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अंतरराष्ट्रीय: सीरिया पर इस्राइल की बमबारी क्यों? इस्राइल रोकना चाहता है सैन्य क्षमता का विकास

Fri, 18 Jul 2025 06:57 AM IST
शुभम कुमार अली मामौरी
अली मामौरी Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 18 Jul 2025 06:57 AM IST
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सार

दक्षिणी सीरिया में ड्रूज समुदाय और दमिश्क समर्थित सेनाओं के बीच महीनों से चले आ रहे तनाव के बाद हाल ही में इस्राइल ने सरकारी ठिकानों पर हवाई हमले किए। इन हमलों का मकसद ड्रूज की सुरक्षा बताई गई। इस्राइली मंत्री ने सीरियाई राष्ट्रपति को आतंकवादी कहते हुए कठोर टिप्पणी की। हालांकि अब युद्धविराम हो गया है, ड्रूज लड़ाके प्रतिरोध रोकने पर सहमत हो गए हैं और सीरियाई सेना ने क्षेत्र से भारी सैन्य उपकरण हटाने शुरू कर दिए हैं।

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International Issue Why Israel bombing Syria IDF plan to stop development of military capability
सीरिया में तनाव - फोटो : एजेंसी

विस्तार

सीरिया में संघर्ष बढ़ गया है और इस्राइल अपने उत्तरी पड़ोसी पर बमबारी कर रहा है? यह दक्षिणी सीरिया में ड्रूज अल्पसंख्यकों और दमिश्क की नई सरकार के साथ गठबंधन करने वाली सेनाओं के बीच महीनों से चल रहे तनाव के बाद शुरू हुआ है। पिछले कुछ दिनों में हुई झड़पों के कारण इस्राइली हवाई हमलों ने ड्रूज की रक्षा के लिए सरकारी ठिकानों, टैंकों और भारी हथियारों को निशाना बनाया। इस्राइल के मंत्री अमीचाई चिक्ली ने सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा को आतंकवादी और बर्बर हत्यारा बताते हुए कहा है कि उसका बिना किसी देरी के सफाया कर दिया जाना चाहिए।


भड़काऊ भाषा के बावजूद युद्ध विराम हो गया है, जिससे फिलहाल लड़ाई रुक गई है। सीरियाई बलों ने क्षेत्र से भारी सैन्य उपकरण हटाने शुरू कर दिए हैं, जबकि ड्रूज लड़ाके सशस्त्र प्रतिरोध रोकने पर सहमत हो गए हैं, जिससे सीरियाई सैनिकों को सुवेदा पर नियंत्रण प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। ड्रूज एक छोटा धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय है, जिसकी सीरिया में अनुमानित जनसंख्या करीब 7,00,000 (कुल सीरियाई जनसंख्या 2.3 करोड़ में से) है, जिनमें से अधिकांश दक्षिणी अस-सुवेदा प्रांत में रहते हैं, जो उनका पारंपरिक गढ़ है। असद शासन के पतन के बाद ड्रूज ने देश को संघीय बनाने की मांग की थी। वे एक विकेंद्रीकृत मॉडल की वकालत करते हैं, जो क्षेत्रीय समुदायों को अधिक स्वायत्तता प्रदान करेगा।


इस्राइल की कार्रवाई के पीछे चिंता, समझिए क्या?
असद शासन के पतन ने इस्राइल के लिए दक्षिणी सीरिया में अपना प्रभाव बढ़ाने का एक रणनीतिक रास्ता खोल दिया। इस्राइल की इस कार्रवाई के पीछे दो मुख्य चिंताएं हैं- पहला अपनी उत्तरी सीमा की सुरक्षा और दूसरा, एक संघीय सीरिया का समर्थन। इस्राइल, सीरिया के दक्षिण में सत्ता शून्यता को एक संभावित खतरे के रूप में देखता है, विशेष रूप से इस्राइल विरोधी लड़ाकों द्वारा इसकी उत्तरी सीमा के निकट पैर जमाने के खतरे को। सीरिया में इस्राइल के अभियानों का उद्देश्य भविष्य में उसकी सैन्य क्षमता के किसी भी तरह के विकास को रोकना है, जिसका उपयोग सीरियाई सीमा की ओर से इस्राइल के विरुद्ध किया जा सकता है।

सीरिया के दो प्रमुख अल्पसंख्यकों को इस्राइल का समर्थन
इस्राइल, सीरिया में दो प्रमुख सहयोगी अल्पसंख्यकों (उत्तर-पूर्व में कुर्दों और दक्षिण में ड्रूज) को संघीय शासन मॉडल के लिए समर्थन दे रहा है। कुछ इस्राइली नीति-निर्माता जातीय और धार्मिक आधार पर बंटे सीरिया को क्षेत्र में अपना प्रभुत्व बनाए रखने के रूप में देखते हैं। अपुष्ट खबरों के अनुसार, वाशिंगटन ने निजी तौर पर इस्राइल से आग्रह किया है कि वह सीरिया पर अपने सैन्य हमलों को कम करे, ताकि तनाव को आगे बढ़ने से रोका जा सके और क्षेत्रीय स्थिरता को बनाए रखा जा सके।

सीरिया की नई सरकार को समर्थन दे रहा अमेरिका
अमेरिका सीरिया की नई सरकार को अधिक समर्थन दे रहा है, ताकि देश पर पुनः नियंत्रण स्थापित करने और उसे स्थिर करने में मदद मिल सके। ऐसे भी संकेत हैं कि अमेरिका और उसके सहयोगी सीरियाई सरकार को इस्राइल के साथ रिश्ते सामान्य करने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। अमेरिकी विशेष दूत टॉम बराक ने हालिया झड़पों को 'चिंताजनक' बताया है, तथा तनाव कम करने का आह्वान करते हुए सभी हितधारकों (ड्रूज, बेडौइन जनजाति, सीरियाई सरकार और इस्राइली सेना) के लिए शांतिपूर्ण, समावेशी परिणाम की आवश्यकता पर बल दिया है। लेकिन गहरे राजनीतिक विभाजन, प्रतिस्पर्धी क्षेत्रीय एजेंडा और अल्पसंख्यक समूहों की अनसुलझी मांगों को देखते हुए दक्षिणी सीरिया में अशांति के शीघ्र समाप्त होने की संभावना नहीं है।    
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