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मिट्टी जहां फली-फूली

Sat, 06 Sep 2014 08:34 PM IST
Updated Sat, 06 Sep 2014 08:34 PM IST
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identity of stocak city in danger

स्टोक-ऑन-ट्रेंट, इंग्लैंड के स्टेफोर्डशायर का एक शहर। इसका दूसरा नाम ही है पॉटरी। वजह है यहां सदियों से गढ़ी आ रहीं मिट्टी की कलाकृतियां।

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मगर अब शायद इस शहर की पहचान बन चुकी यह विरासत सिर्फ किताबों का हिस्सा होगी। पॉटरी इंडस्ट्री को इस शहर की पहचान बनाने वाले जोसी वेजवुड की बनाई कलाकृतियां अब कुछ ही दिन की मेहमान हैं।
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दरअसल वेजवुड को मिट्टी के बर्तन बनाने का शौक इस कदर था कि उन्होंने इसके लिए पूरी एक कंपनी ही बना डाली। तब से अब तक इस शहर में पॉटरी इंडस्ट्री का काफी विस्तार हुआ।
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बीते ढाई दशकों में वेजवुड की कंपनी ने कई लाख कलाकृतियां बनाई हैं, जो आज भी ब्रिटेन सहित दुनिया भर में इस्तेमाल की जा रही हैं।

1906 में स्टोक में बने वेजवुड म्यूजियम में उनकी बनाई कलाकृतियों का संरक्षण शुरू किया गया था। इसमें सालों-साल वेजवुड फैक्ट्री में बनाए गए पॉटरी के नमूनों में से 8000 शानदार कलाकृतियों को रखा गया था।


अब वेजवुड की विवरासत संभाल रहे उनके परिववार ने व्यावसायिक लाभ के लिए इन्हें बेचने की योजना बनाई है। नीलामीकर्ताओं ने इस संग्रह की पूरी कीमत 15.75 मिलियन पाउंड बताई है।

मगर एक सुखद खबर यह है कि एक हेरीटेज चैरिटी ने इस नीलामी को रुकवा दिया है। यह चैरिटी इस विरासत को सहेजने के लिए फंड जमा करने में जुटी है, ताकि इसे निजी संग्रहकर्ताओं के हाथ में जाने से रोका जा सके। वेजवुड की इस विरासत को बचाना एक शहर और कला को बचाना भी है।

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