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उम्मीद: त्योहारों में पटरी पर लौटती अर्थव्यवस्था

Narayan Krishnamurthy नारायण कृष्णमूर्ति
Updated Mon, 01 Nov 2021 06:27 AM IST
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सार
असंगठित एवं अर्ध-संगठित क्षेत्र में बड़ी संख्या में काम करने वाले लोगों ने वर्ष 2020 में बहुत कुछ खोया। लेकिन इस साल चीजें उत्साहजनक हैं। सरकार ने भी सरकारी कर्मचारियों के लिए बकाया राशि जारी करके, उनके हाथों में अधिक नकदी डालकर, जिसे खर्च किया जा सकता है, अपना काम किया है।
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Indian Economy back on track in festive Season
त्होहारी सीजन में खरीदारी (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : istock

विस्तार

त्योहारों का मौसम हमेशा कुछ ऐसा होता है कि उत्साह और आनंद का माहौल स्वतः ही बन जाता है। लेकिन वर्ष 2020 अलग था, कोविड महामारी के चलते त्योहारों के दौरान उत्साह ठंडा पड़ गया था। वास्तव में, 2020 की दिवाली के समय संक्रमण के मामले बढ़ने, कई जगहों पर तालाबंदी और हर चीज पर प्रतिबंध के चलते कहीं कोई खुशी का माहौल नहीं था। कह सकते हैं कि वर्ष 2020 में त्योहारों का उत्साह बिल्कुल गायब था। लेकिन इस वर्ष सौ करोड़ टीकाकरण और नए कोविड मामलों में कमी के चलते प्रतिबंध कम हो रहे हैं और आर्थिक गतिविधियां शुरू हो गई हैं।



हमारे त्योहारी मौसम दुकानदारों के लिए खास मायने रखते हैं, क्योंकि इस दौरान आर्थिक गतिविधियां बढ़ जाती हैं। उत्सव अपने तरीके से आर्थिक उछाल में योगदान करते हैं। वास्तव में असंगठित एवं अर्ध-संगठित क्षेत्र में बड़ी संख्या में काम करने वाले लोगों ने वर्ष 2020 में बहुत कुछ खोया। लेकिन इस साल चीजें उत्साहजनक हैं। सरकार ने भी सरकारी कर्मचारियों के लिए बकाया राशि जारी करके, उनके हाथों में अधिक नकदी डालकर, जिसे खर्च किया जा सकता है, अपना काम किया है। आइए, हम उन घटनाओं को देखें, जो अर्थव्यवस्था में बहुत जरूरी पुनरुद्धार और उत्साह लाएंगे, छोटे उद्यमों के व्यवसाय को फिर से शुरू करेंगे और सकारात्मक बदलाव के लिए माहौल तैयार करेंगे।


शैक्षणिक संस्थान: कोविड के चलते स्कूल और कॉलेज परिसर बंद होने के कारण छात्रों को बड़े पैमाने पर नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि ऑनलाइन पढ़ाई शुरू की गई, लेकिन इसकी सीमा थी, जिस कारण बहुत से छात्र इससे वंचित रह गए। इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र के लोगों के प्रवासन के कारण बहुत से छात्रों ने पढ़ाई ही छोड़ दी या उन्हें काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। स्कूल और कॉलेज खुलने से उन छात्रों को मदद मिलेगी और शिक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भी इसका असर पड़ेगा। किताबें, स्टेशनरी, स्कूल यूनिफॉर्म, ट्यूशन, परिवहन और अन्य संबंधित क्षेत्रों में कारोबार शुरू होने से ये क्षेत्र पटरी पर लौट पाएंगे।

यात्रा और अवकाश: एयरलाइंस और रेल मार्गों ने फिर से परिचालन शुरू कर दिया है और इसी तरह थिएटर, रेस्तरां, मॉल और बाजार भी खुल गए हैं। इन सभी क्षेत्रों में रोजगार का स्तर उच्च है, जो ऐसे व्यवसायों और व्यापार में लगे लोगों के लिए शुभ संकेत है। ट्रैवल एजेंट, मूवी हॉल, मनोरंजन उद्योग, खाद्य और पेय उद्योग, होटल, रेलवे, एयरलाइंस और कई अन्य क्षेत्र परोक्ष रूप से इन क्षेत्रों से जुड़े हैं, जिन्हें इन क्षेत्रों के खुलने से लाभ होगा। पर्यटन क्षेत्र अपनी प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार संभावनाओं के साथ न केवल पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने में मदद करेगा, बल्कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।

