बाल और हेयर ट्रांसप्लांट आदि के पोस्टर, पाकिस्तानी प्रेस यूनियनों का वहां के राजनीतिज्ञों से मुफ्त की जमीन हासिल करने की कवायद जैसी स्थितियां कहीं न कहीं हमसे यह पूछती हैं कि पत्रकारिता की दिशा बदल तो नहीं गई?


सांप्रदायिक ताकतों को राजनीतिक संरक्षण, शराब पर सरकारी प्रतिबंध फिर अवैध ढंग से शराब की बिक्री जैसे मामले सिर्फ खबर नहीं होते, यह बड़े पैमाने पर लोगों को प्रभावित भी करते हैं। उपन्यास में इस तरह के विषयों को  चुटीले अंदाज में लिखा गया है। हालांकि किताब में रोमांस को उतनी तवज्जो नहीं दी गई है। ऐसा लगता है कि लेखिका की राजनीति और हास्य लेखन में विशेष दिलचस्पी है। फिल्मों की टिपिकल लव स्टोरीज पसंद करने वाले लोगों को शायद ही उपन्यास की यह लव स्टोरी रास आए, लेकिन जो कराची को जानते हैं, उन्हें यह किताब पसंद आएगी।

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