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मुद्दा: दुष्प्रचार की पाकिस्तानी मशीन... घड़ियाली आंसुओं की साजिश में न फंसें; सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल रणनीति..

Fri, 23 May 2025 07:31 AM IST
K S Tomar केएस तोमर
Updated Fri, 23 May 2025 07:31 AM IST
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सार
झूठे आख्यान गढ़कर पाकिस्तान खुद को पीड़ित बताता है, ताकि दुनिया का ध्यान भटक जाए, जबकि आतंक का असली पोषक वही है।
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India vs Pakistan propaganda machine of neighbour conspiracy of crocodile tears All-party delegation strategy
पाकिस्तान कर रहा दुष्प्रचार (प्रतीकात्मक) - फोटो : Freepik

विस्तार

पाकिस्तान के झूठे आख्यान को दुनिया के सामने बेपर्दा करने के लिए भारत के सात सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल विभिन्न देशों का दौरा करेंगे। इनमें पहला दल सांसद संजय झा की अगुवाई में जापान, इंडोनेशिया, मलयेशिया, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर दौरे के लिए बुधवार को रवाना हो चुका है। इस रणनीतिक कदम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के दुष्प्रचार का मुकाबला करते हुए आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थायित्व समेत कई अहम मुद्दों पर भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करना है।



इन दलों में अनुभवी और वरिष्ठ सांसद हैं, जो मेजबान देश के सांसदों, अधिकारियों और बुद्धिजीवियों के सामने पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने और उसके झूठे प्रोपेगैंडा को तथ्यों के साथ प्रभावी ढंग से उजागर करेंगे। इस तरह मित्र राष्ट्रों के साथ सीधा कूटनीतिक जुड़ाव भारत की विश्वसनीयता बढ़ाएगा और उन्हें दक्षिण एशिया की सुरक्षा गतिशीलता की बेहतर जानकारी हो सकेगी। इसके कई महत्वपूर्ण प्रभाव होंगे। पहला, प्रतिनिधिमंडलों का उद्देश्य शांति, क्षेत्रीय स्थायित्व और आतंकवाद के विरुद्ध प्रयासों को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को जाहिर करना है। दूसरा, वे मनगढ़ंत कहानियों के जरिये वैश्विक राय को प्रभावित करने के पाकिस्तान के कुत्सित प्रयासों की कलई खोलेंगे। तीसरा, प्रतिनिधिमंडल भारत के खुलेपन और पारदर्शिता का प्रदर्शन करते हुए द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करेंगे। चौथा, पाकिस्तान से संचालित होने वाले हजारों सोशल मीडिया अकाउंट, जो भारत विरोधी प्रोपेगैंडा चलाते हैं, की सच्चाई सामने रखी जाएगी।


पाकिस्तान का गलत सूचनाएं फैलाने का इतिहास रहा है। उसके दुष्प्रचार का सामना करने के लिए भारत कई मोर्चों पर काम कर रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सामने तथ्य रखकर पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश किया जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर में करारा झटका लगने के बाद पाकिस्तान ने दुष्प्रचार किया, लेकिन मीडिया और अन्य माध्यमों से उसका अच्छे से प्रतिकार किया गया है। तथ्य बताते हैं कि किस तरह पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) द्वारा सोशल मीडिया पर फर्जी अकाउंट के जरिये भारत विरोधी गलत आख्यान गढ़े जाते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार, भ्रामक सूचनाएं प्रसारित करने के लिए आईएसपीआर करीब 20,000 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट संचालित करता है। ये अकाउंट अक्सर भारत और उसके सहयोगियों में मतभेद पैदा करने के लिए विभिन्न जातीय और धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम करते हैं। उदाहरण के लिए, पाकिस्तान से 60 हजार से ज्यादा एक्स (ट्विटर) पर पोस्ट हुए, जिनमें पैगंबर पर विवादित टिप्पणी कर भारत के खिलाफ जनमत बनाने और बहिष्कार कराने की साजिश रची गई। इसके अतिरिक्त, आईएसपीआर एक्स, फेसबुक और यूट्यूब समेत कई प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो और तस्वीरों में छेड़छाड़ कर प्रसारित करता है, जिनमें भारत की आक्रामकता िदखाकर पाकिस्तान को पीड़ित बताया जाता है। हेरफेर कर तैयार की गईं इन पोस्टों को पाकिस्तान समर्थक प्रभावशाली लोगों द्वारा आगे बढ़ाया जाता है, ताकि भारत की कार्रवाइयों के खिलाफ गलत धारणा बनाई जा सके।

ऑपरेशन सिंदूर के परिणामस्वरूप पाकिस्तान ने अपनी साख बचाने और भारत की छवि खराब करने के लिए कई भ्रामक दावे किए। इनमें भारत के हमलों का प्रभावी ढंग से जवाब देना और स्टेट मीडिया चैनल पर गलत वीडियो प्रसारित कर भारतीय एयरक्राफ्ट गिराने जैसे झूठे दावे करना शामिल है, जबकि भारत ने पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी अड्डों और उसके आठ एयरबेस को तबाह कर दिया था। पाकिस्तानी सेना और सरकार ने खुद को पीड़ित बताने के लिए राज्य नियंत्रित मीडिया का दुरुपयोग किया। आईएसपीआर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत के अकारण आक्रमण की वजह से उसके नागरिक मारे गए और धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचा। इस तरह के झूठे आख्यान अंतरराष्ट्रीय सहानुभूति हासिल करने के लिए गढ़े जाते हैं, ताकि दुनिया का ध्यान इससे हट जाए कि पाकिस्तान आतंकी संगठनों को मदद करता है।

पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे और भारत के आंतरिक मामलों को संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच पर उठाकर अंतरराष्ट्रीकरण करने का कुचक्र रचा। इसलिए भारत को पाकिस्तान के झूठ का भंडाफोड़ करने के लिए कई रणनीतिक मोर्चों पर काम करने की जरूरत है। भारत के प्रेस इन्फोर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेकिंग शाखा सोशल मीडिया के झूठ को पकड़ने में लगी हुई है, तो अन्य माध्यमों से भी प्रयास करने होंगे। सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों को कई देशों में भेजने का निर्णय भी भारत के इसी रणनीतिक कदम का हिस्सा है, ताकि आतंकवाद को प्रश्रय देकर खुद को पीड़ित दिखाने का ढोंग रचने वाले पाकिस्तान की साजिशों से दुनिया वाकिफ हो सके और उसके घड़ियाली आंसुओं के षड्यंत्र में न फंसे।

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