सवारी और व्यावसायिक वाहन: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि के बावजूद अर्थव्यवस्था में सुधार के साथ कारों की बिक्री धीरे-धीरे बढ़ रही है। बिक्री बढ़ाने के लिए डीलर और कार निर्माता ग्राहकों को काफी छूट और कई लाभ दे रहे हैं। उच्च ईंधन लागत को संबोधित करने के लिए कई ऑटो निर्माताओं ने हरित पहल को समर्थन देने के लिए सरकारी पहल द्वारा समर्थित इलेक्ट्रिक वाहनों में संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। यह क्षेत्र भी भारी रोजगार पैदा करता है और यह लोगों के लिए अपनी कार्यकुशलता में सुधार करने का साधन है। दक्षता, कम संचालन व रखरखाव लागत के कारण हमारे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों का भविष्य सकारात्मक है।

रियल एस्टेट एवं संबंधित क्षेत्र: आर्थिक गतिविधियों में सुधार घर और व्यावसायिक अचल संपत्तियों की खरीद से जुड़ा है। जैसे-जैसे चीजें बेहतर होंगी, वे सभी, जिन्होंने कार्यालय बंद कर दिया था, अपने कार्यालय स्थापित करेंगे और ऐसा ही शहरी क्षेत्रों में प्रवासी आबादी के साथ होता है, जो बेहतर आर्थिक संभावनाओं के लिए शहरों में वापस आते हैं। इससे निर्माण, सीमेंट, टाइल्स, पेंट और सेनेटरी वियर कंपनियों को काफी फायदा होगा। साथ ही, रियल एस्टेट डेवलपर्स, श्रम और सुरक्षाकर्मियों के लिए संभावनाएं बढ़ेंगी।

स्वास्थ्य सेवा: स्वास्थ्य सेवा ही संभवतः ऐसा क्षेत्र था, जिस पर कोविड का सकारात्मक प्रभाव पड़ा, उसमें और बेहतर संभावनाएं दिखाई देंगी, क्योंकि गैर-कोविड नियमित स्वास्थ्य सेवा पुनः पटरी पर लौटेगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवा पर कई राज्य और केंद्र सरकार की परियोजनाओं के शुरू होने के साथ दवा और चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इससे डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सों, तकनीशियनों और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अन्य रोजगार की संभावनाओं में भी वृद्धि होगी, जो एक सुचारू ढंग से संचालित अस्पताल नेटवर्क के लिए जरूरी है।

वित्तीय सेवाएं : शेयर बाजार बढ़त पर है, और बचत वाले लोग शेयर बाजारों में निवेश कर रहे हैं, विशेष रूप से हाल के महीनों में बाजार में आईपीओ की बाढ़ आ गई है। इस बीच, होम लोन की कम ब्याज दरों के साथ, घर खरीदारों के बीच त्योहारी सीजन में घर खरीदने के लिए कर्ज लेने में दिलचस्पी बढ़ी है। जैसे, कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ ‘बाय नाउ पे लेटर’ (बीएनपीएल) ट्रेंड लोगों को अभी खरीदारी करने और बाद में अपनी खरीदारी का भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, वित्तीय सेवा उद्योग ने हाल के वर्षों में इससे अधिक आकर्षक ऑफर नहीं देखा है।

कुल मिलाकर, आंकड़े और रुझान अर्थव्यवस्था और लोगों के मिजाज में तेजी का संकेत देते हैं। लोगों को कोविड संबंधी पाबंदियों और निराशा से बाहर आने पर राहत मिली है। त्योहारों के मौसम ने बस खुशियों के लिए जरूरी बहाना और माहौल बना दिया है। कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जहां अपनी समस्याओं से जूझ रही हैं, वहीं भारत फिर से अपनी बड़ी आबादी का लाभ देख रहा है, जिसमें उन समस्याओं से निपटने के लिए खपत की प्रवृत्ति अंतर्निहित है। उम्मीद की जा रही है कि हम अर्थव्यवस्था और लोगों पर पड़े कोविड की मार से बाहर निकल आए हैं और अब जीवन व आजीविका पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इससे मुक्त हैं।

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