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जादू की छड़ी संभव है!
अरविंद तिवारी
Updated Mon, 30 Dec 2013 07:40 PM IST
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मार्निंग वॉक में एक मित्र रोजाना मिलते हैं। उनके हाथ में एक छड़ी होती है। गली के खतरनाक कुत्तों की वजह से वह घर से छड़ी लेकर निकलते हैं। कुत्ते भी छड़ी देखकर दुम हिलाने लगते हैं। छड़ी कुत्तों के लिए जादू का काम करती है।
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मैं मित्र से मजाक करता हूं, आपके पास तो जादू की छड़ी है, आपको तो राजनीति में होना चाहिए था! मित्र कहते हैं, इसे आप जादू की छड़ी मत समझो। यह सिर्फ डंडे का काम करती है। डंडे से आप कुत्ते और आवारा पशुओं से बच सकते हैं, बशर्ते आपको डंडे का सही प्रयोग मालूम हो। हमारे देश की हुकूमत और पुलिस डंडे का गलत इस्तेमाल करती है। जहां चलाना चाहिए, वहां नहीं चलाती है और जहां जरूरत नहीं है, वहां चला देती है!
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देश के कर्णधार 1947 से ही कहते आए हैं कि हमारे पास कोई जादू की छड़ी नहीं है, समस्याएं धीरे-धीरे ही हल हो पाएंगी। मगर पब्लिक भावुक है, प्रेम करने पर उतर आए, तो लैला-मजनूं को पछाड़ देती है और अगर नफरत पर उतर आए, तो चुनावों में सूपड़ा साफ कर देती है! पब्लिक के उन्मादी प्रेम को देखकर हर नायक कहता है, हमारे पास जादू की छड़ी नहीं है। पब्लिक मानती ही नहीं।
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पब्लिक, दरअसल उस खरीदार की तरह है, जो आधा किलो शक्कर खरीदने बाजार जाता है। दुकानदार गलती से आधा किलो की जगह पौन किलो पलड़े में चढ़ा देता है। बाद में शक्कर कम करते हुए आधा किलो ही तौलता है। खरीदार का ज्यादा शक्कर मिलने का उत्साह खत्म हो जाता है!
इस समय पूरे देश में जादू की छड़ी पर बहस हो रही है। दिल्ली के लोग इसे संभव बता रहे हैं। मैं और मेरे मित्र जादू की छड़ी की तलाश में उस जादूगर के पास गए, जो छड़ी घुमाकर संदूक में बंद आदमी को गायब कर देता था। दोबारा छुड़ी घुमाता, तो आदमी वापस आ जाता। मैंने उसे देश की प्रॉब्लम बताई, तो वह बोला-भाई साहब मैं आदमी को गायब कर सकता हूं, लेकिन उसके दुख-दर्द को मेरी जादुई छड़ी गायब नहीं कर सकती!
मैंने कहा, यह काम तो देश की हुकूमत भी करती है। फर्क इतना है कि वह गायब हुए आदमी को वापस नहीं ला सकती! जादूगर बोला, भाई साहब, मैं तो हाथ की सफाई दिखाता हूं, लेकिन राजनीति में जादू की छड़ी संभव है। भ्रष्टाचार का खात्मा ही जादू की छड़ी का कच्चा माल है! ‘न रिश्वत दो, न लो’ वाला फार्मूला यदि पूरे देश में लागू हो जाए, तो ऐसी जादुई छड़ी मिल सकती है, जो पल भर में सभी समस्याओं को हल कर देगी।